पारंपरिक राजस्थानी रसोई में कई ऐसी बेहतरीन रेसिपी मौजूद हैं जो बेहद साधारण सामग्री से तैयार होने के बावजूद खाने में बेजोड़ स्वाद देती हैं। ऐसी ही एक लोकप्रिय देसी डिश चना दाल और दाना मेथी की सब्जी है, जिसे लोग बड़े चाव से खाते हैं। चना दाल का स्वाद तो अमूमन सभी ने चखा होता है, लेकिन जब इसमें दाना मेथी और पारंपरिक राजस्थानी मसालों का तड़का लगाया जाता है, तो इसकी खुशबू और स्वाद बिल्कुल अलग स्तर पर पहुँच जाते हैं। इस लजीज डिश की सबसे खास बात यह है कि इसे अपनी पसंद के अनुसार खट्टा-मीठा भी तैयार किया जा सकता है। इसे गरमागरम रोटियों या पराठों के साथ परोसा जाए तो भोजन का आनंद दोगुना हो जाता है।
जरूरी सामग्री
इस पारंपरिक राजस्थानी सब्जी को घर पर आसानी से तैयार करने के लिए कुछ बुनियादी चीजों की जरूरत होती है। इसमें मुख्य रूप से चना दाल, दाना मेथी, खाना पकाने के लिए तेल, राई, जीरा, तेज पत्ता, लहसुन, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, धनिया पाउडर और नमक शामिल हैं। इसके अलावा स्वाद को और ज्यादा बढ़ाने के लिए अमचूर पाउडर और थोड़े से गुड़ का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। ये सभी सामग्रियां आमतौर पर हर रसोई में आसानी से मिल जाती हैं, जिनकी मदद से यह शानदार डिश तैयार की जाती है।
दाल और मेथी को उबालने की प्रक्रिया
इस स्वादिष्ट सब्जी को बनाने की शुरुआत मुख्य सामग्री को तैयार करने से होती है। जालोर की रहने वाली प्रीति सेन के अनुसार, सबसे पहले चना दाल को पूरी रात पानी में भिगोकर रखना जरूरी होता है। अगली सुबह इस दाल को पानी में दो उबाल आने तक पकाना चाहिए। इस दौरान इस बात का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी है कि दाल जरूरत से ज्यादा न गले, क्योंकि इसे मसालों और दाना मेथी के साथ दोबारा भी पकाना होता है। इसके साथ ही दाना मेथी को भी हल्का उबाल लेना चाहिए। मेथी को बहुत ज्यादा देर तक नहीं पकाना चाहिए, बल्कि उसे केवल इतना ही उबालना चाहिए कि उसका प्राकृतिक कड़वापन कम हो सके। इन दोनों प्रक्रियाओं के बाद दाल और मेथी को अलग-अलग बर्तन में रख लेना चाहिए।
तड़का लगाने और मसाले पकाने का तरीका
दाल और मेथी तैयार होने के बाद बारी आती है कड़ाही में तड़का तैयार करने की। सबसे पहले कड़ाही में तेल गर्म करें और उसमें राई, जीरा और तेज पत्ता डालें। इसके तुरंत बाद छह से सात कटी हुई लहसुन की कलियां डालकर उन्हें अच्छी तरह भून लें। अब एक अलग कटोरी में लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, धनिया पाउडर और नमक को थोड़ा सा पानी मिलाकर एक पेस्ट तैयार कर लें। इस तैयार मसाले के मिश्रण को कड़ाही में डालें और मध्यम आँच पर अच्छी तरह पकने दें। मसाले को कड़ाही में जलने से बचाने के लिए जरूरत के अनुसार थोड़ा पानी भी मिलाया जा सकता है। जब मसाला तेल छोड़ने लगे और अच्छी तरह पक जाए, तब इसमें पहले से उबली हुई चना दाल और दाना मेथी को डाल दें। इन सभी चीजों को कुछ देर तक अच्छी तरह पकाएं ताकि मसाले दाल और मेथी के कण-कण में अच्छी तरह समा जाएं।
खट्टा-मीठा स्वाद देने के लिए अंतिम चरण
सब्जी को अंतिम रूप देते समय स्वाद के अनुसार अमचूर पाउडर मिलाया जाता है, जिससे इसमें एक हल्का और बेहतरीन खट्टापन आ जाता है। यदि आपको चटपटा और खट्टा-मीठा स्वाद पसंद है, तो इस चरण में थोड़ा सा गुड़ भी मिलाया जा सकता है। गुड़ का इस्तेमाल करने से सब्जी में एक हल्की सी मिठास घुल जाती है जो इसके पूरे जायके को और भी अधिक खास बना देती है। इस प्रकार पूरी प्रक्रिया के बाद राजस्थानी चना दाल और दाना मेथी की पारंपरिक सब्जी बनकर पूरी तरह तैयार हो जाती है। देसी मसालों और लहसुन के बेहतरीन तड़के वाली यह सब्जी आपके रोजमर्रा के खाने में एक नया और अनूठा स्वाद जोड़ सकती है। इसे आप गरमागरम रोटियों या पराठों के साथ परोस सकते हैं और राजस्थानी संस्कृति के इस पारंपरिक जायके का लुत्फ उठा सकते हैं।
















