फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल से ठीक पहले स्पेन के फॉरवर्ड बोर्खा इग्लेसियस के सामने ऐसा सवाल आया, जिसका ताल्लुक़ फुटबॉल की रणनीति से नहीं बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से हाथ मिलाने को लेकर था, अगर फाइनल के बाद ट्रॉफी सेरेमनी में दोनों आमने-सामने आ जाएं तो।
हाथ मिलाने पर मजाकिया जवाब
रविवार को न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में स्पेन और अर्जेंटीना के बीच होने वाले फाइनल में डोनाल्ड ट्रंप के मौजूद रहने की उम्मीद है, और माना जा रहा है कि मैच के बाद ट्रॉफी सेरेमनी में वे खिलाड़ियों के आमने-सामने भी आ सकते हैं। जब इग्लेसियस से पूछा गया कि ऐसी सूरत में वे क्या करेंगे, तो उन्होंने गंभीर जवाब देने के बजाय मजाक का सहारा लिया, "मैं ट्रंप से हाथ मिलाऊंगा, लेकिन उम्मीद है यह जल्दी हो जाए... मैं जेल नहीं जाना चाहता।"
सेल्टा विगो के इस स्ट्राइकर की स्पेन में सामाजिक मुद्दों पर बेबाक राय रखने के लिए पहचान रही है, और उन्होंने अपनी बात आगे भी स्पष्ट की। उनका कहना था कि वे उम्मीद करते हैं कि यह मुलाकात उस वक्त हो जब पूरी टीम जीत की खुशी में हो, ताकि यह पल जल्दी खत्म हो जाए और वे इसे जल्द ही भूल भी सकें।
विवाद से दूरी बनाने की कोशिश
इग्लेसियस ने यह भी साफ किया कि उनकी यह टिप्पणी किसी विवाद को हवा देने के इरादे से नहीं थी। उन्होंने कहा कि हाथ मिलाने से इनकार करना उनके लिए कोई विकल्प था ही नहीं, और लोग पहले से जानते हैं कि वे किन मुद्दों पर क्या सोचते हैं, इसलिए फाइनल जैसे मौके पर अलग से कुछ साबित करने की जरूरत नहीं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भले ही कुछ लोग उन्हें ज्यादा प्रभावशाली मानते हों, लेकिन हकीकत में इतने बड़े मंच पर होने वाली चीजों को बदलने की ताकत उनके पास नहीं है।
फाइनल तक स्पेन का शानदार सफर
इग्लेसियस के इस बयान ने भले ही मैदान के बाहर सुर्खियां बटोरी हों, लेकिन फाइनल तक पहुंचने में स्पेन का प्रदर्शन खुद अपनी कहानी कहता है। लुइस दे ला फुएंते की कोचिंग में टीम ने पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ एक गोल खाया है, यह ऐसा डिफेंस रिकॉर्ड है जिसकी बदौलत स्पेन पुरुष फुटबॉल वर्ल्ड कप के इतिहास में एक ही एडिशन में छह क्लीन शीट रखने वाली पहली टीम बन गई है। केप वर्डे के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ से शुरुआत करने के बाद स्पेन ने लगातार छह मैच जीते और ऑस्ट्रिया, पुर्तगाल, बेल्जियम व फ्रांस को हराकर फाइनल का टिकट कटाया।
अर्जेंटीना के सामने लगातार दूसरे खिताब का मौका
स्पेन और ट्रॉफी के बीच अर्जेंटीना खड़ी है, जो खुद इतिहास रचने की कोशिश में है। लियोनेल स्कालोनी की टीम सेमीफाइनल में एक और शानदार वापसी करते हुए इंग्लैंड को 2-1 से हराकर फाइनल में पहुंची है, और अब वह लगातार 14 मैचों से अजेय है। रविवार को जीत मिलने पर अर्जेंटीना 1962 में ब्राजील के बाद वर्ल्ड कप खिताब बचाने वाली पहली टीम बन जाएगी। यह फाइनल इस मायने में भी खास है कि टूर्नामेंट के इतिहास में पहली बार मौजूदा यूरोपियन चैंपियन और मौजूदा कोपा अमेरिका चैंपियन खिताब के लिए आमने-सामने होंगे।




















