राजस्थान के अजमेर में बुधवार को राज्य परिवहन निगम के कर्मचारियों ने साथी चालक के साथ हुई मारपीट की घटना को लेकर कड़ा विरोध जताया। पुष्कर से गंगापुर रूट पर संचालित हो रही बस के चालक के साथ कथित बदसलूकी और हाथापाई के तुरंत बाद गुस्साए रोडवेज कर्मचारियों ने जिला कलेक्ट्रेट के पास अंबेडकर सर्किल पर अपनी गाड़ियां आड़ी-तिरछी खड़ी कर दीं। इस अचानक किए गए चक्का जाम के चलते कलेक्ट्रेट के सामने वाले मुख्य मार्ग पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे समूची आवाजाही ठप पड़ गई और आम राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
पुष्कर से गंगापुर रूट की बस में विवाद की शुरुआत
यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब राजस्थान रोडवेज की एक बस पुष्कर से यात्रियों को लेकर गंगापुर की ओर जा रही थी। बस का संचालन कर रहे चालक भगवान सहाय ने आरोप लगाया कि पुलिस की वर्दी पहने एक शख्स ने नशे की हालत में उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और थप्पड़ मारते हुए मारपीट की। घटना की खबर बस स्टैंड और डिपो में कार्यरत अन्य स्टाफ तक पहुंचते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया। साथी चालक के साथ सरेराह हुई इस हरकत से नाराज कर्मचारियों ने एकजुट होकर तुरंत बस सेवा रोक दी और विरोध प्रदर्शन का रास्ता चुना।
अंबेडकर सर्किल पर वाहनों की कतारें और पुलिस की समझाइश
आक्रोशित कर्मचारियों ने बस स्टैंड के बाहर अंबेडकर सर्किल के चौराहे को चारों तरफ से बसों से घेर लिया। व्यस्ततम चौराहे पर बसों के खड़े होते ही कलेक्ट्रेट के बाहर मुख्य सड़क पर जाम की गंभीर स्थिति पैदा हो गई। चक्का जाम की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया और मौके पर बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने सड़क पर डटे रोडवेज कर्मचारियों से सीधी बातचीत शुरू की। करीब आधे घंटे तक चली कड़ी समझाइश और मान-मनौव्वल के बाद कर्मचारी अपनी बसें सड़क से हटाने पर राजी हुए, जिसके बाद वहां फंसी गाड़ियां धीरे-धीरे आगे बढ़ सकीं और यातायात बहाल हुआ।
सीसीटीवी फुटेज से आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
सड़क खाली कराने के बाद पुलिस ने मामले की तहकीकात शुरू कर दी है। घटना के संबंध में आवश्यक जानकारी जुटाने के लिए पीड़ित चालक भगवान सहाय तथा मौके पर मौजूद कुछ अन्य व्यक्तियों को संबंधित थाने ले जाया गया, जहां उनके बयान दर्ज किए गए। मौके के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि वर्दी में मारपीट करने वाले व्यक्ति की सटीक पहचान की जा सके। सिविल लाइन थाना प्रभारी शंभू सिंह शेखावत ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषी पाए जाने वाले शख्स के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


















