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बिना ज्यादा तेल के बनाएं गुजराती स्टाइल दूधी ना मुठिया, सेहत और स्वाद का बेहतरीन कॉम्बिनेशनखानपान
26 सित॰ 2026, 7:56 am (4 मिनट पहले)· 0

बिना ज्यादा तेल के बनाएं गुजराती स्टाइल दूधी ना मुठिया, सेहत और स्वाद का बेहतरीन कॉम्बिनेशन

लौकी, बेसन और सूजी के मेल से बनने वाला दूधी ना मुठिया गुजरात का एक पारंपरिक और हल्का नाश्ता है, जिसे बहुत ही कम तेल में भाप द्वारा तैयार किया जाता है।

घरों में अक्सर लौकी की सब्जी देखकर बच्चे और बड़े मुंह बनाने लगते हैं, लेकिन गुजराती रसोई ने इस साधारण सी सब्जी को एक बेहद लजीज व्यंजन में बदलने का कमाल का तरीका ढूंढ निकाला है। दूधी ना मुठिया गुजरात का एक ऐसा ही पारंपरिक और बेहद लोकप्रिय नाश्ता है, जो स्वाद में लाजवाब होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। अगर आप सुबह के नाश्ते या शाम की चाय के साथ कुछ ऐसा खाना चाहते हैं जो पेट के लिए हल्का हो और जिसमें तेल का इस्तेमाल भी नाममात्र का हो, तो यह रेसिपी आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। लौकी, बेसन और सूजी का यह मिश्रण शरीर को जरूरी पोषक तत्व और फाइबर प्रदान करता है, जिससे आप दिनभर खुद को तरोताजा महसूस करते हैं।

मुठिया बनाने के लिए जरूरी सामग्री

इस स्वादिष्ट गुजराती डिश को अपने घर पर तैयार करने के लिए आपको अपनी रसोई में मौजूद कुछ बुनियादी चीजों की जरूरत होगी। सबसे पहले मुठिया का डो तैयार करने की सामग्री को नोट कर लें। इसके लिए आपको दो कप कद्दूकस की हुई ताजी लौकी की आवश्यकता होगी। इसके साथ ही एक कप गेहूं का आटा, आधा कप बेसन और एक चौथाई कप सूजी ले लें, जो मुठिया को एक बेहतरीन बनावट देगी। मसालों में आपको एक बड़ा चम्मच अदरक और हरी मिर्च का पेस्ट, आधा छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, एक छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर और एक छोटा चम्मच धनिया-जीरा पाउडर चाहिए। इसके अलावा, आधा छोटा चम्मच अजवाइन, एक बड़ा चम्मच सफेद तिल, एक बड़ा चम्मच नींबू का रस और स्वाद के संतुलन के लिए एक छोटा चम्मच चीनी या गुड़ ले लें। मुठिया को नरम बनाने के लिए मोयन के रूप में एक बड़ा चम्मच तेल, एक चुटकी बेकिंग सोडा, स्वादानुसार नमक और मुठ्ठी भर बारीक कटा हुआ हरा धनिया भी तैयार रखें।

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तड़के की सामग्री

मुठिया को असली गुजराती स्वाद और खुशबू देने के लिए एक बेहतरीन तड़का लगाना बेहद जरूरी होता है। तड़का तैयार करने के लिए आपको सिर्फ एक से दो छोटे चम्मच तेल की आवश्यकता होगी। इसके साथ ही एक छोटा चम्मच राई, एक बड़ा चम्मच सफेद तिल, एक चुटकी हींग, आठ से दस करी पत्ते और एक या दो सूखी लाल मिर्च अपने पास रख लें। यह तड़का मुठिया की बाहरी परत को कुरकुरा और बेहद स्वादिष्ट बना देता है।

मुठिया का डो तैयार करने की विधि

मुठिया बनाने की शुरुआत एक बड़े बर्तन या परात में डो तैयार करने से होती है। इस बर्तन में गेहूं का आटा, बेसन, सूजी और कद्दूकस की हुई लौकी को एक साथ डाल लें। ध्यान रखें कि लौकी का पानी निचोड़कर अलग न करें, क्योंकि इसी पानी की मदद से आटा गूंथा जाएगा। अब इसमें हल्दी, लाल मिर्च, धनिया-जीरा पाउडर, अजवाइन, सफेद तिल, नमक और चीनी जैसे सभी सूखे मसाले मिला लें। इसके बाद इसमें अदरक-मिर्च का पेस्ट, नींबू का रस, मोयन के लिए एक चम्मच तेल और एक चुटकी बेकिंग सोडा डालें। सभी सामग्रियों को हाथों से अच्छी तरह मिलाते हुए एक नरम आटा गूंथ लें। चूंकि लौकी में प्राकृतिक रूप से काफी पानी होता है, इसलिए आपको अलग से पानी डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अगर फिर भी मिश्रण सूखा लगे, तो सिर्फ कुछ बूंदें पानी की छिड़क सकते हैं।

आकार देना और भाप में पकाना

जब डो तैयार हो जाए, तो अपने हाथों की हथेलियों पर थोड़ा सा तेल लगा लें ताकि आटा चिपके नहीं। अब आटे में से छोटे-छोटे हिस्से लेकर उन्हें लंबे रोल या बेलनाकार मुठिया का आकार दें। इसके बाद, स्टीमर या ढोकला स्टैंड की प्लेट को थोड़े से तेल से चिकना कर लें और इन तैयार रोल्स को प्लेट पर थोड़ी दूरी पर रख दें। स्टीमर का ढक्कन बंद करें और इसे मध्यम से तेज आंच पर लगभग 15 से 20 मिनट के लिए भाप में पकने दें। मुठिया पक गया है या नहीं, यह जांचने के लिए एक साफ चाकू या टूथपिक को रोल के बीच में डालें। यदि चाकू बिना किसी चिपचिपाहट के साफ बाहर आ जाता है, तो समझें कि आपका मुठिया पूरी तरह से पक चुका है। अब इन्हें स्टीमर से बाहर निकालें और कमरे के तापमान पर पूरी तरह ठंडा होने के लिए छोड़ दें।

कटिंग और तड़का लगाने की प्रक्रिया

गरम मुठिया को काटने की गलती कभी न करें, क्योंकि इससे वे टूट सकते हैं। जब रोल पूरी तरह से ठंडे हो जाएं, तो एक तेज चाकू की मदद से उन्हें करीब आधा इंच की मोटाई वाले गोल टुकड़ों में काट लें। अब एक चौड़े नॉन-स्टिक पैन में एक से दो छोटे चम्मच तेल डालकर मध्यम आंच पर गरम करें। तेल गरम होने पर इसमें राई डालें और उसे चटकने दें। इसके बाद हींग, करी पत्ता, सूखी लाल मिर्च और सफेद तिल डालें। जब तिल हल्के चटकने लगें और अपनी खुशबू छोड़ने लगें, तब कटे हुए मुठिया के टुकड़ों को पैन में डाल दें। इन्हें हल्के हाथों से चलाएं ताकि तड़का मुठिया पर अच्छी तरह लिपट जाए। धीमी आंच पर इन्हें तीन से चार मिनट तक उलट-पुलट कर तब तक सेकें, जब तक कि इनके किनारे हल्के सुनहरे और कुरकुरे न हो जाएं। आपका गरमा-गरम और स्वादिष्ट दूधी ना मुठिया तैयार है, इसे हरी चटनी के साथ परोसें।

सवाल-जवाब

क्या हम बिना बेकिंग सोडा के मुठिया बना सकते हैं?
हां, आप बेकिंग सोडा का इस्तेमाल छोड़ सकते हैं, लेकिन इससे मुठिया थोड़े सख्त हो सकते हैं। एक चुटकी सोडा मिलाने से मुठिया अंदर से सॉफ्ट और फूले हुए बनते हैं।
काटते समय मेरा मुठिया क्यों टूट रहा था?
गर्म रहने पर मुठिया काटने से वह बिखरने लगता है। भाप में पके हुए मुठिया रोल्स को काटने से पहले हमेशा पूरी तरह ठंडा होने दें।
लौकी की जगह किसी अन्य सब्जी का उपयोग कर सकते हैं?
हां, आप लौकी की जगह कद्दूकस की हुई पत्तागोभी, गाजर या जुकिनी का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। पकाने की विधि और बाकी सामग्री समान रहेगी।
पके हुए मुठिया को कितने समय तक स्टोर किया जा सकता है?
भाप में पके हुए मुठिया रोल्स को बिना तड़का लगाए एयरटाइट कंटेनर में रखकर फ्रिज में 2 से 3 दिनों तक सुरक्षित रख सकते हैं। जब परोसना हो, तब काटकर तड़का लगा लें।
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