परीक्षा से एक रात पहले, आज तैयारी की असली परीक्षा
नीट यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा कल 21 जून को होने वाली है और इसकी अंतिम तैयारी को परखने के लिए आज शनिवार को देशभर के सभी परीक्षा केंद्रों पर मॉक ड्रिल चल रही है। पिछले कुछ समय से विवादों और कानूनी पेचीदगियों में उलझी इस परीक्षा को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) इस बार किसी भी तरह की चूक के लिए बिल्कुल तैयार नहीं है। ड्रिल का मकसद एक ही है कि कल परीक्षा के दिन कोई भी तकनीकी खामी या प्रशासनिक लापरवाही न हो और परीक्षा पारदर्शी तरीके से संपन्न हो।
ड्रिल में क्या-क्या चेक हो रहा है
एनटीए अधिकारियों के मुताबिक आज की इस ड्रिल में कई अहम पहलू जांचे जा रहे हैं। सवाल पत्रों को परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है। जैमर्स की कार्यक्षमता चेक की जा रही है, बायोमेट्रिक उपकरण परखे जा रहे हैं और CCTV कैमरों की लाइव कनेक्टिविटी भी सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही विभिन्न सरकारी और प्रशासनिक एजेंसियों के बीच तालमेल को भी बेहतर किया जा रहा है ताकि कल केंद्र पर पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को किसी भी अव्यवस्था का सामना न करना पड़े।
NTA मुख्यालय बना किला, कंट्रोल रूम हुआ सक्रिय
दिल्ली में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के मुख्यालय की सुरक्षा को कई गुना बढ़ा दिया गया है। हाल के विवादों और छात्रों के विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए ऑफिस के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है और बैरिकेडिंग लगाई गई है। मुख्यालय में एक केंद्रीय कंट्रोल रूम सक्रिय किया गया है जहां से पूरे देश के सभी परीक्षा केंद्रों की एक साथ लाइव निगरानी होगी। इस व्यवस्था का मकसद किसी भी बाहरी हस्तक्षेप या गड़बड़ी को तुरंत रोकना है।
कल दोपहर 2 बजे से 5:15 तक, देरी पर प्रवेश बंद
पुनर्परीक्षा पेन-एंड-पेपर यानी ऑफलाइन मोड में होगी। परीक्षा दोपहर 2:00 बजे शुरू होकर शाम 5:15 बजे खत्म होगी। NTA ने अभ्यर्थियों को पहले ही निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने एडमिट कार्ड पर दिए गए रिपोर्टिंग समय के अनुसार केंद्र पर पहुंचें। इस बार फ्रिस्किंग और सुरक्षा जांच की प्रक्रिया बेहद कड़ी रहेगी और देरी से आने वाले किसी भी उम्मीदवार को किसी भी सूरत में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
22.79 लाख उम्मीदवार, 551 भारतीय और 14 विदेशी शहर
इस परीक्षा का दायरा बेहद विशाल है। पूरे देश से 22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थी इस पुनर्परीक्षा में बैठेंगे। भारत में 551 शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसके अलावा विदेश में भी 14 शहरों में परीक्षा आयोजित होगी जहां भारतीय दूतावासों और स्थानीय प्रशासन की मदद से सुरक्षा और निगरानी की मजबूत व्यवस्था की गई है।













