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व्रत के लिए बिना चीनी और घी के बनाएं पौष्टिक मखाना नारियल बर्फीखानपान
15 अक्तू॰ 2026, 9:21 am (1 घंटे पहले)· 0

व्रत के लिए बिना चीनी और घी के बनाएं पौष्टिक मखाना नारियल बर्फी

उपवास के दौरान मिठास और ऊर्जा बनाए रखने के लिए धागे वाली मिश्री और मखाने से तैयार यह खास बर्फी एक बेहतरीन और आसान फलाहारी विकल्प है।

उपवास के दिनों में शरीर को सक्रिय रखने और मीठे की लालसा शांत करने के लिए पारंपरिक फलाहारी व्यंजनों में पौष्टिक बदलाव किए जा सकते हैं। मखाना और नारियल के मेल से बनने वाली यह खास बर्फी न केवल स्वाद में लाजवाब होती है, बल्कि कैल्शियम और जरूरी पोषक तत्वों से भी भरपूर रहती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें सफेद रिफाइंड चीनी की जगह धागे वाली मिश्री की मिठास शामिल की जाती है। भारी मात्रा में घी का उपयोग किए बिना बनने वाली यह मिठाई पचने में हल्की रहती है और व्रत के दौरान लंबे समय तक पेट भरा महसूस कराती है। घर पर पहले से तैयार मावा या बाजार के खोए का इस्तेमाल करके इसे बहुत कम समय में तैयार किया जा सकता है।

आवश्यक सामग्री का सही अनुपात

इस फलाहारी मिठाई को सही बनावट और स्वाद देने के लिए सामग्री की सटीक माप रखना जरूरी है। इसके लिए 2 कप मखाना, 250 ग्राम मावा या खोया, 1 कप नारियल का बुरादा, ¾ कप धागे वाली मिश्री और थाली को चिकना करने के लिए केवल 1 छोटा चम्मच घी की आवश्यकता होती है। सजावट और अतिरिक्त सुगंध के लिए आप थोड़ी सी पिसी हुई हरी इलायची और बारीक कटे हुए पिस्ते का उपयोग कर सकते हैं।

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मखाने और मिश्री को पीसने की विधि

बर्फी बनाने की शुरुआत मखाने को तैयार करने से होती है। एक भारी तले की कड़ाही में मखानों को बिना किसी तेल या घी के सूखा ही मध्यम आंच पर तब तक भूनें जब तक कि वे पूरी तरह कुरकुरे न हो जाएं। जब भुने हुए मखाने सामान्य तापमान पर ठंडे हो जाएं, तब उन्हें मिक्सर के जार में डालें। इसी जार में ¾ कप मिश्री भी मिला लें और दोनों को एक साथ चलाकर बिल्कुल बारीक और चिकना पाउडर बना लें। मखाने के साथ मिश्री पीसने से मिठास पूरे मिश्रण में एक समान घुल जाती है और मखाने की बनावट भी बेहतर हो जाती है।

मावा भूनना और नारियल का मेल

इसके बाद कड़ाही को धीमी आंच पर रखें और उसमें 250 ग्राम मावा डालें। यदि मावा फ्रिज में रखा होने के कारण कड़ा हो गया है, तो उसे कड़ाही में धीमी आंच पर तब तक चलाते रहें जब तक कि वह नरम होकर हल्का पिघल न जाए। मावे को हल्का सा भूनने के बाद उसमें 1 कप नारियल का बुरादा मिला दें। दोनों सामग्रियों को धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए तब तक मिलाएं जब तक कि नारियल और मावा आपस में पूरी तरह एकसार न हो जाएं। इसके तुरंत बाद पीसा हुआ मखाना और मिश्री का पाउडर भी इसमें मिला दें और खुशबू के लिए पिसी हुई हरी इलायची शामिल करें।

बर्फी जमाना और परोसने की तैयारी

पूरे मिश्रण को अच्छी तरह मिलाने के बाद गैस बंद कर दें। एक सपाट प्लेट या ट्रे में 1 छोटा चम्मच घी लगाकर उसे अच्छी तरह चिकना कर लें। अब तैयार गर्म मिश्रण को उस प्लेट में निकालें और चम्मच या कटोरी के पिछले हिस्से से दबाते हुए एक समान मोटाई में फैला दें। ऊपर से बारीक कटे हुए पिस्ते और थोड़ा सा कद्दूकस किया हुआ नारियल छिड़कें और उन्हें भी हल्का सा दबा दें ताकि वे बर्फी पर अच्छी तरह चिपक जाएं। मिश्रण को कमरे के तापमान पर थोड़ा ठंडा और सेट होने दें। इसके बाद चाकू की मदद से इसे चौकोर या मनपसंद आकार में काट लें। यह मुलायम और मुंह में घुल जाने वाली मिठाई व्रत के साथ-साथ किसी भी पर्व पर परोसने के लिए उपयुक्त है।

सवाल-जवाब

क्या इस बर्फी में सफेद चीनी का इस्तेमाल किया जा सकता है?
इस विधि में पौष्टिकता और स्वाद के लिए धागे वाली मिश्री का प्रयोग किया गया है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर आप चीनी का उपयोग भी कर सकते हैं।
मखाने को भूनते समय क्या घी डालना जरूरी है?
नहीं, मखानों को बिना किसी घी या तेल के सूखा ही भूनना है ताकि वे पूरी तरह कुरकुरे होकर आसानी से पिस सकें।
इस बर्फी को कितने दिनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है?
चूंकि इसमें मावे का इस्तेमाल होता है, इसलिए इसे एयरटाइट डिब्बे में रखकर फ्रिज में 4 से 5 दिनों तक ताजा रखा जा सकता है।
क्या इसे बिना मावा के भी बनाया जा सकता है?
इस दी गई विधि में बर्फी को बांधने और समृद्ध स्वाद देने के लिए 250 ग्राम मावे का मुख्य रूप से इस्तेमाल किया गया है।
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