राजस्थान के राजसमंद जिले में सस्ते स्क्रैप का लालच देकर वाहन चालकों और व्यापारियों को सुनसान इलाके में बुलाकर लूटने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. भीम थाना पुलिस ने इस डकैती कांड की गुत्थी सुलझाते हुए गिरोह के सात सदस्यों को बापर्दा गिरफ्तार कर लिया है. इस गिरोह ने सस्ते दाम में कबाड़ बेचने का झांसा देकर एक ट्रक को बुलाया था और फिर चालक व व्यापारी के साथ मारपीट कर लगभग 9 लाख रुपये की डकैती की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए थे. बदमाशों को सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए पुलिस दल को एक हजार तीन सौ किलोमीटर का लंबा सफर तय करना पड़ा और कई जिलों में लगातार छापेमारी करनी पड़ी.
सस्ते स्क्रैप का जाल बिछाकर सुनसान जगह बुलाते थे आरोपी
जांच में सामने आया है कि इस गिरोह के काम करने का तरीका बेहद सुनियोजित और खतरनाक था. गिरोह के सदस्य व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों को बाजार से काफी कम कीमत पर स्क्रैप उपलब्ध कराने का लालच देते थे. जब कोई ग्राहक इनके झांसे में आ जाता, तो उसे माल लोड करने के बहाने किसी सुनसान और निर्जन स्थान पर ट्रक या अन्य वाहन लेकर बुलाया जाता था. जैसे ही पीड़ित तय स्थान पर पहुंचते, घात लगाकर बैठे बदमाश उन पर अचानक हमला कर देते थे. पीड़ितों के साथ बेरहमी से मारपीट की जाती थी और उनके पास मौजूद पूरी नकदी, मोबाइल फोन और अन्य कीमती सामान छीनकर बदमाश मौके से भाग निकलते थे. भीम थाना क्षेत्र में भी बदमाशों ने इसी कार्यप्रणाली का इस्तेमाल करते हुए करीब 9 लाख रुपये की डकैती डाली थी.
300 कैमरों की फुटेज खंगाली और 10 से 12 जिलों में दी दबिश
डकैती की इस गंभीर वारदात के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई और फरार बदमाशों की धरपकड़ के लिए सघन अभियान शुरू किया गया. आरोपियों की पहचान सुनिश्चित करने और उनके भागने की दिशा का सटीक पता लगाने के लिए जांच टीम ने रास्तों पर लगे 300 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज बारीकी से जांची. अलग-अलग चौराहों और टोल प्लाजा के कैमरों की कड़ियों को आपस में जोड़कर पुलिस ने बदमाशों की हर हलचल का नक्शा तैयार किया. इसके बाद पुलिस टीम ने लगभग 1300 किलोमीटर तक लगातार आरोपियों का पीछा किया. जांच के दौरान टीम ने 10 से 12 जिलों में स्थित संदिग्ध ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दी. इसी अथक खोजबीन के बाद आखिरकार सातों आरोपियों को घेरकर पकड़ने में सफलता मिली.
थानाधिकारी दिलीप खदाव के नेतृत्व में गठित विशेष टीम की कार्रवाई
इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए भीम थानाधिकारी दिलीप खदाव के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया था. इस टीम ने वारदात के दिन से ही लगातार तकनीकी साक्ष्य और जमीनी खुफिया सूचनाएं जुटाने पर काम किया. अलग-अलग जिलों में स्थानीय परिस्थितियों के बीच छापेमारी करते हुए टीम ने गिरोह के संभावित ठिकानों पर नजर रखी. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी सातों आरोपियों को फिलहाल बापर्दा रखा गया है ताकि कानूनी प्रक्रिया के तहत उनकी शिनाख्त परेड कराई जा सके.
हत्या, अपहरण और डकैती के कई मुकदमों में वांछित हैं आरोपी
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की कुंडली खंगालने पर उनके बेहद संगीन आपराधिक अतीत की जानकारी सामने आई है. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, पकड़े गए बदमाशों के खिलाफ विभिन्न थानों में हत्या, जानलेवा हमला यानी हत्या के प्रयास, फिरौती के लिए अपहरण, लूट, नकबजनी और चोरी के कई गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं. इस आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए अंदेशा जताया जा रहा है कि यह अंतरजिला गिरोह लंबे समय से इस तरह के हथकंडे अपनाकर कई राज्यों या जिलों में वारदातों को अंजाम दे रहा था. पुलिस अब रिमांड के दौरान आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है, ताकि गिरोह से जुड़े अन्य फरार साथियों और पूर्व में की गई अन्य अनसुलझी वारदातों का पूरा ब्योरा हासिल किया जा सके.


















