पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में मानसून की सुस्त रफ्तार अब एक बार फिर आक्रामक रुख अख्तियार करने की तैयारी में है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून की दैनिक रिपोर्ट के अनुसार, 24 सितंबर को पूरे प्रदेश में किसी भी बड़ी प्राकृतिक आपदा या अत्यधिक वर्षा का कोई गंभीर अलर्ट लागू नहीं है। दिन के समय अधिकांश पहाड़ी और मैदानी हिस्सों में धूप और साफ मौसम का माहौल देखने को मिल सकता है। केवल उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल, चम्पावत, उधम सिंह नगर तथा पिथौरागढ़ जैसे चुनिंदा पर्वतीय और तराई जिलों में कहीं-कहीं आसमान में बादलों का आना-जाना रहेगा और छिटपुट बौछारों के साथ हल्की वर्षा दर्ज की जा सकती है।
25 सितंबर से कुमाऊं मंडल में यलो और ऑरेंज अलर्ट का संकट
मौसम के मिजाज में यह अस्थायी ठहराव ज्यादा लंबा नहीं खिंचने वाला है। 25 सितंबर के आते ही मानसूनी प्रवाह में जबर्दस्त तेजी देखने को मिलेगी, जिसका आरंभ कुमाऊं मंडल के जिलों से होने जा रहा है। बागेश्वर, नैनीताल, चम्पावत, अल्मोड़ा, उधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ जिलों में गरज के साथ आकाशीय बिजली गिरने, तीव्र से अति तीव्र वर्षा के सिलसिले और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने वाली झोंकेदार हवाओं के मद्देनजर यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अगले ही दिन यानी 26 सितंबर को वर्षा का यह प्रभाव और अधिक विकराल रूप लेकर गढ़वाल मंडल की तरफ भी तेजी से पांव पसार लेगा। 26 तारीख को बागेश्वर, नैनीताल, चम्पावत और उधम सिंह नगर जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा का अंदेशा जताया गया है। वहीं गढ़वाल के प्रमुख पर्वतीय जिलों जैसे चमोली, पौड़ी और रुद्रप्रयाग में भी मूसलाधार बारिश का तीव्र दौर दर्ज होने का अनुमान है, जो 27 सितंबर को भी कई क्षेत्रों में जारी रह सकता है।
देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश में उमस के बाद तेज बारिश
राजधानी देहरादून सहित हरिद्वार और ऋषिकेश के मैदानी इलाकों में पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान सामान्य स्तर की तुलना में उल्लेखनीय रूप से ऊंचा दर्ज किया गया। इसके परिणामस्वरूप दिनभर लोग पसीने छुड़ाने वाली चिपचिपी उमस और तीखी धूप से परेशान रहे। 24 सितंबर को भी इन मैदानी शहरों में दिन के वक्त तेज धूप निकलने और मौसम के शुष्क रहने के आसार हैं।
हालांकि, राहत और आफत का यह नया चक्र 25 सितंबर की शाम से करवट लेगा। पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी ट्रफ के आपसी तालमेल की वजह से आसमान में घने काले बादलों का जमावड़ा शुरू होगा। इसके प्रभाव से 26 और 27 सितंबर को देहरादून और पौड़ी जनपदों में तेज रफ्तार हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी वर्षा का दौर शुरू होने का अंदेशा है, जिससे तापमान में भारी गिरावट आएगी।
नैनीताल से तराई तक जलभराव और भूस्खलन की आशंका
झीलों के प्रसिद्ध पर्यटन केंद्र नैनीताल, कुमाऊं के मैदानी प्रवेश द्वार हल्द्वानी और उधम सिंह नगर के प्रमुख औद्योगिक नगरों जैसे रुद्रपुर और काशीपुर में 24 सितंबर को मामूली फुहारों के अलावा कोई बड़ा व्यवधान आने की संभावना नहीं है। लेकिन असली परीक्षा 25 सितंबर के बाद प्रारंभ होगी। नैनीताल और उधम सिंह नगर में 25 और 26 सितंबर को बहुत तेज बारिश, आकाशीय बिजली की चमक और 40 से 50 किमी/घंटा तक की आंधी को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
पहाड़ों पर तेज बारिश से चट्टानें खिसकने और मार्गों पर भारी बोल्डर गिरने का खतरा बढ़ जाता है, जबकि तराई के निचले रिहायशी इलाकों में जलभराव की गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है। स्थानीय प्रशासन और लोगों को आगामी दो-तीन दिनों के दौरान विशेष चौकसी बरतने को कहा गया है।
चारधाम यात्रा मार्ग पर आज राहत, 26 से मुश्किलें बढ़ने के संकेत
तीर्थयात्रियों के आवागमन वाले प्रमुख पहाड़ी जिलों उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग में 24 सितंबर को केवल सीमित स्थानों पर ही बादलों की गड़गड़ाहट के साथ हल्की फुहारें गिर सकती हैं। केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के लिए आज की परिस्थितियां काफी अनुकूल और सुरक्षित रहने वाली हैं। इन ऊंचे इलाकों में तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है, जिसके कारण सुबह और शाम के समय हल्की गुलाबी ठंडक का अहसास हो रहा है।
इसके विपरीत, 26 सितंबर से मौसम का यह अनुकूल रुख पूरी तरह पलट सकता है। मौसम विभाग ने इन चारधाम जिलों में 26 तारीख से भारी बारिश का सिलसिला शुरू होने की संभावना जताई है, जिससे भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में यात्रा प्रभावित हो सकती है। वहीं पिथौरागढ़, बागेश्वर, चम्पावत और अल्मोड़ा के सीमांत इलाकों में भी 25 सितंबर से मौसम बिगड़ने और कुछ जगहों पर अत्यंत तीव्र वर्षा होने की चेतावनी दी गई है। 28 सितंबर को भी राज्य के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और 29 सितंबर को पर्वतीय इलाकों में रुक-रुक कर वर्षा का दौर बना रहेगा। पहाड़ी सड़कों पर निकलने वाले मुसाफिरों को बेवजह के सफर से बचने की सलाह दी गई है।



















