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पैट्रियट मिसाइलों की भारी कमी से यूक्रेन बेबस, कीव पर रूसी हमले में 21 की मौतयूरोप
2 घंटे पहले· 3

पैट्रियट मिसाइलों की भारी कमी से यूक्रेन बेबस, कीव पर रूसी हमले में 21 की मौत

रूस ने रातभर में 351 ड्रोन और 68 मिसाइल दागकर कीव को निशाना बनाया, जिसमें कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई और यूक्रेन की पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की भारी कमी खुलकर सामने आ गई।

सोफी लॉरेंटसोफी लॉरेंटयूरोप संवाददाता 5 मिनट पढ़ें AI के लिए
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यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूस की तरफ से रातभर बरसाई गई मिसाइलों और ड्रोन के हमले ने भारी तबाही मचाई है। हमले में अब तक कम से कम 21 लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों लोग घायल हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि रूस ने जितनी भी बैलिस्टिक मिसाइल दागीं, वे सभी अपने तय निशाने पर सटीक तरीके से जा गिरीं, जिससे साफ हो गया कि यूक्रेन की एयर डिफेंस प्रणाली अब बुरी तरह कमजोर पड़ चुकी है।

कीव में सबसे ज्यादा जानें गईं

स्थानीय प्रशासन के मुताबिक रूस के निशाने पर सबसे ज्यादा राजधानी कीव ही रही, जहां 15 लोगों की मौत हुई और 56 अन्य घायल हुए। कीव क्षेत्रीय प्रशासन के प्रमुख मायकोला कलाशनिक और अन्य अधिकारियों ने बताया कि राजधानी से सटे इलाकों में भी छह लोगों की जान गई और 21 लोग घायल हुए। राहत और बचाव दल फिलहाल उन दो रिहायशी इमारतों के मलबे में जीवित लोगों को ढूंढ रहे हैं, जिन पर सीधा मिसाइल हमला हुआ। गौरतलब है कि इससे ठीक एक हफ्ते पहले बृहस्पतिवार को भी रूस के हमले में कीव में 31 लोगों की मौत हुई थी, जो इस साल राजधानी पर हुआ सबसे घातक हमला माना गया था।

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रूस के रक्षा मंत्रालय ने इस ताजा हमले को यूक्रेन की हाल की लंबी दूरी की सैन्य कार्रवाइयों का जवाब बताया है। मंत्रालय के मुताबिक यूक्रेन की इन कार्रवाइयों से रूस में ईंधन की भारी कमी पैदा हुई थी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर दबाव बढ़ गया था। चार साल से भी ज्यादा वक्त पहले रूस ने यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर हमला बोला था, और हाल के महीनों में ड्रोन तकनीक में हुई तरक्की ने यूक्रेन को युद्ध के मैदान में एक बढ़त दिलाई थी।

पैट्रियट मिसाइलों की कमी बनी सबसे बड़ी मुसीबत

विश्लेषकों और पश्चिमी देशों के अधिकारियों का कहना है कि यूक्रेन ने अग्रिम मोर्चे के पीछे स्थित रूसी सेना के सप्लाई रूट पर हमले करके रूस की रफ्तार धीमी की है और उसकी सैन्य लागत भी बढ़ाई है। लेकिन अब हालात पलटते दिख रहे हैं क्योंकि रूस यूक्रेन की एयर डिफेंस प्रणाली की कमजोरियों का पूरा फायदा उठा रहा है। यूक्रेन बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए मुख्य रूप से अमेरिका में बनी पैट्रियट प्रणाली पर ही निर्भर है, और इसके बिना इस तरह की मिसाइलों को रोक पाना लगभग नामुमकिन हो जाता है।

मुश्किल यह भी है कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की वैश्विक सप्लाई पर भी दबाव बढ़ा दिया है। इन मिसाइलों का उत्पादन पहले से ही सीमित मात्रा में होता है, और फिलहाल इसकी सबसे बड़ी मार यूक्रेन पर ही पड़ रही है। यही वजह है कि माना जा रहा है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की इस हफ्ते तुर्किये के अंकारा शहर में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन में यह मुद्दा जोर-शोर से उठाएंगे।

एक रात में 351 ड्रोन और 68 मिसाइलें

यूक्रेन की वायुसेना के मुताबिक रूस ने एक ही रात में 351 ड्रोन और 68 मिसाइल दागीं, और इनका सबसे बड़ा निशाना कीव ही था। इनमें दागी गई सभी 29 बैलिस्टिक मिसाइल अपने तय लक्ष्यों पर जा पहुंचीं। वायुसेना के प्रवक्ता यूरी इहनात ने राष्ट्रीय टेलीविजन पर कहा कि बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए यूक्रेन के पास पर्याप्त साधन होने ही चाहिए। उन्होंने कहा कि रूस इसी बात का फायदा उठा रहा है कि यूक्रेन ही नहीं, पूरी दुनिया में इंटरसेप्टर मिसाइलों की भारी किल्लत है।

जेलेंस्की बोले, पैट्रियट भंडार में पड़े रहने से रूस को मिल रहा हौसला

नाटो शिखर सम्मेलन से ठीक पहले राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने एक्स पर लिखा कि यूक्रेनी सुरक्षाबलों ने ड्रोन और क्रूज मिसाइलों के हमलों को रोकने में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन बैलिस्टिक मिसाइलों के सामने वे कमजोर साबित हुए, क्योंकि उनके पास इंटरसेप्टर मिसाइलों की पर्याप्त सप्लाई ही नहीं है। जेलेंस्की ने लिखा कि जब तक पैट्रियट मिसाइलें उनके सहयोगी देशों के भंडार में यूं ही पड़ी रहेंगी, तब तक रूस को रिहायशी इमारतों पर हमले जारी रखने का हौसला मिलता रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और यूरोप के पास इस आतंक को रोकने की पूरी क्षमता मौजूद है।

यूक्रेन के रक्षा मंत्री मिखाइलो फेदोरोव ने भी कहा कि रूस अब पहले के मुकाबले कहीं बड़े पैमाने पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमले कर रहा है, और वह पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की भारी कमी का सीधा फायदा उठा रहा है।

रूस का दावा, हथियार फैक्ट्रियां थीं निशाने पर

रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि इस हमले में कीव में मौजूद हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियों को निशाना बनाया गया। मंत्रालय ने यह भी कहा कि उसने एयर डिफेंस सिस्टम की मरम्मत से जुड़े प्रतिष्ठानों के साथ-साथ ईंधन और ऊर्जा ढांचे को भी निशाना बनाया, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। हकीकत यह है कि रूस के हवाई हमलों में बार-बार आम नागरिकों के रिहायशी इलाके भी चपेट में आते रहे हैं।

16,000 से ज्यादा नागरिकों की जान जा चुकी है

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक इस युद्ध में अब तक 16,000 से ज्यादा यूक्रेनी नागरिकों की मौत हो चुकी है। कीव के सैन्य प्रशासन प्रमुख तिमूर तकाचेंको ने टेलीग्राम पर लिखा कि जिन इमारतों पर हमला हुआ, वहां लोग सो रहे थे और अपनी सामान्य जिंदगी जी रहे थे। उन्होंने बताया कि पोडिल्स्की जिले में एक रिहायशी इमारत का एक हिस्सा पूरी तरह ढह गया, जबकि दार्नित्सिया जिले में कई बहुमंजिला इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं और आशंका है कि कुछ लोग अब भी मलबे में दबे हो सकते हैं।

कीव के उपनगर विश्नेवे में बिना फटे गोला-बारूद का खतरा मंडराने के बाद करीब 600 लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। दूसरी तरफ रूस के रक्षा मंत्रालय का दावा है कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने रातभर में यूक्रेन के 519 ड्रोन मार गिराए।

इसका आप पर असर

  • वैश्विक बाजार पर असर: रूस-यूक्रेन युद्ध की तीव्रता बढ़ने से कच्चे तेल और ऊर्जा की वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव आ सकता है, जिसका असर भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम पर भी पड़ सकता है।
  • नाटो देशों पर दबाव: जेलेंस्की की मांग के बाद अमेरिका और यूरोपीय देशों पर पैट्रियट मिसाइलें जल्द भेजने का दबाव बढ़ेगा, जिससे वैश्विक रक्षा आपूर्ति और कूटनीति पर असर पड़ सकता है।

सवाल-जवाब

इस हमले में कितने लोगों की मौत हुई?
हमले में कम से कम 21 लोगों की मौत हुई, जिनमें से 15 अकेले कीव शहर में और छह आसपास के इलाकों में मारे गए।
रूस ने रातभर में कितने ड्रोन और मिसाइल दागे?
यूक्रेन की वायुसेना के मुताबिक रूस ने 351 ड्रोन और 68 मिसाइल दागीं, जिनमें 29 बैलिस्टिक मिसाइल शामिल थीं और सभी अपने लक्ष्य पर जा लगीं।
यूक्रेन की एयर डिफेंस कमजोर क्यों पड़ी?
यूक्रेन के पास बैलिस्टिक मिसाइल रोकने वाली पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की भारी कमी है, जिस वजह से रूस की मिसाइलें बिना रोक-टोक अपने निशाने पर जा गिरीं।
जेलेंस्की ने पैट्रियट मिसाइलों को लेकर क्या कहा?
जेलेंस्की ने कहा कि जब तक पैट्रियट मिसाइलें सहयोगी देशों के भंडार में पड़ी रहेंगी, रूस को हमले जारी रखने का हौसला मिलता रहेगा, जबकि अमेरिका और यूरोप के पास इसे रोकने की पूरी क्षमता है।
यह मुद्दा आगे कहां उठाया जा सकता है?
माना जा रहा है कि राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की इस हफ्ते तुर्किये के अंकारा में हो रहे नाटो शिखर सम्मेलन में पैट्रियट मिसाइलों की कमी का मुद्दा प्रमुखता से उठाएंगे।
अब तक कुल कितने यूक्रेनी नागरिकों की मौत हो चुकी है?
संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक इस युद्ध में अब तक 16,000 से ज्यादा यूक्रेनी नागरिकों की जान जा चुकी है।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने हमले पर क्या दावा किया?
रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसने कीव में हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियों, एयर डिफेंस मरम्मत केंद्रों और ईंधन-ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सोफी लॉरेंट
लेखक के बारे मेंसोफी लॉरेंटयूरोप संवाददाता एम्स्टर्डम
विशेषज्ञतायूरोप समाचार, राजनीति, यूरोपीय संघ, अर्थव्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय संबंध, चुनाव, कूटनीति, ब्रेकिंग न्यूज़, नीति विश्लेषण, भू-राजनीति

सोफी लॉरेंट एक यूरोप संवाददाता हैं जो पूरे यूरोपीय देशों की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े घटनाक्रमों को कवर करती हैं। वे इस क्षेत्र से समय पर अपडेट और विश्लेषण देती हैं।

सोफी लॉरेंट एक यूरोप संवाददाता हैं जो यूरोपीय राजनीति, अंतरराष्ट्रीय संबंध, आर्थिक घटनाक्रम और पूरे महाद्वीप की ब्रेकिंग न्यूज़ की कवरेज में विशेषज्ञता रखती हैं। वे यूरोपीय संघ और अलग-अलग देशों की अहम घटनाओं — चुनाव, नीतिगत बदलाव, कूटनीतिक मामले और क्षेत्रीय संकट — पर रिपोर्ट करती हैं। सटीकता, संदर्भ और स्पष्ट रिपोर्टिंग पर ज़ोर देते हुए सोफी यूरोप के राजनीतिक व आर्थिक परिदृश्य को आकार देने वाले मुद्दों का गहन विश्लेषण देती हैं। उनका काम शासन, व्यापार, सुरक्षा, सामाजिक घटनाक्रम और वैश्विक मामलों में यूरोप की भूमिका को कवर करता है, और पाठकों को जटिल क्षेत्रीय गतिशीलता समझने में मदद करता है।

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