स्कलकैंडी ने बॉस की मदद से बदलनी शुरू की अपनी सस्ते ब्रांड वाली छविगैजेट्स
2 घंटे पहले· 3

स्कलकैंडी ने बॉस की मदद से बदलनी शुरू की अपनी सस्ते ब्रांड वाली छवि

स्कलकैंडी ने बॉस की इंजीनियरिंग मदद से बनाए गए 280 डॉलर के नए बास हेडफोन क्रशर 1080 ANC लॉन्च किए हैं, जो 2025 में आए मेथड 360 ANC ईयरबड्स के बाद अपनी सस्ते ब्रांड वाली छवि बदलने की कंपनी की एक और कोशिश है।

बॉस के सहयोग से स्कलकैंडी अब यह साबित करने में जुटी है कि उसके हेडफोन सिर्फ सस्ते होने के लिए नहीं, बल्कि साउंड क्वालिटी के लिए भी जाने जाएं, और बुधवार शाम न्यूयॉर्क में हुए एक इवेंट में लॉन्च हुए नए बास हेडफोन क्रशर 1080 ANC इसी कोशिश की सबसे बड़ी मिसाल हैं।

ईयरबड्स से शुरू हुई साझेदारी

स्कलकैंडी और बॉस के बीच यह साझेदारी 2025 में शुरू हुई थी, जब दोनों कंपनियों ने मिलकर मेथड 360 ANC नाम के वायरलेस ईयरबड्स बनाए। महज 130 डॉलर की कीमत वाले इन ईयरबड्स ने अपनी नॉइज़ कैंसिलेशन और ऑडियो क्वालिटी से सबको चौंका दिया था। असल में यह लॉन्च आगे आने वाले एक बड़े प्रोजेक्ट की पूर्वपीठिका थी, स्कलकैंडी की सबसे पहचानी और सबसे विवादित प्रोडक्ट लाइन में वही इंजीनियरिंग गंभीरता लाने की।

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क्रशर हेडफोन की पुरानी पहचान

पिछले एक दशक से भी ज़्यादा समय से स्कलकैंडी के क्रशर हेडफोन एक अनोखे फीचर की वजह से मशहूर रहे हैं, इयर कप पर लगा एक फिजिकल थंब व्हील, जिसे घुमाकर यूज़र बास वाइब्रेशन को इतना तेज़ कर सकते हैं कि हेडफोन खोपड़ी से टकराकर सच में कंपन करने लगें। यह असर एक खास ड्राइवर डिज़ाइन की वजह से मिलता है, जो साउंड बजाने के साथ साथ शरीर को हिलाने के लिए भी बनाया गया है, बिल्कुल वैसा एहसास जैसे किसी कॉन्सर्ट में सबवूफर के ठीक सामने खड़े हों। लेकिन इसकी कीमत यह चुकानी पड़ती थी कि बास तेज़ करते ही मिड और हाई फ्रीक्वेंसी दब जाती थी और आवाज़ धुंधली सी लगने लगती थी।

अब मिलिए क्रशर 1080 ANC से

नए क्रशर 1080 ANC हेडफोन इसी खामी को दूर करने की कोशिश हैं, और यह अभी 280 डॉलर की कीमत में बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। कंपनी का दावा है कि नॉइज़ कैंसिलेशन बंद रखने पर यह हेडफोन 60 घंटे और चालू रखने पर 50 घंटे तक चल जाते हैं। इनमें रैपिड चार्ज फीचर भी है, यानी सिर्फ 10 मिनट चार्ज करने पर 4 घंटे तक गाने सुने जा सकते हैं। इसके अलावा हेडफोन उतारते ही गाना अपने आप रुक जाता है और वापस पहनते ही फिर से बजने लगता है, ऐप में कस्टमाइज़ेबल इक्वलाइज़र दिया गया है, ब्लूटूथ 5.3 के साथ मल्टीपॉइंट पेयरिंग मिलती है और ऑराकास्ट का सपोर्ट भी है।

स्की चेयरलिफ्ट से प्राइवेट इक्विटी तक का सफर

स्कलकैंडी हमेशा से अपनी शुरुआत की कहानी को गर्व से सुनाती रही है, कि 2003 में उसका पहला प्रोडक्ट यूटा के पार्क सिटी में मुख्यालय के पास एक स्की चेयरलिफ्ट पर सूझा था, और तभी से कंपनी ने खुद को बोर्ड स्पोर्ट्स कम्युनिटी से जोड़े रखा है। स्कलकैंडी के सीईओ ब्रायन गैरोफेलो इसे यूं बयां करते हैं, "स्नोबोर्डर्स के लिए, स्नोबोर्डर्स द्वारा।" आज कंपनी का मालिकाना हक प्राइवेट इक्विटी फर्म मिल रोड कैपिटल के पास है, लेकिन गैरोफेलो खुद मानते हैं कि स्कलकैंडी को अब भी एक गंभीर ऑडियो कंपनी की बजाय एक लाइफस्टाइल ब्रांड के तौर पर देखा जाता है। उनके शब्दों में, "हम कम्युनिटी बनाने और उसे आगे बढ़ाने में हमेशा से बहुत अच्छे रहे हैं, लेकिन प्रोडक्ट इनोवेशन की इंजीनियरिंग वाली साइड में उतने अच्छे नहीं रहे। इसलिए पिछले कुछ सालों में हमने इसी पर मेहनत की है।"

बास और साफ आवाज़ के बीच का पेच सुलझाना

गैरोफेलो मानते हैं कि स्कलकैंडी की अपनी क्रशर बास तकनीक को नॉइज़ कैंसिलेशन के साथ जोड़ना एक बड़ी इंजीनियरिंग चुनौती थी। उन्होंने बताया कि टीम ने बॉस के इंजीनियरों के साथ मिलकर क्रशर के बास इफेक्ट को बाकी ऑडियो ट्यूनिंग से अलग कर दिया, यानी अब लो फ्रीक्वेंसी बाकी साउंड से स्वतंत्र होकर काम करती है। सिद्धांत रूप में इसका मतलब है कि अब बास डायल को पूरा घुमाने पर भी बाकी आवाज़ पर असर नहीं पड़ता। गैरोफेलो के मुताबिक, "मिड और हाई फ्रीक्वेंसी अब भी बहुत शार्प रहती हैं, जबकि पहले बास बढ़ाने पर यह धुंधली हो जाती थीं।"

बॉस ने असल में क्या जोड़ा

बास वाली दिक्कत सुलझाने के अलावा साउंड बाय बॉस प्रोग्राम के तहत क्रशर 1080 ANC में तीन और सुधार जोड़े गए हैं। पहला है बॉस की नॉइज़ कैंसिलेशन तकनीक, जो बास पूरा तेज़ करने पर भी असरदार बने रहने के लिए बनाई गई है। दूसरा है बॉस की स्पेशल ऑडियो प्रोफाइल, जो सराउंड साउंड जैसा एहसास देती है। तीसरा है छह माइक्रोफोन वाला ऐरे, जो कॉल क्वालिटी के लिए है, जिसके लिए बॉस पहले से ही जाना जाता है।

अब भी सस्ते दाम का दांव

बॉस के साथ साझेदारी के बावजूद स्कलकैंडी अपनी पुरानी रणनीति पर ही टिकी हुई है, कीमत में प्रतिस्पर्धियों को पीछे छोड़ना। 280 डॉलर की कीमत में क्रशर 1080 ANC, सोनी, बॉस और एप्पल जैसे ब्रांड्स के फ्लैगशिप हेडफोन के साथ साथ डेज़ी जैसे नए ब्रांड्स से भी काफी सस्ता है। ऐसा लगता है कि स्कलकैंडी का दांव यह है कि बेहतर साउंड और कम कीमत का यह कॉम्बिनेशन बड़े प्रतिद्वंद्वियों के लिए आसानी से टक्कर देना मुश्किल होगा।

रणनीति के कामयाब होने के शुरुआती संकेत

गैरोफेलो मेथड 360 ANC को इस रणनीति के कामयाब होने का सबूत मानते हैं। उनका कहना है, "ट्रू वायरलेस और खासतौर पर एयरपॉड्स के बढ़ने के साथ हम थोड़े पीछे रह गए थे, हमारी क्वालिटी उतनी अच्छी नहीं थी, और हमने अपना कुछ हिस्सा गंवा दिया था। मैं जो विज़न लेकर आया, वह यह था कि हम वापस उसी चीज़ पर लौटें जिसमें हम सबसे बेहतर हैं, यानी एक बेहद अलग ब्रांड बनना, और फिर बिज़नेस के हर हिस्से को उसी दिशा में ले जाना।" मेथड 360 ANC, जो शुरुआत में 100 डॉलर की कीमत पर लॉन्च हुआ था, कंपनी द्वारा करवाई गई एक थर्ड पार्टी मार्केट रिपोर्ट के मुताबिक लॉन्च के बाद से 75 से 100 डॉलर वाले ईयरबड्स सेगमेंट के 20 प्रतिशत बाज़ार पर कब्ज़ा कर चुका है।

एक पुराना वादा, फिर से दोहराया गया

यह पहली बार नहीं है जब स्कलकैंडी ने अपनी सस्ते ब्रांड वाली छवि बदलने की कोशिश की हो, और एक दशक से भी पहले आए हेडफोन रिव्यू पढ़ें तो लगता है जैसे इतिहास खुद को दोहरा रहा है। असली परीक्षा यही है कि क्या नए क्रशर हेडफोन और बॉस के साथ यह साझेदारी आखिरकार उन लोगों की राय बदल पाएगी, जो साउंड क्वालिटी को लेकर गंभीर हैं और अब तक स्कलकैंडी को नज़रअंदाज़ करते आए हैं।

हेडफोन की दुनिया में आगे क्या

फिलहाल हेडफोन इंडस्ट्री में जमकर प्रयोग हो रहे हैं। कहा जा रहा है कि एप्पल ऐसे एयरपॉड्स पर काम कर रहा है जिनमें बिल्ट-इन कैमरा होगा, ताकि विज़ुअल डेटा सिरी असिस्टेंट तक पहुंचाया जा सके, और रेज़र ने इस साल के सीईएस में इसी तरह का एक कॉन्सेप्ट दिखाया भी था। कुछ आने वाले हेडफोन में तो दिमाग की गतिविधि स्कैन करने वाली तकनीक भी लगाई जा रही है, ताकि पहनने वाले का फोकस लेवल मॉनिटर किया जा सके। जब गैरोफेलो से पूछा गया कि क्या स्कलकैंडी के टेक्नोलॉजी पर बढ़ते ज़ोर का मतलब है कि फैंस को ऐसे ही महत्वाकांक्षी गैजेट की उम्मीद रखनी चाहिए, तो उनका जवाब गोलमोल लेकिन भरोसे से भरा था, "फ्यूचर फेसिंग टेक्नोलॉजी की बात करें तो मैं अभी कुछ शेयर नहीं करूंगा, लेकिन इतना ज़रूर कहूंगा कि हां, सब कुछ संभव है। आपको हमारी तरफ से कुछ बहुत शानदार चीज़ें आने वाले समय में देखने को मिलेंगी।"

सवाल-जवाब

क्रशर 1080 ANC हेडफोन की कीमत कितनी है?
इसकी कीमत 280 डॉलर है और यह अभी बिक्री के लिए उपलब्ध है।
यह हेडफोन बॉस के साथ मिलकर कैसे बनाए गए?
स्कलकैंडी ने बॉस के इंजीनियरों के साथ मिलकर क्रशर की बास तकनीक को बाकी ऑडियो ट्यूनिंग से अलग किया, ताकि बास बढ़ाने पर भी मिड और हाई फ्रीक्वेंसी साफ बनी रहे।
इसकी बैटरी लाइफ कितनी है?
नॉइज़ कैंसिलेशन बंद रखने पर 60 घंटे और चालू रखने पर 50 घंटे की बैटरी लाइफ मिलती है, और रैपिड चार्ज से 10 मिनट चार्ज करने पर 4 घंटे तक चलता है।
यह इवेंट कब और कहां हुआ?
यह घोषणा बुधवार शाम न्यूयॉर्क शहर में हुए एक इवेंट में की गई।
मेथड 360 ANC ईयरबड्स ने कितना बाज़ार हिस्सा हासिल किया?
कंपनी की एक थर्ड पार्टी मार्केट रिपोर्ट के मुताबिक इसने 75 से 100 डॉलर वाले ईयरबड्स सेगमेंट में करीब 20 प्रतिशत बाज़ार हिस्सेदारी हासिल की है।
स्कलकैंडी की शुरुआत कैसे हुई थी?
कंपनी का पहला प्रोडक्ट 2003 में यूटा के पार्क सिटी के पास एक स्की चेयरलिफ्ट पर सोचा गया था।
स्कलकैंडी का मालिक अभी कौन है?
कंपनी का मालिकाना हक प्राइवेट इक्विटी फर्म मिल रोड कैपिटल के पास है।
क्या भविष्य में स्कलकैंडी से और नए गैजेट आ सकते हैं?
सीईओ ब्रायन गैरोफेलो ने विस्तार से कुछ नहीं बताया, लेकिन संकेत दिया कि आने वाले समय में और दिलचस्प तकनीकी प्रोडक्ट देखने को मिल सकते हैं।

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