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पानी पुरी, पुचका या गुपचुप, देश के अलग-अलग हिस्सों में कैसे बदल जाते हैं इस स्ट्रीट फूड के नाम और स्वादखानपान
25 अक्तू॰ 2026, 3:59 am (26 मिनट पहले)· 0

पानी पुरी, पुचका या गुपचुप, देश के अलग-अलग हिस्सों में कैसे बदल जाते हैं इस स्ट्रीट फूड के नाम और स्वाद

देश भर में बेहद पसंद किए जाने वाले इस लोकप्रिय स्ट्रीट फूड को विभिन्न राज्यों में अलग-अलग नामों से पुकारा जाता है, जहां इसके पानी और भरावन की सामग्री में भी खास क्षेत्रीय बदलाव देखने को मिलते हैं.

देश भर के खानपान में एक ऐसा स्ट्रीट फूड है जो हर उम्र के लोगों को अपनी ओर खींचता है, लेकिन अलग-अलग राज्यों की सीमाओं में कदम रखते ही इसकी पहचान और जायका दोनों बदल जाते हैं. उत्तर भारत के विशाल मैदानी इलाकों से लेकर पूर्व के तटीय क्षेत्रों और पश्चिम से लेकर दक्षिण के महानगरों तक, यह व्यंजन अपनी कुरकुरी पूरी और चटपटे पानी के दम पर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बना हुआ है. कहीं इसे गोलगप्पे के नाम से पुकारा जाता है, तो कहीं लोग इसे पुचका, पानी पुरी या गुपचुप के रूप में मांगते हैं. नाम बदलने के साथ ही इसके अंदर भरी जाने वाली सामग्री और तीखे-खट्टे पानी के मसालों में भी दिलचस्प क्षेत्रीय विविधता देखने को मिलती है.

उत्तर भारत में गोलगप्पे की पहचान और तीखा-मीठा अंदाज

दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब जैसे उत्तरी राज्यों में इस लजीज व्यंजन को आमतौर पर गोलगप्पे कहा जाता है. इन इलाकों में कुरकुरी सूजी या आटे की पूरी के अंदर उबले हुए आलू, उबले चने और खास मसालों का भरावन तैयार किया जाता है. इसके बाद इसमें तीखा, पुदीने वाला हरा पानी या फिर इमली का खट्टा पानी भरा जाता है. कई ठेलों पर लोग अपनी रुचि के अनुसार सोंठ यानी मीठी चटनी का संयोजन भी पसंद करते हैं. राजधानी दिल्ली की व्यस्त सड़कों और गलियों में शाम ढलते ही गोलगप्पे के ठेले सज जाते हैं, जहां ग्राहक अपनी पसंद बताकर तीखे, खट्टे या मीठे पानी के साथ इसका लुत्फ उठाते नजर आते हैं.

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महाराष्ट्र और गुजरात में पानी पुरी का लोकप्रिय रूप

पश्चिमी भारत के राज्यों में इसे मुख्य रूप से पानी पुरी के नाम से ही पहचान मिली हुई है. महाराष्ट्र, खासकर मुंबई की सड़कों और चौपाटियों पर पानी पुरी की लोकप्रियता बेमिसाल है. यहां की खासियत यह है कि इसमें ठंडे आलू के भरावन के साथ-साथ अक्सर गर्म रगड़ा, यानी सफेद मटर की पकी हुई करी का इस्तेमाल किया जाता है. इसके पानी को तैयार करने के लिए ताजी पुदीना पत्ती, हरा धनिया, हरी मिर्च, इमली और भुने हुए जीरे जैसे कई प्रकार के मसालों का मिश्रण बनाया जाता है. ठीक इसी तरह गुजरात के शहरों में भी यह स्ट्रीट फूड पानी पुरी के नाम से खूब खाया जाता है. गुजराती स्वाद के शौकीन लोग कुरकुरी पूरी के साथ मसालेदार आलू, खट्टे-मीठे पानी और अलग-अलग तरह के स्थानीय मसालों और मीठी चटनी के तालमेल को काफी पसंद करते हैं.

पश्चिम बंगाल में पुचका का तीखा और खट्टा आकर्षण

पूर्वी भारत के पश्चिम बंगाल में पहुंचते ही इसका नाम बदलकर पुचका हो जाता है. कोलकाता की गलियों में मिलने वाला पुचका अपने एकदम अनोखे और बेजोड़ स्वाद के लिए पूरे देश में मशहूर है. यहां की पूरी का आकार आमतौर पर थोड़ा बड़ा और बेहद कुरकुरा होता है. इसके अंदर उबले आलू में तीखी कटी मिर्च, काला नमक और पारंपरिक मसालों को अच्छी तरह मैश करके भरा जाता है. पुचके के पानी में इमली के गाढ़े पल्प और खास मसालों का भरपूर इस्तेमाल होता है, जिस वजह से इसका तीखापन और खटास अन्य राज्यों के मुकाबले काफी ज्यादा मानी जाती है. कोलकाता में पुचका खाने का पारंपरिक तरीका भी खास है, जहां विक्रेता दोने में एक के बाद एक लगातार पुचके परोसता जाता है.

बिहार, झारखंड और ओडिशा में गुपचुप का चलन

बिहार और झारखंड के कई अंचलों में इसी व्यंजन को गुपचुप के नाम से जाना जाता है. हालांकि नाम में यह बदलाव काफी अलग सुनाई देता है, लेकिन इसे बनाने की बुनियादी प्रक्रिया गोलगप्पों जैसी ही रहती है. इन राज्यों में कुरकुरी पूरी के अंदर उबले आलू और मसालों का मिश्रण भरा जाता है और फिर उसे खट्टे-तीखे पानी के साथ ग्राहकों को दिया जाता है. स्थानीय कस्बों और शहरों के आधार पर पानी के तीखेपन और भरावन के मसालों में हल्का अंतर देखने को मिल जाता है. वहीं ओडिशा में भी इसे प्रमुखता से गुपचुप ही कहा जाता है. ओडिशा के बाजारों, प्रमुख सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर गुपचुप के ठेले आसानी से देखे जा सकते हैं, जहां शाम के वक्त स्थानीय लोग, परिवार और दोस्त इस चटपटे स्ट्रीट फूड का आनंद लेने पहुंचते हैं.

दक्षिण भारतीय शहरों में बदलता जायका

दक्षिण भारत के तमाम बड़े और छोटे शहरों में भी इसे आमतौर पर पानी पुरी के रूप में ही जाना और परोसा जाता है. हालांकि, दक्षिण के राज्यों में स्थानीय खानपान और प्राथमिकताओं के अनुरूप इसकी फिलिंग और पानी की रेसिपी में कई बदलाव देखने को मिलते हैं. कुछ इलाकों में ग्राहक मीठी चटनी और हल्के मसालों वाली पूरी को प्राथमिकता देते हैं, जबकि कई अन्य जगहों पर बहुत तेज तीखे और खट्टे पानी के साथ मसालेदार आलू का संयोजन सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है.

सवाल-जवाब

दिल्ली और उत्तर प्रदेश में इस व्यंजन को किस नाम से जाना जाता है?
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में इसे आमतौर पर गोलगप्पे कहा जाता है.
मुंबई में पानी पुरी के अंदर भरावन के रूप में क्या खास इस्तेमाल होता है?
मुंबई में आलू के साथ-साथ अक्सर रगड़ा, यानी सफेद मटर की पकी हुई करी का इस्तेमाल किया जाता है.
पश्चिम बंगाल में गोलगप्पे को क्या कहते हैं और इसका स्वाद कैसा होता है?
पश्चिम बंगाल में इसे पुचका कहा जाता है और इसका पानी इमली तथा मसालों के कारण अधिक तीखा व खट्टा होता है.
बिहार, झारखंड और ओडिशा में इस स्ट्रीट फूड को क्या नाम दिया गया है?
बिहार, झारखंड और ओडिशा में इसे मुख्य रूप से गुपचुप के नाम से जाना जाता है.
उत्तर भारत में गोलगप्पे की पूरी में क्या भरा जाता है?
उत्तर भारत में पूरी के अंदर उबले आलू, चने और मसाले भरकर तीखा या खट्टा पानी डाला जाता है.
गुजरात में पानी पुरी को किस स्वाद के साथ परोसा जाता है?
गुजरात में इसे कुरकुरी पूरी, मसालेदार आलू, खट्टे-मीठे पानी और मीठी चटनी के साथ पसंद किया जाता है.
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