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28 अगस्त को राखी बांधने के लिए मिलेगा पूरा दिन, सात दशक बाद बना यह दुर्लभ खगोलीय योगत्योहार
12 अग॰ 2026, 6:54 pm (49 दिन पहले)· 2

28 अगस्त को राखी बांधने के लिए मिलेगा पूरा दिन, सात दशक बाद बना यह दुर्लभ खगोलीय योग

इस बार रक्षाबंधन पर 70 साल बाद दुर्लभ नक्षत्र संयोग बना है, जिससे भद्रा का साया नहीं रहेगा और बहनें 28 अगस्त को दिनभर राखी बांध सकेंगी, हालांकि तीन मुहूर्त सबसे शुभ माने गए हैं।

सावन पूर्णिमा के दिन देशभर में मनाए जाने वाला रक्षाबंधन इस बार सामान्य मौकों से कहीं ज्यादा खास बनने जा रहा है। ज्योतिष गणना के मुताबिक 70 साल बाद ऐसा नक्षत्र संयोग बन रहा है जो बहनों को अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए पूरे दिन का समय देगा। यह संयोग बीते सात दशकों में पहली बार देखने को मिल रहा है, इसलिए इसे ज्योतिष जगत में बेहद दुर्लभ माना जा रहा है। काशी के ज्योतिषाचार्य स्वामी कन्हैया महाराज के अनुसार इस साल 28 अगस्त को पूरे देश में यह पर्व मनाया जाएगा।

भद्रा का साया इस बार नहीं पड़ेगा

पिछले कई वर्षों से रक्षाबंधन पर भद्रा का साया रहता आया है, जिसकी वजह से बहनों को राखी बांधने के लिए बहुत कम समय मिल पाता था। वैदिक पंचांग के हिसाब से इस बार भद्रा 28 अगस्त को सूर्योदय से पहले ही खत्म हो जाएगी। यानी दिन शुरू होते ही बहनें बिना किसी रुकावट के अपने भाइयों को राखी बांध सकेंगी। ज्योतिषाचार्य के मुताबिक भद्रा रहित यह दिन बहनों के लिए राहत भरा साबित होगा, क्योंकि उन्हें राखी बांधने के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। स्वामी कन्हैया महाराज ने बताया कि इस दिन शतभिषा नक्षत्र और अतिगंड योग का संयोग भी बन रहा है। साथ ही चंद्रमा शनि की राशि कुंभ में गोचर कर रहा है, जिससे यह तिथि ज्योतिषीय रूप से और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

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राखी बांधने के तीन सबसे शुभ मुहूर्त

हालांकि स्वामी कन्हैया महाराज के मुताबिक 28 अगस्त को दिनभर राखी बांधी जा सकती है, लेकिन तीन समय ऐसे हैं जिन्हें सबसे उत्तम माना गया है। सबसे पहला और सबसे शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 36 मिनट से 9 बजकर 45 मिनट के बीच है। इसके बाद दोपहर 12 बजकर 03 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट का समय भी राखी बांधने के लिए अच्छा बताया गया है। तीसरा शुभ मुहूर्त शाम को 7 बजकर 43 मिनट से 9 बजकर 30 मिनट के बीच रहेगा। ज्योतिषाचार्य के मुताबिक इन तीनों मुहूर्त में राखी बांधने से भाइयों की किस्मत में चार चांद लग सकते हैं।

राहुकाल में भूलकर भी न बांधें राखी

इस शुभ दिन पर एक समय ऐसा भी है जिसमें राखी बांधने से बचना चाहिए। सुबह 10 बजकर 54 मिनट से 12 बजकर 02 मिनट के बीच राहुकाल रहेगा। शास्त्रों में राहुकाल को किसी भी शुभ या मांगलिक काम के लिए उचित नहीं माना जाता। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार राहुकाल में नए काम की शुरुआत, पूजा-पाठ या मांगलिक अनुष्ठान करने से बचा जाता है, इसलिए इस दौरान रक्षासूत्र बांधने से भी परहेज करने की सलाह दी गई है।

सवाल-जवाब

रक्षाबंधन 2026 किस तारीख को मनाया जाएगा?
इस साल रक्षाबंधन 28 अगस्त को देशभर में मनाया जाएगा।
इस साल रक्षाबंधन इतना खास क्यों माना जा रहा है?
70 साल बाद ऐसा नक्षत्र संयोग बन रहा है जिसमें भद्रा सूर्योदय से पहले ही खत्म हो जाएगी, जिससे पूरे दिन राखी बांधी जा सकेगी।
राखी बांधने का सबसे शुभ मुहूर्त कौन सा है?
सुबह 6 बजकर 36 मिनट से 9 बजकर 45 मिनट के बीच का समय सबसे शुभ मुहूर्त माना गया है।
क्या 28 अगस्त को पूरे दिन राखी बांधी जा सकती है?
हां, क्योंकि इस बार भद्रा का साया नहीं रहेगा, हालांकि राहुकाल के समय राखी बांधने से बचना चाहिए।
राहुकाल कब है और इस दौरान राखी क्यों नहीं बांधनी चाहिए?
राहुकाल सुबह 10 बजकर 54 मिनट से 12 बजकर 02 मिनट तक रहेगा, और शास्त्रों में इसे शुभ कार्यों के लिए उचित नहीं माना जाता।
यह जानकारी किसने दी है?
काशी के ज्योतिषाचार्य स्वामी कन्हैया महाराज ने यह जानकारी दी है।
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