संघ लोक सेवा आयोग द्वारा 02 अगस्त 2026 को कंबाइंड मेडिकल सर्विसेज (यूपीएससी सीएमएस) परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। मेडिकल की पढ़ाई पूरी कर चुके अभ्यर्थियों और एमबीबीएस के फाइनल ईयर के छात्रों के लिए केंद्र सरकार के प्रमुख अस्पतालों एवं स्वास्थ्य विभागों में सीधे क्लास-1 मेडिकल ऑफिसर बनने का यह बेहद सुनहरा अवसर है। हर वर्ष देश भर से लाखों डॉक्टर इस प्रतिष्ठित परीक्षा में शामिल होते हैं। परीक्षा का आयोजन कल यानी 02 अगस्त को होना है, ऐसे में अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा हॉल के नियम, मार्किंग स्कीम, पेपर पैटर्न और अंतिम समय के महत्वपूर्ण निर्देशों को समझना अत्यंत आवश्यक है। परीक्षा केंद्र पर की गई एक छोटी सी गलती महीनों की कड़ी मेहनत को प्रभावित कर सकती है।
यूपीएससी सीएमएस परीक्षा से मिलने वाले करियर अवसर और पात्रता नियम
यूपीएससी सीएमएस परीक्षा के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में अधिकारियों की भर्ती की जाती है। इसके तहत सफल उम्मीदवारों को भारतीय रेलवे, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC), म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (MCD) और केंद्र सरकार के अधीन संचालित अस्पतालों में स्थायी क्लास-1 मेडिकल ऑफिसर के पद पर नियुक्ति मिलती है। यह डॉक्टरों के लिए एक सुरक्षित, सम्मानित और उच्च स्तरीय सरकारी करियर विकल्प प्रदान करता है।
योग्यता मानदंडों की बात करें तो इस परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से एमबीबीएस की डिग्री होना अनिवार्य है। वे उम्मीदवार भी आवेदन करने के पात्र हैं जो वर्तमान में एमबीबीएस के अंतिम वर्ष में अध्ययनरत हैं और जिनकी प्रैक्टिकल परीक्षाएं या इंटर्नशिप पूरी होना बाकी है। इस परीक्षा के लिए सामान्यतः अधिकतम आयु सीमा 32 वर्ष निर्धारित की गई है, हालांकि सरकारी नियमों के अनुसार विभिन्न आरक्षित श्रेणियों के उम्मीदवारों को आयु सीमा में नियमानुसार छूट प्रदान की जाती है।
600 अंकों की चयन प्रक्रिया और लिखित परीक्षा का विस्तृत पैटर्न
यूपीएससी सीएमएस 2026 की चयन प्रक्रिया को मुख्य रूप से दो चरणों में विभाजित किया गया है। पहला चरण कंप्यूटर आधारित लिखित परीक्षा (CBT) का होता है जो कुल 500 अंकों का होता है। दूसरा चरण पर्सनालिटी टेस्ट या इंटरव्यू का होता है, जिसके लिए 100 अंक निर्धारित हैं। लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के अंकों को मिलाकर कुल 600 अंकों के आधार पर अंतिम मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है।
लिखित परीक्षा एक ही दिन में दो अलग-अलग सत्रों में आयोजित की जाती है। प्रत्येक पेपर को हल करने के लिए उम्मीदवारों को 2-2 घंटे का समय दिया जाता है
- पेपर-1 (250 अंक): इसमें कुल 120 ऑब्जेक्टिव (MCQ) प्रश्न पूछे जाते हैं। इनमें से 96 सवाल जनरल मेडिसिन विषय से और 24 सवाल पीडियाट्रिक्स (बाल रोग) विषय से संबंधित होते हैं।
- पेपर-2 (250 अंक): इस पेपर में भी 120 ऑब्जेक्टिव प्रश्न होते हैं। इन्हें तीन विषयों में समान रूप से बांटा गया है, जिनमें 40 सवाल सर्जरी से, 40 सवाल गायनिकोलॉजी एंड ऑब्स्टेट्रिक्स से और 40 सवाल कम्युनिटी मेडिसिन या पीएसएम से पूछे जाते हैं।
निगेटिव मार्किंग नियम और परीक्षा हॉल में उत्तर की सटीक रणनीति
यूपीएससी सीएमएस की लिखित परीक्षा में निगेटिव मार्किंग का कड़ा प्रावधान लागू रहता है। प्रत्येक गलत उत्तर देने पर उम्मीदवार के 1/3 अंक यानी 0.33 अंक काट लिए जाते हैं। वहीं, यदि उम्मीदवार किसी प्रश्न को बिना उत्तर दिए छोड़ देता है, तो उस पर किसी भी प्रकार की पेनल्टी या अंक कटौती लागू नहीं होती है।
निगेटिव मार्किंग से बचने के लिए अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा हॉल में सबसे पहले उन प्रश्नों को हल करें जिनके उत्तर को लेकर वे पूरी तरह आश्वस्त हों। जिन प्रश्नों में संदेह हो, उनमें अनजाने में तुक्का लगाने से बचें क्योंकि गलत जवाब सीधे तौर पर आपके कुल प्राप्तांक को घटा सकता है। इसके अलावा, परीक्षा के दौरान समय प्रबंधन का विशेष ध्यान रखें और दोनों पेपरों के प्रत्येक सेक्शन को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने का प्रयास करें।
परीक्षा से एक दिन पहले ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें
02 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाली इस परीक्षा से ठीक एक दिन पहले पढ़ाई को लेकर तनाव लेने से बचना चाहिए। आखिरी समय में किसी भी नए विषय या थ्योरी को पढ़ने का प्रयास न करें, क्योंकि इससे भ्रम और असमंजस की स्थिति पैदा हो सकती है। इस समय केवल अपने बनाए गए शॉर्ट नोट्स और महत्वपूर्ण फॉर्मूलों का ही सरसरी तौर पर रिवीजन करें।
परीक्षा के दिन मानसिक रूप से सतर्क और तरोताजा रहने के लिए परीक्षा से पूर्व रात में कम से कम 7 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद लेना बेहद जरूरी है। शांत दिमाग से परीक्षा हॉल में जाने पर प्रश्नों को समझने और सही उत्तर चुनने की क्षमता में काफी सुधार होता है।
परीक्षा केंद्र के अनिवार्य नियम और आवश्यक दस्तावेज
परीक्षा वाले दिन केंद्र पर किसी भी परेशानी से बचने के लिए संघ लोक सेवा आयोग के सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है। उम्मीदवारों को अपने साथ ई-एडमिट कार्ड (e-Admit Card) का स्पष्ट प्रिंटआउट और एक मूल फोटो पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस) अवश्य ले जाना चाहिए।
समय के पालन को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतनी होगी। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र के गेट बंद होने के निर्धारित समय से कम से कम 30 से 45 मिनट पहले पहुंच जाना चाहिए। गेट बंद होने के बाद किसी भी परिस्थिति में किसी भी उम्मीदवार को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इसके अतिरिक्त, परीक्षा परिसर के भीतर किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर या अन्य गैजेट ले जाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इन नियमों का उल्लंघन करने पर उम्मीदवार की उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है।


















