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रे-बैन स्मार्ट ग्लासेस में प्राइवेट प्रोसेसिंग तकनीक जोड़ेगी मेटा, यूजर्स के डेटा की सुरक्षा का किया दावागैजेट्स
24 सित॰ 2026, 5:46 am (19 मिनट पहले)· 0

रे-बैन स्मार्ट ग्लासेस में प्राइवेट प्रोसेसिंग तकनीक जोड़ेगी मेटा, यूजर्स के डेटा की सुरक्षा का किया दावा

मेटा कनेक्ट कार्यक्रम में कंपनी ने रे-बैन मेटा स्मार्ट ग्लासेस में प्राइवेट प्रोसेसिंग जोड़ने की योजना साझा की है, जिसका मकसद कंपनी तक यूजर का डेटा पहुंचे बिना एआई सुविधाएं देना है।

स्मार्ट वियरेबल्स को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच तकनीकी दिग्गज मेटा ने अपने रे-बैन मेटा स्मार्ट ग्लासेस के लिए एक नए गोपनीयता सुरक्षा तंत्र की घोषणा की है। कैलिफोर्निया के मेनलो पार्क में आयोजित अपने वार्षिक मेटा कनेक्ट कार्यक्रम के दौरान कंपनी ने स्पष्ट किया कि वह अपने स्मार्ट चश्मों में अलग-थलग क्लाउड एआई सिस्टम यानी प्राइवेट प्रोसेसिंग तकनीक को एकीकृत करने पर काम कर रही है। पिछले साल व्हाट्सएप के लिए तैयार की गई यह व्यवस्था चश्मे में मौजूद एआई असिस्टेंट को किसी यूजर की पसंद और निर्देशों को समझने में सक्षम बनाती है, जबकि मेटा खुद उस यूजर डेटा तक नहीं पहुंच पाता।

कंपनी ने अपने बयान में सामान्य चश्मों और एआई आधारित चश्मों के अंतर को रेखांकित किया। मेटा के अनुसार पारंपरिक चश्मों का मुख्य काम केवल नजर साफ करना, आंखों को सुरक्षित रखना और रूप-रंग को बेहतर बनाना होता है। इसके विपरीत कृत्रिम बुद्धिमत्ता से लैस स्मार्ट चश्मों में बातचीत का तत्काल अनुवाद करने अथवा जरूरी नोट्स या संवाद का सारांश तैयार करने जैसी अनूठी क्षमताएं मौजूद हैं। इस आधार पर कंपनी ने सवाल उठाया कि एक ऐसा अत्यधिक व्यक्तिगत एआई मॉडल कैसे तैयार किया जाए जो व्यक्ति के परिवेश को गहराई से समझ सके और साथ ही मजबूत गोपनीयता भी प्रदान करे।

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प्राइवेट प्रोसेसिंग तकनीक का दायरा और संचालन

प्राइवेट प्रोसेसिंग को इस तरह डिजाइन किया गया है कि क्लाउड आधारित एआई कंप्यूटिंग के दौरान डेटा किसी भी बाहरी पक्ष अथवा खुद मेटा की पहुंच से पूरी तरह बाहर रहे। स्मार्ट ग्लासेस के संदर्भ में यह तकनीक पहनने वाले व्यक्ति और मेटा एआई असिस्टेंट के बीच होने वाली बातचीत, वॉयस कमांड्स, संदेशों के आदान-प्रदान और निजी ट्रांसक्रिप्शन को सुरक्षित बना सकती है। हालांकि कंपनी ने फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया है कि कौन-कौन से विशिष्ट फीचर्स सबसे पहले इस सुरक्षा घेरे में आएंगे।

यह ढांचा पहली बार पिछले साल पेश किया गया था, जब मेटा ने इसे व्हाट्सएप और अपने मेटा एआई ऐप में शामिल किया था। इसी सेवा के सहयोग से व्हाट्सएप में इनकॉग्निटो चैट की सुविधा संभव हो पाई थी। उस समय इस पहल का प्राथमिक मकसद ग्राहकों को व्हाट्सएप के एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से समझौता किए बिना आधुनिक एआई उपकरणों का उपयोग करने की सहूलियत देना था।

गोपनीयता विशेषज्ञों और ऑडिटर्स के साथ सहयोग

मेटा कनेक्ट सम्मेलन के दौरान मेटा के इंजीनियरिंग निदेशक प्रीतम शाह ने इस प्लेटफॉर्म को स्मार्ट चश्मों में शामिल करने की रूपरेखा पर बात की। प्रीतम शाह के अनुसार कंपनी इस उन्नत गोपनीयता तंत्र को लेकर काफी उत्साहित है। उन्होंने कहा, "हमारे पास प्लेटफॉर्म तैयार है। यह काम कर रहा है। यह केवल एक श्वेत पत्र या ब्लॉग नहीं है।"

प्रीतम शाह ने आगे समझाया कि इस तकनीक की घोषणा पहले करने का मुख्य उद्देश्य साइबर सुरक्षा समुदाय, प्राइवेसी विशेषज्ञों और तीसरे पक्ष के स्वतंत्र ऑडिटर्स के साथ मिलकर काम शुरू करना है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि फिलहाल इसके रोलआउट की कोई निश्चित समयसीमा तय नहीं है और न ही यह तय है कि कौन से फीचर्स इसके साथ काम करेंगे। उनके अनुसार वर्तमान में जो क्षमताएं बताई जा रही हैं वे केवल संभावित उदाहरण हैं और आने वाले समय में इससे भी अधिक शक्तिशाली विकल्प देखने को मिल सकते हैं।

विवादों, सुरक्षा चिंताओं और छवि सुधार की कोशिश

यह घोषणा ऐसे समय में सामने आई है जब मेटा को अपने यूजर डेटा प्रबंधन और निगरानी से जुड़ी पुरानी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। चालू वर्ष के दौरान स्मार्ट ग्लासेस को लेकर कंपनी को कई तीखे विवादों से जूझना पड़ा है। जनता के बीच फेशियल रिकग्निशन तकनीक के संभावित दुरुपयोग और अपराधियों द्वारा इन चश्मों के गलत इस्तेमाल की आशंकाओं ने गहरा आक्रोश पैदा किया था। कई लोगों ने इन्हें आपत्तिजनक उपनाम दिए, सार्वजनिक स्थानों पर चश्मा पहनने वालों का विरोध किया और यहां तक कि आसपास मौजूद स्मार्ट चश्मों को पकड़ने के लिए जकऑफ जैसे विशेष ऐप भी तैयार किए गए।

वर्षों से सामने आई सुरक्षा खामियों और प्राइवेसी चूकों के कारण उपयोगकर्ताओं का भरोसा कम हुआ है। मेटा कनेक्ट के मंच पर कंपनी ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि उसके उपकरण अनुचित निगरानी के साधन नहीं हैं। इस आयोजन में कंपनी ने वीआर ग्लासेस सहित कई नए मॉडलों की भी घोषणा की।

म्यूज एआई और क्लाउड सुरक्षा का नया ढांचा

इससे पहले इसी महीने मेटा ने अपने म्यूज एआई एजेंट को पेश करते हुए इसे विशेष तौर पर सुरक्षा और गोपनीयता पर केंद्रित उत्पाद के रूप में प्रचारित किया था। उस दौरान म्यूज के सिक्योर वीएम नामक क्लाउड वातावरण को प्रमुखता से पेश किया गया था। अब कंपनी इसके अधिक उन्नत संस्करण पर काम कर रही है, जिसे कॉन्फिडेंशियल वीएम कहा जा रहा है। इसमें यह कड़ा वादा शामिल है कि उपयोगकर्ता का डेटा कभी भी मेटा की अपनी पहुंच में नहीं आएगा। म्यूज को आने वाले समय में मेटा के स्मार्ट ग्लासेस में भी जोड़ा जाएगा।

सवाल-जवाब

प्राइवेट प्रोसेसिंग तकनीक क्या है?
यह एक अलग-थलग क्लाउड एआई सिस्टम है जो यूजर के डेटा को प्रोसेस करते समय उसे कंपनी और किसी भी तीसरे पक्ष की पहुंच से पूरी तरह छिपा कर रखता है।
रे-बैन मेटा स्मार्ट ग्लासेस में यह सुविधा कब से मिलेगी?
मेटा ने इसके रोलआउट की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की है और न ही यह बताया है कि कौन से फीचर्स पहले जोड़े जाएंगे।
क्या प्राइवेट प्रोसेसिंग पहले से किसी अन्य ऐप में मौजूद है?
हां, मेटा ने पिछले साल इस तकनीक को व्हाट्सएप और मेटा एआई ऐप में इनकॉग्निटो चैट फीचर को सक्षम करने के लिए शुरू किया था।
म्यूज एआई क्या है और इसका इस घोषणा से क्या संबंध है?
म्यूज मेटा का हालिया एआई एजेंट है जो सिक्योर वीएम और कॉन्फिडेंशियल वीएम पर चलता है, और इसे भविष्य में स्मार्ट ग्लासेस में भी लाया जाएगा।
स्मार्ट ग्लासेस को लेकर क्या विवाद रहे हैं?
उपयोगकर्ताओं में फेशियल रिकग्निशन के दुरुपयोग, अनचाही रिकॉर्डिंग और पीछा किए जाने की आशंकाओं को लेकर गहरा विरोध रहा है।
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