यूरोपीय फुटबॉल गवर्निंग बॉडी यूईएफए ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ फीफा और उसके अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो के खिलाफ आपराधिक अदालती कार्यवाही शुरू कर दी है। यह कानूनी कार्रवाई पुरुषों और महिलाओं के विश्व कप के साथ-साथ क्लब वर्ल्ड कप के कमर्शियल राइट्स को निजी निवेशकों को बेचने की एक विवादास्पद और अब रद्द की जा चुकी योजना के विरोध में की जा रही है। स्विस न्याय प्रणाली में दायर किए गए आधिकारिक आवेदनों से साफ हुआ है कि फुटबॉल प्रशासन में इस फैसले को लेकर भारी असंतोष बना हुआ है।
स्विट्जरलैंड की अदालत में साक्ष्य हासिल करने की अर्जी
इस आपराधिक मामले को मजबूती से पेश करने के लिए यूईएफए ने स्विट्जरलैंड की अदालत से फीफा और उसके अध्यक्ष के खिलाफ प्रासंगिक सबूतों और दस्तावेजों तक पहुंच प्रदान करने की मांग की है। दाखिल की गई कानूनी याचिका के अनुसार, यूरोपीय महासंघ का उद्देश्य इस बात का पूरा ब्योरा सामने लाना है कि किस तरह संगठन के प्रमुख नियमों को ताक पर रखकर फैसले लिए गए। यह याचिका सीधे तौर पर जियानी इन्फेंटिनो की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है।
28 जुलाई 2026 का विवादित एकतरफा ऐलान
कानूनी दस्तावेजों में उल्लेख किया गया है कि 28 जुलाई 2026 को जियानी इन्फेंटिनो ने फीफा की ओर से काम करने का दावा करते हुए एक नई सहायक कंपनी फीफा फॉरवर्ड एंटरप्राइज (FFE) की स्थापना का सार्वजनिक ऐलान किया था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पुरुषों के विश्व कप, महिलाओं के विश्व कप और क्लब विश्व कप के सभी व्यावसायिक अधिकारों को इस नई संस्था के तहत स्थानांतरित करना था। हालांकि, इस ऐतिहासिक फैसले को लागू करने से पहले किसी भी प्रमुख हितधारक को विश्वास में नहीं लिया गया था।
211 सदस्य संघों और फीफा परिषद से गोपनीयता का आरोप
यूईएफए की ओर से दायर शिकायत पत्र में यह गंभीर आरोप लगाया गया है कि इस योजना को घोषित करने से पहले न तो फीफा काउंसिल से कोई चर्चा की गई और न ही यूईएफए या अन्य क्षेत्रीय महासंघों को इसकी भनक लगने दी गई। यहां तक कि दुनिया भर के सभी 211 फीफा सदस्य संघों को भी इस निर्णय से पूरी तरह अनजान रखा गया था। आरोप है कि जियानी इन्फेंटिनो और उनके कुछ करीबी सहयोगियों ने एक वर्ष से अधिक समय तक अत्यंत गोपनीयता के साथ इस व्यावसायिक सौदे का खाका तैयार किया था, जिसके उजागर होने के बाद भारी विरोध हुआ और अंततः इस योजना को रद्द करना पड़ा।



















