सर्दियों में गर्म पानी से नहाना पड़ सकता है भारी, रूखी और बेजान हो सकती है स्किनआयुष्मान खुराना को जब करण जौहर ने दिखाया था बाहर का रास्ता, स्ट्रगल के दिनों का अनसुना किस्सापेंटागन ने बनाया फोर्ट्रेस प्लान, युद्ध छिड़ने पर 90 दिन तक खुद चलेंगे अमेरिकी सैन्य अड्डेसंसद हमले के दोषी अफजल गुरु पर हामिद अंसारी की टिप्पणी से फिर गरमाई कानूनी और सियासी बहसआर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दौड़ में जर्मनी ने ढीले किए पर्यावरण नियम, डेटा सेंटरों के लिए कचरा गर्मी का दोबारा इस्तेमाल अब अनिवार्य नहींबॉम्बे हाईकोर्ट में इमरान खान के नोटिस पर सुनवाई, क्या देश छोड़ना होगा या मिलेगी कानूनी राहतलता-आशा के भाई हृदयनाथ मंगेशकर: भगवद्गीता के श्लोकों को रागों में ढालकर बनाई खास पहचानबस्तर की अनोखी केउ सब्जी: चना और कम मसालों के साथ ऐसे बनाएं यह पारंपरिक व्यंजनमिथुन समेत 4 राशियों को धन लाभ, जानिए 26 अक्टूबर 2026 का राशिफलमोतियाबिंद की सर्जरी सिर्फ सर्दियों में ही होती है या किसी भी मौसम में संभव, जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ
सर्बिया चुनाव में छात्रों के आंदोलन के आगे झुके अलेक्सांद्र वुचिच, स्वीकार की ऐतिहासिक हारयूरोप
26 अक्तू॰ 2026, 4:37 am (1 घंटे पहले)· 2

सर्बिया चुनाव में छात्रों के आंदोलन के आगे झुके अलेक्सांद्र वुचिच, स्वीकार की ऐतिहासिक हार

सर्बिया में हुए मध्यावधि संसदीय चुनावों में राष्ट्रपति अलेक्सांद्र वुचिच ने छात्रों के नेतृत्व वाले विरोध आंदोलन के हाथों अपनी पार्टी की हार स्वीकार कर ली है।

सर्बिया के लंबे समय से सत्ता में रहे दक्षिणपंथी लोकलुभावन नेता अलेक्सांद्र वुचिच ने देश के मध्यावधि संसदीय चुनाव में ऐतिहासिक उलटफेर स्वीकार कर लिया है। राजधानी बेलग्रेड स्थित अपनी पार्टी सर्बियन प्रोग्रेसिव पार्टी (एसएनएस) के मुख्यालय से देश को संबोधित करते हुए उन्होंने माना कि इस चुनाव में छात्रों के नेतृत्व वाले विरोध आंदोलन ने बाजी मार ली है। हालांकि देश के चुनाव आयोग की ओर से अभी अंतिम और आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए गए हैं, लेकिन रुझानों के स्पष्ट संकेत के बाद उन्होंने अपनी पराजय स्वीकार करने में तनिक भी देर नहीं लगाई।

एसएनएस मुख्यालय में रविवार देर रात सार्वजनिक रूप से बोलते हुए अलेक्सांद्र वुचिच ने कहा,

"हमारे पास अभी अंतिम नतीजे नहीं हैं... यह स्पष्ट है कि हम ये चुनाव हार चुके हैं।"
उनकी इस अप्रत्याशित स्वीकारोक्ति ने पिछले कई वर्षों से बाल्कन राष्ट्र की राजनीति पर काबिज राजनीतिक वर्चस्व के अंत का संकेत दे दिया है।

ये भी पढ़ें

सड़कों पर उमड़ा जश्न, छात्रों ने लगाए 'जीत' के नारे

अलेक्सांद्र वुचिच के हार स्वीकार करते ही राजधानी बेलग्रेड की सड़कों पर हजारों युवाओं और नागरिकों का हुजूम उतर आया। सर्बियाई राजधानी की सड़कें अचानक उत्सव के रंग में रंग गईं। रात के सन्नाटे में कारों के लगातार बजते हॉर्न और चारों तरफ गूंजते 'जीत' के नारे इस बदलाव की गवाही दे रहे थे। महीनों तक सत्ता विरोधी प्रदर्शनों का नेतृत्व करने वाले छात्र समूहों के लिए यह परिणाम उनकी लंबी और कठिन राजनीतिक लड़ाई का सबसे बड़ा मुकाम साबित हुआ है।

भारी मतदान ने पलटा सर्बिया का सियासी पासा

सर्बिया के चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, इन मध्यावधि चुनावों में मतदान का एक नया रिकॉर्ड दर्ज किया गया है। चुनाव विश्लेषकों और जानकारों ने पहले ही इस बात का आकलन पेश किया था कि यदि मतदान प्रतिशत सामान्य से बहुत अधिक रहता है, तो उसका सीधा लाभ छात्रों के इस व्यापक आंदोलन को मिलेगा। मतदाताओं के भारी उत्साह और कतारों ने यह साबित कर दिया कि सत्ता विरोधी लहर देश के आम लोगों को मतदान केंद्रों तक खींच लाने में पूरी तरह कामयाब रही।

नोवी साद स्टेशन हादसे के बाद भड़का था जनाक्रोश

इस पूरे राजनीतिक संकट और समय पूर्व चुनाव की नींव साल 2024 में उस वक्त पड़ी थी, जब नोवी साद शहर के रेलवे स्टेशन पर एक बड़ा हादसा हुआ था। स्टेशन पर बने कंक्रीट के कैनोपी के अचानक ढह जाने से 16 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी। इस दिल दहला देने वाली त्रासदी को पूरे सर्बिया में सरकारी लापरवाही, खराब निर्माण गुणवत्ता और गहरे संस्थागत भ्रष्टाचार के प्रतीक के रूप में देखा गया। हादसे के बाद पूरे देश में भारी जनाक्रोश फूट पड़ा था।

दो साल के व्यापक विरोध के बाद हुआ था मध्यावधि चुनाव का फैसला

नोवी साद की इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे सर्बिया में लगातार दो वर्षों तक व्यापक विरोध प्रदर्शनों का दौर चला। छात्रों और युवा संगठनों ने इन प्रदर्शनों की कमान संभाली और देश भर के विश्वविद्यालयों से लेकर मुख्य चौराहों तक सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। लगातार बढ़ते जनदबाव और सड़कों पर जारी प्रदर्शनों के चलते अलेक्सांद्र वुचिच को देश में मध्यावधि संसदीय चुनाव कराने के लिए बाध्य होना पड़ा था। अब इन चुनावों के नतीजों ने सर्बियाई राजनीति को एक नए मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है।

सवाल-जवाब

सर्बिया के मध्यावधि संसदीय चुनाव में किसकी हार हुई है?
सर्बिया के लंबे समय से नेता रहे अलेक्सांद्र वुचिच और उनकी पार्टी सर्बियन प्रोग्रेसिव पार्टी (एसएनएस) ने इन चुनावों में अपनी हार स्वीकार कर ली है।
इन चुनावों में किसे जीत हासिल हुई है?
इन चुनावों में छात्रों के नेतृत्व वाले विरोध आंदोलन को निर्णायक जीत मिली है, जिसका अलेक्सांद्र वुचिच ने स्वयं ऐलान किया।
अलेक्सांद्र वुचिच ने हार की घोषणा कहां से की?
उन्होंने रविवार देर रात राजधानी बेलग्रेड स्थित अपनी पार्टी सर्बियन प्रोग्रेसिव पार्टी (एसएनएस) के मुख्यालय से यह घोषणा की।
सर्बिया में मध्यावधि चुनाव क्यों कराए गए थे?
साल 2024 में नोवी साद रेलवे स्टेशन की छत गिरने से 16 लोगों की मौत के बाद भड़के दो साल के लंबे विरोध प्रदर्शनों के चलते ये चुनाव कराने पड़े थे।
चुनाव परिणाम आने के बाद राजधानी बेलग्रेड में क्या माहौल था?
घोषणा के बाद बेलग्रेड की सड़कों पर जश्न शुरू हो गया, जहां कारों के हॉर्न बजाए गए और छात्रों ने 'जीत' के नारे लगाए।
मतदान प्रतिशत के बारे में चुनाव आयोग के शुरुआती आंकड़ों ने क्या बताया?
चुनाव आयोग के शुरुआती आंकड़ों ने संकेत दिया कि चुनाव में रिकॉर्ड मतदान हुआ, जिससे विश्लेषकों के अनुसार छात्र आंदोलन को सीधा फायदा मिला।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·2 मिनट पहले

छात्रों के आंदोलन के सामने इतनी जल्दी हार मान लेना थोड़ा अजीब लग रहा है। वुचिच जैसे मंझे हुए नेता बिना किसी पेंच के इतनी आसानी से पीछे नहीं हटते, हो सकता है इसके पीछे कोई और सियासी चाल हो।

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·23 मिनट पहले

युवाओं की ताकत सचमुच कमाल होती है। जब छात्र ठान लें, तो बड़े से बड़ा दिग्गज भी झुक जाता है।

Li Wei@li-wei·23 मिनट पहले

आयशा जी, सच कहा आपने। नोवी साद हादसे के बाद जिस तरह दो साल तक युवा सड़कों पर डटे रहे, उसका असर दिख ही गया।

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·47 मिनट पहले

नोवी साद हादसे के बाद दो साल तक सड़कों पर डटे रहना वाकई बड़ी बात है, छात्रों ने दिखा दिया कि हिम्मत हो तो सत्ता को झुकना ही पड़ता है।

Ravikash Gupta@ravikash·47 मिनट पहले

ओमर भाई, हिम्मत तो माननी पड़ेगी, पर मुझे शक है कि सत्ता छोड़ने के बाद ये लोग इतनी आसानी से सब कुछ नई सरकार के हाथ में सौंप देंगे।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp