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करवा चौथ 2026: इस साल नई महिलाएं भूलकर भी न शुरू करें यह व्रत, जान लें जरूरी वजहत्योहार
28 अक्तू॰ 2026, 2:08 pm (7 मिनट पहले)· 1

करवा चौथ 2026: इस साल नई महिलाएं भूलकर भी न शुरू करें यह व्रत, जान लें जरूरी वजह

इस साल अधिकमास यानी मलमास लगने के कारण नया करवा चौथ व्रत शुरू करना अशुभ माना गया है। ऐसे में नई विवाहित महिलाएं इस साल उपवास न रखकर केवल पूजा-पाठ और कथा का पाठ कर सकती हैं।

इस साल करवा चौथ का पावन पर्व 29 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा। इस खास दिन पर विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए पूरे दिन निर्जला उपवास रखती हैं और रात में चांद के दर्शन तथा अर्घ्य देने के बाद अपना व्रत पूरा करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस अनुष्ठान को करने से अखंड सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद मिलता है और दांपत्य जीवन में खुशहाली बनी रहती है। यदि आप भी इस बार पहली बार करवा चौथ का व्रत रखने की योजना बना रही हैं, तो कुछ जरूरी नियमों को जान लेना बेहद आवश्यक है, क्योंकि इस वर्ष नया व्रत शुरू करना वर्जित माना गया है।

क्यों नहीं शुरू किया जा सकता इस साल करवा चौथ का व्रत

सनातन परंपरा के अनुसार इस वर्ष अधिकमास यानी मलमास का संयोग बना था, जिसे पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू धर्म में इस पूरे महीने को किसी भी प्रकार के मांगलिक और शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता है। हालांकि यह मास भगवान की आराधना और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अत्यंत उत्तम फलदायी कहा गया है, लेकिन इसमें किसी भी नए व्रत की शुरुआत नहीं की जाती है। यही मुख्य कारण है कि इस साल कोई भी नया अनुष्ठान या उपवास आरंभ करना उचित नहीं माना जा रहा है।

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विशेषकर जिन महिलाओं का नया-नया विवाह हुआ है और वे पहली बार इस उपवास को अपने जीवन में शामिल करना चाहती हैं, उन्हें इस साल इस नियम का विशेष ध्यान रखना चाहिए। परंपराओं के जानकारों के अनुसार अधिकमास वाले वर्ष में किसी भी नए संकल्प को उठाने से बचना चाहिए। ऐसी स्थिति में नवविवाहिताएं इस बार केवल माता करवा की पूजा-अर्चना करें और उपवास न रखें। हालांकि हर कुल, परिवार और समाज की अपनी विशिष्ट परंपराएं और रीति-रिवाज होते हैं, इसलिए कोई भी नया कदम उठाने से पहले अपनी सास या घर के बुजुर्गों से विचार-विमर्श अवश्य कर लेना चाहिए।

व्रत न रख पाने की स्थिति में क्या करें

जो महिलाएं इस वर्ष किन्हीं कारणों से उपवास नहीं रख पा रही हैं, वे निराश होने के बजाय संपूर्ण पूजा-अर्चना में शामिल हो सकती हैं। आप करवा चौथ की व्रत कथा को विधि-विधान के साथ पढ़ और सुन सकती हैं। ऐसा करने से भी माता करवा प्रसन्न होती हैं और उनका पूरा आशीर्वाद घर-परिवार को प्राप्त होता है। पूजा में सम्मिलित होने मात्र से भी विशेष धार्मिक लाभ मिलता है।

इसके अलावा जो महिलाएं निर्जला उपवास नहीं रख पा रही हैं, वे सोलह श्रृंगार करके माता करवा के साथ-साथ भगवान शिव, मां पार्वती और गणेश-कार्तिकेय जी की पूरी श्रद्धा के साथ आराधना कर सकती हैं। इन देवताओं की सच्चे मन से पूजा करने पर भी अखंड सौभाग्य का वरदान प्राप्त होता है।

सवाल-जवाब

इस साल करवा चौथ कब है?
इस साल करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर 2026 को रखा जाएगा।
क्या इस साल नया करवा चौथ व्रत शुरू कर सकते हैं?
नहीं, इस साल अधिकमास होने के कारण नया करवा चौथ व्रत शुरू करना शुभ नहीं माना गया है।
अगर व्रत नहीं रख सकते तो क्या करना चाहिए?
व्रत न रख पाने की स्थिति में महिलाएं सोलह श्रृंगार करके पूजा-अर्चना में शामिल हो सकती हैं और कथा सुन सकती हैं।
नया व्रत शुरू करने से पहले किससे सलाह लेनी चाहिए?
नया व्रत शुरू करने से पहले अपनी सास या घर के बुजुर्गों से सलाह अवश्य लेनी चाहिए।
किन देवी-देवताओं की पूजा की जाती है?
इस दिन माता करवा, भगवान शिव, मां पार्वती और गणेश-कार्तिकेय जी की पूजा की जाती है।
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