वैश्विक वित्तीय बाजार एक बेहद महत्वपूर्ण कारोबारी सत्र में प्रवेश कर रहे हैं, जहां ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका की अर्थव्यवस्थाओं के प्रारंभिक परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) आंकड़ों पर सभी की निगाहें टिकी हैं। इस डाटा-संचालित कारोबारी दिन की शुरुआत में, अमेरिकी डॉलर प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले मजबूती बनाए हुए है। दुनिया भर के निवेशक और मुद्रा व्यापारी आर्थिक गतिविधियों के इन प्रमुख संकेतकों, केंद्रीय बैंकों की भावी नीतियों, सरकारी बांड बाजार के नए कदमों और मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनावों का गहराई से विश्लेषण कर रहे हैं।
विदेशी मुद्रा बाजार में हलचल और प्रमुख करेंसी पेयर्स का हाल
वैश्विक मुद्रा बाजार में प्रमुख करेंसी पेयर्स के बीच अलग-अलग रुझान देखने को मिल रहे हैं, जिसमें अमेरिकी डॉलर कई मोर्चों पर अपनी बढ़त बनाए हुए है। ग्रीनबैक ने जापानी येन के खिलाफ सबसे शानदार प्रदर्शन किया है, जिससे USD/JPY करेंसी पेयर में जोरदार तेजी दर्ज की गई और यह 159.00 के महत्वपूर्ण स्तर के पार पहुंच गया। जापानी येन पर बना यह दबाव मुख्य रूप से फेडरल रिजर्व के अधिकारियों की ओर से आई सख्त बयानों के कारण है, जिससे डॉलर को मजबूती मिली है।
दूसरी ओर, ब्रिटिश पाउंड ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले शुरुआत में बढ़त बनाई, लेकिन बाद में अपनी तेजी का कुछ हिस्सा गंवा दिया। GBP/USD विनिमय दर गुरुवार को अपनी दैनिक बढ़त को बनाए रखने में तो सफल रही, लेकिन यह 1.3630 से 1.3620 के दायरे तक फिसल गई। अमेरिकी डॉलर में आए हल्के सुधार के बावजूद, पाउंड में यह गिरावट निवेशकों द्वारा शुक्रवार को जारी होने वाले ब्रिटेन के प्रमुख व्यापक आर्थिक आंकड़ों से पहले अपनाई गई सतर्कता को दर्शाती है।
यूरोपीय मुद्रा यूरो की बात करें तो यूरो-डॉलर जोड़ी पर दबाव देखा गया और EUR/USD 1.1670 के स्तर के आसपास मामूली नुकसान के साथ कारोबार कर रहा है। यह करेंसी पेयर सत्र की शुरुआत में 1.1700 के स्तर से ऊपर जाने के बाद वापस नीचे आ गया। EUR/USD में दर्ज की गई यह गिरावट अमेरिकी डॉलर में आई तेजी का परिणाम है, क्योंकि बाजार प्रतिभागी अमेरिकी मनी मार्केट के घटनाक्रमों पर लगातार नजर रखे हुए हैं।
ऊर्जा जिंसों में तेजी और सोने की कीमतों में वापसी
कमोडिटी बाजार में भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है। वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड ऑयल ने अपनी बढ़त का दायरा बढ़ाया है और यह $87.00 प्रति बैरल के स्तर की ओर बढ़ रहा है। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और भू-राजनीतिक तनाव कच्चे तेल की कीमतों को समर्थन देने वाले मुख्य कारक बने हुए हैं, क्योंकि व्यापारी आपूर्ति श्रृंखला में संभावित बाधाओं की आशंका जता रहे हैं।
इसी बीच, कीमती धातुओं के बाजार में गुरुवार को सोने की कीमतों में शानदार रिकवरी देखने को मिली। सोना अपनी शुरुआती गिरावट से उबरकर एक बार फिर $4,500 प्रति ट्रॉय औंस के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर पहुंचने में सफल रहा। सोने की कीमतों में यह सुधार अमेरिकी डॉलर में आई हल्की मजबूती और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई स्थिरता के बावजूद दर्ज किया गया है।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में उछाल और बिटकॉइन की जोरदार तेजी
डिजिटल एसेट बाजार में गुरुवार को तेजी का रुख जारी रहा, जिसकी अगुवाई बड़े मार्केट कैप वाली प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी ने की। बिटकॉइन (BTC) ने इस बाजार में तेजी की कमान संभाली और $70,000 का स्तर पार करते हुए निवेशकों का ध्यान खींचा।
बिटकॉइन की इस बढ़त के साथ एथेरियम (ETH) में भी सकारात्मक माहौल बना हुआ है और यह $2,200 के स्तर से ऊपर मजबूती से कारोबार कर रहा है। इसके साथ ही, रिपल (XRP) ने भी जोरदार वापसी की है और बुल्स की मजबूत पकड़ के चलते यह $1.15 के स्तर के ऊपर पहुंच गया है।
अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में स्थिरता और बायबैक नीति में अचानक बदलाव
फिक्स्ड इनकम बाजार में अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गुरुवार को स्थिरता देखी गई, जो बुधवार को आई भारी गिरावट के बाद का एक स्वाभाविक सुधार है। बेंचमार्क 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 4.672% पर पहुंच गई, जिससे बांड बाजार में आंशिक संतुलन देखने को मिला।
यील्ड में आई यह स्थिरता अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा बुधवार को उठाए गए एक अप्रत्याशित कदम के बाद देखने को मिली है। 12:32 GMT पर ट्रेजरी विभाग ने अपने तय कैलेंडर से हटकर लिक्विडिटी सपोर्ट बायबैक परिचालन के विस्तार की घोषणा की। विभाग ने स्पष्ट किया कि वह 10-वर्ष से 20-वर्ष और 20-वर्ष से 30-वर्ष की अवधि वाले बांड्स के लिए अपने बायबैक आकार को दोगुना कर रहा है। इसके तहत प्रत्येक ऑपरेशन के लिए अधिकतम राशि $2 बिलियन से बढ़ाकर कम से कम $4 बिलियन कर दी गई है। यह नया नियम 9 सितंबर से लागू होगा और 4 नवंबर तक प्रभावी रहेगा, जिससे दीर्घकालिक सरकारी ऋण क्षेत्र में लिक्विडिटी को बड़ा सहारा मिलेगा।
फ्लैश PMI आंकड़ों का पूरा शेड्यूल और जैक्सन होल सम्मेलन पर नजर
आगामी कारोबारी सत्र में दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के प्रारंभिक फ्लैश PMI आंकड़े जारी होने जा रहे हैं। एशियाई सत्र की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया के प्रारंभिक S&P ग्लोबल PMI आंकड़ों के साथ होगी। हाल ही में आए कमजोर रोजगार आंकड़ों और बढ़ती मुद्रास्फीति की आशंकाओं के बीच, यदि PMI आंकड़े कमजोर रहते हैं तो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।
इसके बाद यूरोपीय सत्र निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण रहेगा। जुलाई महीने के लिए ब्रिटेन के रिटेल सेल्स आंकड़े सबसे पहले जारी होंगे, जिनमें मासिक गिरावट का अनुमान लगाया गया है। इसके तुरंत बाद, फ्रांस, जर्मनी और पूरे यूरोज़ोन के HCOB फ्लैश PMI आंकड़े जारी किए जाएंगे। इस क्रम के अंत में ब्रिटेन के अपने S&P ग्लोबल PMI आंकड़े पेश होंगे।
शुक्रवार के आंकड़ों के आगे की बात करें तो वित्तीय बाजारों का ध्यान अगले सप्ताह आयोजित होने जा रहे जैक्सन होल सिम्पोजियम पर टिक गया है। इस प्रतिष्ठित आर्थिक सम्मेलन में फेडरल रिजर्व के नए अध्यक्ष केविन वॉरश अपना पहला मुख्य भाषण देंगे। सितंबर में होने वाली फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक से पहले, निवेशक इस भाषण से मिलने वाले संकेतों का गहराई से अध्ययन करेंगे।



















