फुटबॉल का महाकुंभ कहा जाने वाला फीफा वर्ल्ड कप 2026 अब अपने सबसे रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है। इस टूर्नामेंट की मेजबानी तीन देशों, मेक्सिको, कनाडा और अमेरिका ने मिलकर की थी, लेकिन तीनों मेजबान देश अब प्रतियोगिता से बाहर हो चुके हैं। खिताब की दौड़ में अब सिर्फ चार टीमें बची हैं, फ्रांस, स्पेन, इंग्लैंड और अर्जेंटीना। ये चारों टीमें अब दो सेमीफाइनल मुकाबले खेलेंगी, इसके बाद तीसरे स्थान के लिए एक मैच होगा और आखिर में खिताबी भिड़ंत के साथ टूर्नामेंट का पटाक्षेप होगा।
अब तक का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला टूर्नामेंट
इस वर्ल्ड कप की शुरुआत से पहले ही फीफा ने अनुमान जताया था कि यह संगठन के इतिहास में सबसे ज्यादा देखा जाने वाला टूर्नामेंट साबित होगा। इस महीने की शुरुआत में जब प्रतियोगिता क्वार्टरफाइनल चरण में पहुंची, तब फीफा ने बताया कि 62 लाख से ज्यादा दर्शक स्टेडियम में जाकर मैच देख चुके थे, जबकि इसके अलावा लाखों और लोग डिजिटल प्लेटफॉर्म, प्रसारण और मेजबान शहरों में हो रहे फैन इवेंट्स के जरिए दुनियाभर में इस टूर्नामेंट से जुड़े हुए थे। पूरा शेड्यूल फीफा की वेबसाइट पर उपलब्ध है, जो अपने आप दर्शक के स्थानीय समय के हिसाब से दिख जाता है।
सेमीफाइनल का शेड्यूल
पहला सेमीफाइनल मुकाबला फ्रांस और स्पेन के बीच टेक्सास के आर्लिंगटन स्थित डलास स्टेडियम में खेला जाएगा, यह मैच मंगलवार, 14 जुलाई को शाम 3 बजे ईटी से शुरू होगा। दूसरा सेमीफाइनल इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच अटलांटा स्टेडियम में होगा, यह मुकाबला बुधवार, 15 जुलाई को शाम 3 बजे ईटी से खेला जाएगा।
तीसरे स्थान का मुकाबला और फाइनल
दोनों सेमीफाइनल में हारने वाली टीमें तीसरे स्थान के खिताब के लिए आमने-सामने होंगी। यह मैच शनिवार, 18 जुलाई को शाम 5 बजे ईटी से फ्लोरिडा के मियामी स्टेडियम में खेला जाएगा। इसके बाद वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला रविवार, 19 जुलाई को शाम 3 बजे ईटी से न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी के स्टेडियम में खेला जाएगा, जिसमें तय होगा कि इस बार की ट्रॉफी किसके हाथ लगेगी।
वर्ल्ड कप के इतिहास का पहला हाफटाइम शो
फाइनल मुकाबले में फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में पहली बार सुपर बाउल जैसा भव्य हाफटाइम शो देखने को मिलेगा। इसमें जस्टिन बीबर, मडोना, शकीरा, बीटीएस और गुस्तावो दुदामेल परफॉर्म करेंगे। जैसा कि हाफटाइम शो के नाम से ही जाहिर है, यह प्रसारण के बीचोबीच होने की संभावना है, इसलिए दर्शकों को सलाह दी गई है कि वे 19 जुलाई को शाम करीब 4 बजे ईटी के आसपास स्क्रीन के सामने बने रहें।
फाइनल मुकाबले कहां और कैसे देखें
अगर आपके पास सैटेलाइट या केबल टीवी कनेक्शन है, तो अमेरिका में फाइनल मुकाबलों का सीधा प्रसारण फॉक्स स्पोर्ट्स पर देखा जा सकता है। ये मैच फॉक्सवन नाम की स्ट्रीमिंग सेवा पर भी 20 डॉलर प्रति महीने की कीमत पर उपलब्ध हैं। फीफा ने स्ट्रीमिंग के लिए यूट्यूब के साथ भी साझेदारी की है और उसे अपना पसंदीदा साझेदार बताया है। इसके लिए दर्शकों को यूट्यूब टीवी का स्पोर्ट्स प्लान लेना होगा, जिसकी मौजूदा कीमत 55 डॉलर प्रति महीने है। इसके अलावा फ्यूबो पर भी 46 डॉलर प्रति महीने और हुलु के लाइव स्पोर्ट्स विकल्प पर 90 डॉलर प्रति महीने में मैच देखे जा सकते हैं। टेलीमुंडो के साथ साझेदारी में पीकॉक स्ट्रीमिंग सेवा सभी मैचों का स्पेनिश भाषा में प्रसारण कर रही है। सभी आधिकारिक प्रसारकों की पूरी सूची फीफा की वेबसाइट पर दी गई है।
इस बार क्यों बदला हुआ है टूर्नामेंट का ढांचा
प्रतिस्पर्धा के लिहाज से यह वर्ल्ड कप अब तक का सबसे बड़ा संस्करण रहा है, क्योंकि पहली बार इसमें पिछले वर्ल्ड कप की तरह 32 टीमों की जगह 48 टीमों ने हिस्सा लिया। टीमों की संख्या बढ़ने की वजह से इस बार प्रतियोगिता के आयोजन का तरीका भी पहले से अलग रखा गया। शुरुआत में सभी देशों को A से लेकर L तक के अक्षरों वाले अलग-अलग समूहों में बांटा गया और इन समूहों के भीतर पहले चरण के मुकाबले खेले गए। इन मुकाबलों के विजेता आगे राउंड ऑफ 32 चरण में पहुंचे, जहां से टीमों की संख्या और छांटकर राउंड ऑफ 16 तक लाई गई। इसके बाद बचे हुए विजेता क्वार्टरफाइनल में पहुंचे, जो पिछले सप्ताहांत ही खत्म हो चुका है।











