एचपी डेस्कजेट 2955 को बुनियादी और सीमित घरेलू जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया एक ऑल इन वन इंकजेट प्रिंटर माना जाता है। यह डिवाइस पुराने एचपी डेस्कजेट 2855ई के विकल्प के रूप में सामने आया है, जिसमें हार्डवेयर के स्तर पर डुअल बैंड वाई-फाई की सुविधा जोड़ी गई है और एचपी 68 इंक कार्ट्रिज का इस्तेमाल शुरू किया गया है ताकि पुराने मॉडल की तुलना में ज्यादा पेज निकाले जा सकें। बनावट के लिहाज से यह बेहद हल्का और सीमित जगह घेरने वाला उपकरण है, जिसे किसी भी सामान्य मेज या शेल्फ पर आसानी से रखा जा सकता है। उपयोग न होने पर इसकी पेपर ट्रे अंदर मुड़ जाती हैं, जिससे इसका आकार काफी सीमित बना रहता है। हालांकि जब स्कैनर का ढक्कन खोलना हो, पीछे की तरफ कागज लगाने हों या आगे से प्रिंट निकालना हो, तब इसके ऊपर और सामने अतिरिक्त खुली जगह की जरूरत पड़ती है। कनेक्टिविटी के मोर्चे पर इसमें यूएसबी, वाई-फाई और वाई-फाई डायरेक्ट का विकल्प दिया गया है, साथ ही यह मोबाइल या टैबलेट से सीधे प्रिंट देने के लिए ऐप्पल एयरप्रिंट और मोप्रिया प्रिंट सर्विस को भी सपोर्ट करता है।
दस्तावेज प्रिंटिंग की गति और कार्यालयीन उपयोग की सीमाएं
छोटे कार्यालय या नियमित व्यावसायिक कार्यों के लिए इस प्रिंटर का चुनाव कई परेशानियां खड़ी कर सकता है। प्रिंटिंग स्पीड के मामले में यह काफी धीमा साबित होता है, जहां यह प्रति मिनट केवल 6 ब्लैक एंड व्हाइट पन्ने और लगभग 3 रंगीन पन्ने ही निकाल पाता है। इसके अलावा इसकी रियर इनपुट ट्रे में एक बार में केवल 60 शीट कागज ही रखे जा सकते हैं, जिसका मतलब है कि थोड़े से काम के बाद भी बार-बार कागज भरने पड़ते हैं। इसमें ऑटोमैटिक डुप्लेक्स प्रिंटिंग की सुविधा बिल्कुल नहीं है, इसलिए पन्नों के दोनों तरफ छपाई करने के लिए हर शीट को हाथ से पलटकर दोबारा लगाना पड़ता है। नेटवर्क कनेक्टिविटी के मामले में हालांकि वायरलेस विकल्प मौजूद हैं, लेकिन वायर्ड ईथरनेट पोर्ट का न होना ऑफिस नेटवर्क में इसे जोड़ने की राह में बाधा बनता है। कई पन्नों वाले बड़े डॉक्यूमेंट्स के लिए यह गति और क्षमता दोनों ही पैमानों पर संघर्ष करता नजर आता है।
पेज यील्ड और बार-बार होने वाला इंक का खर्च
इस प्रिंटर की सबसे बड़ी आर्थिक कमजोरी इसकी बेहद कम पेज यील्ड है। इसके मानक कार्ट्रिज सेटअप में केवल 160 ब्लैक एंड व्हाइट पेज और लगभग 69 रंगीन पेज ही निकलते हैं। इसका सीधा असर यह होता है कि अगर प्रिंटर का नियमित उपयोग किया जाए, तो कार्ट्रिज बहुत जल्दी खत्म हो जाते हैं और उन्हें बार-बार बदलना पड़ता है। इसमें एक ब्लैक और एक ट्राई-कलर कार्ट्रिज का इस्तेमाल होता है। ट्राई-कलर सिस्टम का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि यदि तीन रंगों में से कोई एक रंग भी समाप्त हो जाता है, तो पूरे कार्ट्रिज को बदलना अनिवार्य हो जाता है, भले ही बाकी दो रंग बचे हुए हों। इससे स्याही की बर्बादी होती है और कुल परिचालन खर्च तेजी से बढ़ जाता है। हालांकि ब्लैक कार्ट्रिज बदलने की आवृत्ति को थोड़ा कम करने के लिए बाजार में अधिक क्षमता वाला ब्लैक विकल्प उपलब्ध है, और यह मॉडल एचपी की वैकल्पिक इंक सब्सक्रिप्शन योजना के लिए भी पात्र है।
सपाट स्कैनर की क्षमता और उसकी कमियां
दस्तावेजों को डिजिटाइज करने के लिए इसमें एक फ्लैटबेड स्कैनर दिया गया है, जो सामान्य कागजी कामकाज और रोजमर्रा के बिल या फॉर्म स्कैन करने के लिए साफ टेक्स्ट रिकॉर्ड करता है। लेकिन इसमें ऑटोमैटिक डॉक्यूमेंट फीडर नहीं दिया गया है, जिसका अर्थ है कि एक से अधिक पन्नों वाले डॉक्यूमेंट को स्कैन करने के लिए हर पन्ने को कांच की सतह पर एक-एक करके हाथ से रखना होता है। इसके अलावा स्कैनिंग की प्रक्रिया भी काफी धीमी है, जिसमें एक पन्ने को प्रोसेस करने में लगभग एक मिनट का वक्त लग जाता है। स्कैनर की एक और तकनीकी सीमा यह है कि यह वॉटरमार्क या ग्राफ के हल्के बैकग्राउंड विवरणों को ठीक से कैप्चर नहीं कर पाता और वे मिट जाते हैं। इसके लिड के कब्जे भी ऊपर की तरफ फैलने वाले नहीं हैं, इसलिए अगर कोई मोटी किताब या बाइंड की गई फाइल स्कैन करनी हो, तो ढक्कन पूरी तरह बंद नहीं हो पाता।
तस्वीरें, क्राफ्टिंग और रंगों की सटीकता का स्तर
कला, क्राफ्ट, स्टिकर बनाने या बारीक रंगीन प्रोजेक्ट्स के लिए यह प्रिंटर बहुत संतोषजनक साबित नहीं होता। हालांकि इसमें मैट, सेमी-ग्लॉस और ग्लॉसी फोटो पेपर के लिए प्रीसेट दिए गए हैं और यह 4 गुणा 6, 5 गुणा 7 तथा 8 गुणा 10 इंच जैसे सामान्य फोटो आकारों को सपोर्ट करता है, लेकिन यह बॉर्डरलेस प्रिंटिंग नहीं कर सकता। यानी हर प्रिंट के किनारों पर सफेद खाली जगह छूटना तय है। इसके अलावा 4 गुणा 6 इंच के सैंपल्स में यह देखा गया है कि स्क्रीन पर प्रिंट प्रीव्यू पूरा दिखने के बावजूद अंतिम प्रिंट में तस्वीर का कुछ हिस्सा कट जाता है। रंग सटीकता कमजोर होने के कारण सूक्ष्म शेड्स आपस में मिल जाते हैं और हल्के हिस्सों में प्रिंटिंग पैटर्न साफ नजर आता है। इसके अलावा इसमें कैनवास या फाइन आर्ट पेपर के लिए कोई विशेष सेटिंग्स नहीं दी गई हैं।
लंबे समय तक निष्क्रिय रहने पर नोजल जाम होने का जोखिम
एक इंकजेट उपकरण होने के नाते यदि इसे लंबे समय तक बिना इस्तेमाल किए छोड़ दिया जाए, तो इसके प्रिंटहेड में स्याही सूखने और नोजल जाम होने का खतरा बना रहता है। इससे छपाई में धारियां आने लगती हैं या रंग गायब हो जाते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए इसमें स्वचालित क्लीनिंग साइकल की व्यवस्था है, लेकिन हर सफाई प्रक्रिया में अच्छी-खासी स्याही खर्च होती है। इसकी एक सकारात्मक बात यह है कि प्रिंटहेड कार्ट्रिज के भीतर ही बने होते हैं, इसलिए अगर कोई जिद्दी ब्लॉकेज साफ न हो, तो केवल कार्ट्रिज बदलकर नया प्रिंटहेड पाया जा सकता है। हालांकि स्याही पूरी तरह खत्म होने से पहले कार्ट्रिज बदलना उपयोगकर्ता की जेब पर भारी पड़ता है। इसके अलावा सेटअप प्रक्रिया के दौरान ड्राइवर इंस्टॉलेशन और मोबाइल ऐप से जुड़ने में भी कुछ तकनीकी अड़चनों का सामना करना पड़ सकता है।























