रक्षाबंधन का पावन पर्व करीब आते ही छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के जगदलपुर शहर में त्योहार की रौनक नजर आने लगी है। शहर के प्रसिद्ध गोल बाजार में राखियों की दुकानें सज चुकी हैं, जहां खरीदारी के लिए लोगों की चहल-पहल बढ़ने लगी है। इस बार दुकानदारों ने बच्चों, युवाओं और महिलाओं की अलग-अलग पसंद का ध्यान रखते हुए कई आकर्षक रंग, आकार और डिजाइन की राखियां बाजार में उतारी हैं। पूरे बाजार में 200 से भी ज्यादा नई वैरायटी की राखियां ग्राहकों के लिए उपलब्ध कराई गई हैं।
कीमतों का दायरा और नई वैरायटी
गोल बाजार में इस समय 20 रुपये से लेकर 500 रुपये तक की कीमत में राखियां बेची जा रही हैं। राखियों के दाम उनके डिजाइन, सामग्री और कारीगरी के हिसाब से तय किए गए हैं। किफायती धागा राखियों की शुरुआती कीमत 20 से 25 रुपये रखी गई है, जिसे आम खरीदार काफी पसंद कर रहे हैं। इसके अलावा, खास तौर पर तैयार की गई भैया-भाभी राखी का विशेष सेट भी 250 रुपये में बिक्री के लिए उपलब्ध है। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाली इको-फ्रेंडली राखियों की मांग भी बाजार में तेजी से देखी जा रही है।
बच्चों के लिए खास कार्टून और लाइट वाली राखियां
बच्चों की पसंद को ध्यान में रखते हुए दुकानदारों ने इस साल कई अनोखे कलेक्शन शामिल किए हैं। नन्हे बच्चों के आकर्षण के लिए लाइट जलने वाली राखियों के साथ-साथ लोकप्रिय कार्टून किरदारों पर आधारित राखियां मंगाई गई हैं। इनमें डोरेमॉन और मोटू-पतलू जैसे लोकप्रिय किरदारों वाली राखियां बच्चों को खूब लुभा रही हैं। रंग-बिरंगी लाइटों वाली राखियों को देखने के लिए दुकानों पर बच्चों और अभिभावकों की भारी भीड़ जुट रही है।
रायपुर से मंगाई गई राखियों की खेप
गोल बाजार के स्थानीय राखी विक्रेता सरजू नाग ने बताया कि वह पिछले तीन साल से राखी का कारोबार कर रहे हैं। उन्होंने ग्राहकों की बदलती मांग को पूरा करने के लिए इस साल कुल 200 से अधिक वैरायटी की राखियां अपने स्टॉक में शामिल की हैं। सरजू नाग के मुताबिक, उन्होंने ये तमाम राखियां राजधानी रायपुर के थोक बाजारों से मंगाई हैं। त्योहार नजदीक आने के साथ ही आने वाले दिनों में बाजार में और अधिक भीड़ बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।



















