रविवार को होने वाले फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में स्पेन और अर्जेंटीना आमने-सामने होंगे, और पूर्व भारतीय अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर व पूर्व भारतीय महिला टीम के हेड कोच अनादि बरुआ का मानना है कि यह मुकाबला रणनीति के लिहाज से बेहद रोमांचक साबित होगा। उनका कहना है कि लियोनेल मेसी की खेल पर असाधारण पकड़ स्पेन की मजबूत रक्षापंक्ति की असली परीक्षा लेगी।
बराबरी की टक्कर, दो दिग्गज टीमें आमने-सामने
बरुआ के मुताबिक रविवार का यह खिताबी मुकाबला दो बड़ी फुटबॉल ताकतों के बीच एक क्लासिक मैच जैसा नजर आ सकता है। दोनों टीमें अब तक चौदह बार भिड़ चुकी हैं, जिनमें छह-छह मैच दोनों ने जीते हैं और दो मुकाबले बराबरी पर छूटे हैं। यानी आंकड़ों में कोई भी टीम दूसरे पर साफ बढ़त नहीं रखती। हालांकि कुछ साल पहले एक दोस्ताना मुकाबले में स्पेन ने अर्जेंटीना को 5-1 से करारी शिकस्त दी थी, लेकिन बरुआ को नहीं लगता कि इस बार मुकाबला इतना एकतरफा रहेगा। उन्होंने एएनआई से कहा, "यह एक कड़ा और उच्च स्तरीय मुकाबला होगा, आक्रामक फुटबॉल बनाम रक्षा की भिड़ंत।" साथ ही उन्होंने कहा कि स्पेन की रक्षापंक्ति शानदार है और सेमीफाइनल में उनकी टीम ने बेहतरीन फुटबॉल खेली।
मेसी को रोकना क्यों है इतना मुश्किल
पूर्व भारतीय मिडफील्डर ने यह भी बताया कि आखिर क्या चीज़ अर्जेंटीना के कप्तान मेसी को डिफेंडरों के लिए इतना खतरनाक बनाती है। बरुआ के अनुसार, मेसी की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है अपने कमजोर पैर का इस्तेमाल करके गेंद को बचाना। जब गेंद उनके बाएं पैर पर होती है, तो वह अपने दाएं यानी गैर-प्रमुख पैर को आगे की ओर रखकर विरोधी खिलाड़ी को गेंद तक पहुंचने से रोक देते हैं, जिससे उनसे गेंद छीनना बेहद मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा बरुआ ने मेसी की पासिंग को भी एक अलग ही हथियार बताया। उन्होंने कहा, "उनकी पासिंग और असिस्ट बनाने की काबिलियत विश्वस्तरीय है।" उनके क्रॉस इतने सटीक होते हैं कि अक्सर साथी खिलाड़ियों के लिए गोल करना आसान बना देते हैं।
स्पेन का रिकॉर्डतोड़ सफर
न्यूयॉर्क न्यू जर्सी स्टेडियम में होने वाला यह फाइनल फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में पहली बार होगा जब मौजूदा यूरोपियन चैंपियन और मौजूदा कोपा अमेरिका चैंपियन खिताबी भिड़ंत में आमने-सामने होंगे। स्पेन इस टूर्नामेंट की सबसे दमदार टीमों में से एक रही है, उसने सात मैचों में सिर्फ एक गोल खाया है और पुरुष वर्ल्ड कप के एक ही संस्करण में छह क्लीन शीट रखने वाली पहली टीम बन गई है। केप वर्डे के खिलाफ गोलरहित बराबरी से शुरुआत करने के बाद लुइस डी ला फुएंते की टीम ने लगातार छह मैच जीते और नॉकआउट दौर में ऑस्ट्रिया, पुर्तगाल, बेल्जियम और फ्रांस को बाहर का रास्ता दिखाया। ला रोहा 37 मैचों से अजेय है, और रविवार को जीत मिलने पर वह किसी भी यूरोपियन पुरुष राष्ट्रीय टीम के सबसे लंबे अजेय क्रम का नया रिकॉर्ड बना लेगी।
अर्जेंटीना की जुझारू फाइटिंग स्पिरिट
वहीं अर्जेंटीना ने इस पूरे टूर्नामेंट में अपनी पहचान बन चुकी जुझारू फाइटिंग स्पिरिट दिखाई है। लियोनेल स्कालोनी की टीम सेमीफाइनल में पिछड़ने के बाद इंग्लैंड को 2-1 से हराकर सातवीं बार वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंची है, और उसका जीत का सिलसिला अब 14 मैचों तक पहुंच गया है। मौजूदा चैंपियन टीम ने नॉकआउट दौर में देर से गोल करने की आदत बनाए रखी है, उसने 85वें मिनट के बाद टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा आठ गोल दागे हैं।
बरुआ की भविष्यवाणी
दोनों टीमों के बीच छह-छह जीत और दो बराबरी वाला हेड टू हेड रिकॉर्ड देखते हुए बरुआ को उम्मीद है कि रविवार को भी एक कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी, जहां स्पेन की दमदार रक्षापंक्ति मेसी और अर्जेंटीना के खतरनाक आक्रमण को रोकने की पूरी कोशिश करेगी, वो भी टूर्नामेंट के सबसे बड़े मुकाबले में।




















