टीवी और फिल्म जगत के लोकप्रिय अभिनेता गुरमीत चौधरी अपनी एक पुरानी और करीबी प्रशंसक मोनिका के निधन से गहरे दुख में हैं। मोनिका काफी वक्त से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जंग लड़ रही थीं। इस दुखद समाचार के सामने आने के बाद अभिनेता ने सोशल मीडिया का सहारा लेकर अपने दिल की बात साझा की। उन्होंने बताया कि समय बीतने के साथ मोनिका महज एक प्रशंसक न रहकर उनके लिए परिवार का एक अभिन्न अंग बन चुकी थीं।
कॅरियर के हर मोड़ पर मिला साथ
गुरमीत चौधरी ने अपने सार्वजनिक संदेश में मोनिका से जुड़ी पुरानी यादों को ताजा किया। उन्होंने इस बात पर गहरा अचरज और दुख जताया कि उन्हें कभी मोनिका की विदाई पर इस तरह लिखना पड़ेगा। गुरमीत के अनुसार, मोनिका उनके पेशेवर सफर के प्रत्येक छोटे और बड़े मुकाम पर हमेशा उनके साथ खड़ी रहीं। चाहे कोई नया प्रोजेक्ट शुरू होना हो या फिर कोई उपलब्धि हासिल करना, मोनिका का लगातार समर्थन और स्नेह अभिनेता को हमेशा मिलता रहा। उन्हें अब भी इस सच को स्वीकार करने में कठिनाई हो रही है कि मोनिका अब उनके बीच नहीं हैं।
डरबन की यादें और मजबूत होता पारिवारिक रिश्ता
अपनी यादों के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए अभिनेता ने साउथ अफ्रीका के शहर डरबन में हुई पुरानी मुलाकातों का खास तौर पर जिक्र किया। जब भी गुरमीत किसी सिलसिले में डरबन की यात्रा पर जाते थे, मोनिका उनसे मिलने जरूर पहुंचती थीं। इन मुलाकातों के जरिए ही दोनों के बीच का यह जुड़ाव धीरे-धीरे इतना मजबूत हो गया कि वह उनके पारिवारिक दायरे में शामिल हो गईं। जब मोनिका ने पहली बार अपने कैंसर की बीमारी के बारे में बताया, तो दोनों के बीच का संपर्क फोन कॉल और वीडियो कॉल के जरिए लगातार बना रहा। गुरमीत लगातार उन्हें हौसला देते रहे और एक योद्धा की तरह बीमारी का मुकाबला करने की प्रेरणा देते रहे। उन्हें हमेशा यह उम्मीद थी कि चीजें बेहतर हो जाएंगी।
प्रेरणा का जरिया और अंतिम विदाई
मोनिका अक्सर गुरमीत को अपनी प्रेरणा बताया करती थीं, मगर अभिनेता ने स्पष्ट किया कि मोनिका का अपना जीवट स्वभाव उनके लिए हिम्मत की बड़ी वजह था। गुरमीत ने कहा,
”मोनिका खुद भी मेरे लिए ताकत का बड़ा जरिया थीं.”उन्होंने याद किया कि मोनिका की आवाज, बातचीत और मिलने पर चेहरे पर आने वाली खुशी की कमी उन्हें हमेशा खलेगी। भारी मन से उन्होंने मोनिका की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इस कठिन घड़ी को सहने की प्रार्थना की।



















