सुहागिनों के सबसे खास और पावन पर्वों में से एक करवा चौथ पर पूरे दिन निर्जला उपवास रखा जाता है, जिसके बाद रात के समय चंद्रमा को अर्घ्य देकर ही व्रत खोला जाता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार इस विशेष दिन चंद्र देव के दीदार करना बेहद अनिवार्य होता है, क्योंकि इसके बिना उपवास को पूर्ण नहीं माना जाता है। हालांकि कई बार ऐसा भी होता है कि मौसम खराब होने, आसमान में घने बादल छाने या बारिश आ जाने के कारण समय पर चांद नजर नहीं आता है। ऐसी स्थिति में व्रती महिलाओं के मन में संशय पैदा हो जाता है कि वे अपना उपवास कैसे संपन्न करें। अगर आपके क्षेत्र में भी ऐसा ही अवरोध उत्पन्न हो जाए और चंद्र दर्शन संभव न हो सकें, तो कुछ धार्मिक पद्धतियों को अपनाकर आसानी से व्रत खोला जा सकता है।
भगवान शिव की पूजा से करें व्रत पूरा
यदि आपके शहर में चंद्रोदय का निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी आसमान में चांद दिखाई नहीं दे रहा है, तो आप भगवान शिव की तस्वीर या प्रतिमा के दर्शन करके अपना उपवास खोल सकती हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार महादेव के मस्तक पर स्वयं चंद्र देव विराजमान रहते हैं। यदि आपके घर में ऐसी कोई तस्वीर या मूर्ति उपलब्ध नहीं है, तो आप किसी नजदीकी शिव मंदिर में जाकर दर्शन कर सकती हैं और चंद्रमा का स्मरण करके विधिपूर्वक अपना व्रत पूरा कर सकती हैं।
चावल से चंद्रमा बनाकर करें पूजा
आप जिस दिशा से चंद्रमा के निकलने की उम्मीद है, वहां एक साफ चौकी रखकर उस पर लाल रंग का वस्त्र बिछा सकती हैं। इसके बाद उस स्थान पर चावल की मदद से चंद्रमा की आकृति बना लें। इसी चित्रित या काल्पनिक चांद को छलनी से देखकर चंद्र देव का पूजन करें। इस दौरान पूरी श्रद्धा के साथ 'ॐ चंद्राय नमः' या 'ॐ सोम सोमाय नमः' मंत्र का उच्चारण करें। इसके बाद आप करवा चौथ व्रत का सफलतापूर्वक पारण कर सकती हैं।
पंचांग और समय के अनुसार मान लें चंद्रोदय
आप अपने शहर के स्थानीय पंचांग में दिए गए चंद्रोदय के समय का इंतजार कर सकती हैं। यदि उस निश्चित समय पर भी आसमान में चांद नजर नहीं आ रहा है, तो आप चंद्र देव का मानसिक स्मरण करें और उन्हें अर्घ्य अर्पित करने के बाद अपनी संपूर्ण पूजा संपन्न करके व्रत खोल सकती हैं।
वीडियो कॉल का लें सहारा
यदि आपके परिवार का कोई सदस्य या सगा-संबंधी किसी अन्य शहर में रह रहा है और वहां आसमान साफ होने के कारण चांद निकल आया है, तो आप उनसे वीडियो कॉल के जरिए संपर्क करके चांद के दर्शन कर सकती हैं। इसके आधार पर भी अपना उपवास खोला जा सकता है। इसके अलावा किसी वैध तस्वीर के माध्यम से भी चंद्रमा को देखकर पारण किया जा सकता है।
इस साल कब है करवा चौथ और क्या है मुहूर्त
इस वर्ष करवा चौथ का यह पावन व्रत 29 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन पूजा के लिए अत्यंत शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 38 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 56 मिनट तक निर्धारित किया गया है। वहीं अगर चंद्रोदय की बात की जाए तो इस दिन रात 8 बजकर 17 मिनट पर चांद के दर्शन होंगे। हालांकि भौगोलिक स्थिति और स्थान के अनुसार अलग-अलग शहरों में चंद्रोदय के समय में कुछ मिनटों का मामूली अंतर आ सकता है, इसलिए अपनी स्थानीय सारणी या पंचांग की जांच अवश्य कर लें।























