शिवपुरी की गलियों से निकलकर पूरे चंबल क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने वाली मक्का की महेरी एक ऐसी डिश है, जिसे हर कोई बेहद चाव से खाता है। खानपान की विविधताओं से भरे भारत में चंबल के इस व्यंजन का अपना एक खास स्थान है। स्थानीय स्तर पर यह डिश न केवल अपने बेहतरीन स्वाद के लिए पहचानी जाती है, बल्कि इसे बनाने की विधि भी बहुत सरल है। जो लोग पारंपरिक और देसी स्वाद के शौकीन हैं, उनके लिए मक्का की महेरी एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है।
महेरी का अनूठा स्वाद
इस व्यंजन की सबसे बड़ी खूबी इसका बहुमुखी स्वाद है। आप इसे अपनी पसंद के अनुसार ढाल सकते हैं। जो लोग नमकीन खाना पसंद करते हैं, उनके लिए यह चटपटी और नमकीन बनकर तैयार होती है। वहीं, जो लोग कुछ अलग स्वाद की तलाश में हैं, वे इसमें चीनी या दूध मिलाकर इसका खट्टा-मीठा स्वाद ले सकते हैं। यही वजह है कि महेरी को दिन के किसी भी समय और किसी भी मूड के साथ परोसा जा सकता है।
तैयार करने की सरल विधि
मक्का की महेरी बनाने के लिए आपको किसी जटिल प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले एक पारंपरिक देसी चूल्हा जलाएं और उस पर एक भगोनी रखें। इसमें पर्याप्त मात्रा में मट्ठा यानी छाछ डालें। जैसे ही छाछ थोड़ी गर्म होने लगे, इसमें जरूरत के अनुसार थोड़ा पानी और स्वादानुसार नमक मिलाएं। अब इसमें मक्का का दरा हुआ यानी दलिया जैसा भाग डालें और धीमी आंच पर पकने दें।
पकने के दौरान रखें सावधानी
महेरी बनाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है कि मिश्रण बर्तन में नीचे न चिपके। जैसे ही इसमें उबाल आना शुरू हो, आपको चम्मच या कलछी की मदद से इसे लगातार चलाते रहना होगा। उबलते समय मिश्रण के ऊपर जो छिलके या चोई आ जाती है, उसे आटे की छलनी का उपयोग करके आसानी से बाहर निकाल लें। इससे आपकी महेरी बिल्कुल साफ और स्वादिष्ट बनेगी। जब मक्का अच्छी तरह से पक जाए, तो इसे चूल्हे से नीचे उतार लें। अब आपकी गरमागरम चंबल स्टाइल मक्का की महेरी परोसने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिसे आप अपनी पसंद के अनुसार नमकीन या मीठे स्वाद में एन्जॉय कर सकते हैं।











