विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था फीफा ने अर्जेंटीना की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम और उसके फुटबॉल एसोसिएशन के खिलाफ औपचारिक अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू कर दी है। यह सख्त कदम स्पेन द्वारा अपना दूसरा विश्व कप खिताब जीतने के ठीक बाद मैदान पर हुए भारी हंगामे और पूरे टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों व अधिकारियों के आचरण को देखते हुए उठाया गया है। खिताबी मुकाबले की अंतिम सीटी बजते ही दोनों टीमों के सदस्यों के बीच तीखी झड़प देखने को मिली थी। फीफा की अनुशासनात्मक समिति ने अभियोजक की आधिकारिक सिफारिशों के आधार पर यह गहन जांच शुरू की है, जिसमें अर्जेंटीना के प्रमुख खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ पर अनुशासन संहिता के गंभीर उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं।
खिलाड़ियों और सहायक कोच पर हमले तथा गैर खेल भावना के गंभीर आरोप
अनुशासनात्मक अभियोजक द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर अर्जेंटीना के कई स्टार खिलाड़ियों पर फीफा अनुशासन संहिता के अनुच्छेद 14 के तहत मामले तय किए गए हैं। अर्जेंटीना के डिफेंडर नहुएल मोलिना पर अनुच्छेद 14 के अंतर्गत कथित हमले के दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। इसके साथ ही टीम के मिडफील्डर लिआंड्रो पारेदेस पर हमले के तीन गंभीर आरोपों के तहत जांच शुरू हुई है। अनुशासनात्मक कार्रवाई का यह दायरा केवल मैदान पर खेलने वाले खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है, बल्कि अर्जेंटीना के सहायक कोच रोबर्टो अयाला पर भी कथित हमले का एक मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा, नहुएल मोलिना पर गैर खेल भावना के प्रदर्शन का भी एक आरोप इसी अनुच्छेद के तहत लगाया गया है। इसी तरह के गैर खेल भावना के उल्लंघन के मामले में अर्जेंटीना के थियागो अलमाडा और स्पेन के मिडफील्डर गावी को भी नामजद किया गया है, जिन पर अंतिम सीटी के बाद हुए हंगामे में शामिल होने का आरोप है।
फीफा अनुशासन संहिता के तहत सस्पेंशन और कड़े दंड के नियम
फीफा की अनुशासन संहिता में ऐसे उल्लंघनों के लिए बेहद कड़े दंड का प्रावधान किया गया है, जिसके कारण दोषी पाए जाने वाले खिलाड़ियों को लंबे निलंबन का सामना करना पड़ सकता है। नियमों के अनुसार, यदि कोई खिलाड़ी या टीम अधिकारी गैर खेल भावना या अनुचित व्यवहार का दोषी पाया जाता है, तो उस पर कम से कम एक मैच का अनिवार्य सस्पेंशन लागू होता है। वहीं, हमले के आरोपों में सजा और भी अधिक सख्त रखी गई है। किसी भी खिलाड़ी या अधिकारी को हमले का दोषी पाए जाने पर न्यूनतम तीन मैचों के निलंबन का सामना करना पड़ता है। यदि ये आरोप साबित होते हैं, तो अर्जेंटीना और स्पेन के संबंधित खिलाड़ियों को आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों से बाहर बैठना पड़ेगा, जिससे टीमों के प्रदर्शन पर सीधा असर पड़ सकता है।
अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन पर बहु मैच उल्लंघनों और सुरक्षा में चूक की जांच
व्यक्तिगत खिलाड़ियों के अलावा, अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन को भी कई मुकाबलों के दौरान नियमों के व्यापक उल्लंघन के कारण संस्थागत अनुशासनात्मक कार्यवाही का सामना करना पड़ रहा है। फीफा अपनी आचार संहिता के विभिन्न अनुच्छेदों के तहत इस बात की जांच कर रहा है कि पूरे विश्व कप टूर्नामेंट के दौरान एसोसिएशन से कहां कहां चूक हुई। इसमें गैर खेल प्रदर्शनों के लिए खेल आयोजनों का उपयोग करने से जुड़ा अनुच्छेद 13, टीम के दुर्व्यवहार से संबंधित अनुच्छेद 14, और भेदभाव तथा नस्लीय टिप्पणी से संबंधित बेहद गंभीर अनुच्छेद 15 शामिल हैं। इसके साथ ही, मैचों के दौरान व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने में विफलता के लिए अनुच्छेद 17 के तहत भी कार्यवाही की जा रही है। सुरक्षा और व्यवस्था से जुड़ी इस जांच में खिलाड़ियों और दर्शकों द्वारा भेदभावपूर्ण नारेबाजी व इशारे, मैच की देरी से शुरुआत, अनुचित संदेशों का प्रदर्शन और दर्शकों द्वारा मैदान पर वस्तुएं फेंकने जैसी घटनाएं शामिल हैं।



















