श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर मनाया जाने वाला रक्षाबंधन का पावन पर्व भाई और बहन के बीच अटूट स्नेह, भरोसे और सुरक्षा के संकल्प का प्रतीक माना जाता है। इस विशेष दिन को यादगार बनाने के लिए बहनें काफी समय पहले से ही अपने भाइयों की कलाई सजाने के लिए सुंदर और खास राखियों की तलाश शुरू कर देती हैं। आमतौर पर बाजारों में प्लास्टिक, कागज, रंग-बिरंगे धागों और बांस की बनी फैंसी राखियां बहुतायत में देखने को मिलती हैं। हालांकि, इस बार बिहार के पूर्णिया शहर के सराफा बाजार में एक नया और अनोखा बदलाव नजर आ रहा है। पारंपरिक सूती धागों और प्लास्टिक के डिजाइनों से इतर ग्राहक अब सोने और चांदी की राखियों को पहली पसंद बना रहे हैं।
प्लास्टिक और साधारण धागों की जगह ले रही कीमती राखियां
त्योहारों के मौसम में उपहार देने के बदलते तौर-तरीकों के बीच चांदी और सोने की राखियों की मांग में जबरदस्त इजाफा देखा जा रहा है। अगर आप अपने भाई को कोई ऐसा उपहार देना चाहते हैं जो केवल त्यौहार तक सीमित न रहे, बल्कि एक स्थायी और मूल्यवान यादगार के रूप में हमेशा बना रहे, तो कीमती धातुओं की राखियां एक बेहतरीन विकल्प के रूप में उभर रही हैं। यह न केवल दिखने में अत्यंत आकर्षक और शाही लगती हैं, बल्कि भाई की कलाई पर एक प्रीमियम और विशिष्ट पहचान भी छोड़ती हैं। यही वजह है कि पारंपरिक फैंसी राखियों के बजाय अब लोग सोने-चांदी की नक्काशीदार राखियों की ओर रुख कर रहे हैं।
भट्ठा बाजार के झंडा चौक में सजा खास कलेक्शन
पूर्णिया के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र भट्ठा बाजार स्थित झंडा चौक पर इस समय राखियों की विशेष वैरायटी उपलब्ध कराई गई है। स्थानीय आभूषण विक्रेताओं ने रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में ग्राहकों के लिए नए और आधुनिक डिजाइनों की एक विस्तृत श्रृंखला तैयार की है। भट्ठा बाजार के झंडा चौक पर स्थित मां लख्खी ज्वेलर्स के प्रोपराइटर राजू वर्मा के अनुसार, इस साल ग्राहकों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए सोने और चांदी की राखियों का विशेष स्टॉक मंगवाया गया है। इन राखियों का निर्माण सूक्ष्म कारीगरी के साथ किया गया है, जहां 1 ग्राम से लेकर 10 ग्राम तक के अलग-अलग वजन में आकर्षक विकल्प आसानी से मिल रहे हैं।
500 रुपये से 20,000 रुपये तक की बजट रेंज
ग्राहकों के हर वर्ग और बजट को ध्यान में रखते हुए आभूषण विक्रेताओं ने इन राखियों की दरें निर्धारित की हैं। चांदी की राखियों का शुरुआती मूल्य 500 रुपये रखा गया है, जो डिजाइन और वजन के हिसाब से 5,000 रुपये तक की रेंज में बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। वहीं, यदि कोई ग्राहक सोने की राखी खरीदना चाहता है, तो उसकी शुरुआती कीमत 20,000 रुपये से शुरू होती है, जो सोने की शुद्धता और कुल वजन के आधार पर आगे बढ़ती है। त्यौहार के इस खास मौके पर अपने भाई की कलाई को खास अंदाज में सजाने की चाहत रखने वाली बहनें भट्ठा बाजार के झंडा चौक स्थित ज्वेलरी दुकानों पर जाकर अपनी पसंद का कलेक्शन चुन सकती हैं।



















