देशभर में अपने लजीज जायके के लिए पहचान रखने वाले इंदौर शहर में अब एक नया फूड ट्रेंड तेजी से पैर पसार रहा है। पारंपरिक पोहे और जलेबी के दीवाने रहने वाले इंदौरी अब गुजरात के प्रसिद्ध कढ़ी और फाफड़े को भी बड़े चाव से खा रहे हैं। शहर के चिमन बाग चौराहा पर मौजूद श्री कृष्ण गुजराती कढ़ी फाफड़ा दुकान इस बदलाव का मुख्य केंद्र बनी हुई है, जहां स्थानीय लोग रोजाना बड़ी संख्या में इस खास स्वाद का आनंद लेने पहुंचते हैं।
यह दुकान आज जिस मुकाम पर है, वहां तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था। लगभग 30 साल पहले जब इस कारोबार की शुरुआत हुई थी, तब स्थिति बिल्कुल अलग थी। दुकान के शुरुआती दिनों में ग्राहकों को आवाज लगाकार और बुला-बुलाकर कढ़ी फाफड़े चखाने पड़ते थे। हालांकि, समय बीतने के साथ लोगों की जुबान पर इसका ऐसा जादू चढ़ा कि इसकी लोकप्रियता लगातार आसमान छूने लगी और आज हालात यह हैं कि सुबह से लेकर शाम तक यहां खाने वालों का तांता लगा रहता है।
इस व्यंजन की सबसे बड़ी खासियत इसके साथ परोसी जाने वाली खास चटनी है। दुकान के संचालक बताते हैं कि फाफड़े पूरी तरह बेसन से तैयार किए जाते हैं, जबकि कढ़ी को बेसन और दही के मेल से बनाया जाता है। आम तौर पर गुजरात की कढ़ी का स्वाद हल्का मीठा होता है, लेकिन इंदौर के लोगों की पसंद और पसंद को ध्यान में रखते हुए यहां की कढ़ी के स्वाद में थोड़ा बदलाव किया गया है।
इसके साथ ही परोसा जाने वाला सांभार असल में कच्चे पपीते की चटनी होती है, जो इस पूरे व्यंजन के स्वाद को कई गुना बढ़ा देती है। दुकान के संचालकों का कहना है कि गुजरात के अलावा केवल इंदौर ही ऐसा शहर है जहां फाफड़े के साथ कच्चे पपीते की यह अनोखी चटनी तैयार की जाती है। पपीते की यह चाट और गरमागरम फाफड़े का मेल ही है जो इंदौरवासियों को अपनी ओर खींच रहा है।


















