कम बजट वाले कंप्यूटर उपकरणों के बाजार में Titan GA-0254 एक बेहद किफायती फुल-साइज वायर्ड गेमिंग कीबोर्ड के तौर पर पेश किया गया है, जिसे फाइव बिलो द्वारा बेचा जाता है। मेटल और प्लास्टिक के मिश्रण से तैयार किए गए इस कीबोर्ड में आकर्षक आरजीबी बैकलाइटिंग दी गई है, जिसमें कई इन-बिल्ट लाइटिंग इफेक्ट्स शामिल हैं। ऊपर के किनारे पर स्मार्टफोन टिकाने के लिए एक स्टैंड भी दिया गया है, जबकि कई मल्टीमीडिया शॉर्टकट्स सीधे कीज के जरिए काम करते हैं। हालांकि, इसके साथ कोई कस्टमाइजेशन सॉफ्टवेयर उपलब्ध नहीं है और न ही इसमें मैक्रो प्रोग्रामिंग की सुविधा मिलती है।
गेमिंग के मैदान में कैसा है प्रदर्शन?
अगर प्राथमिकता कम कीमत में शानदार बैकलाइटिंग पाना है, तो यह कीबोर्ड साधारण गेमिंग के लिए ठीक-ठाक अनुभव प्रदान करता है। सामान्य गेम्स में इसका रिस्पॉन्स संतोषजनक रहता है और यह बहुत धीमा महसूस नहीं होता। इसके विपरीत, प्रतिस्पर्धी या तेज गति वाले मल्टीप्लेयर गेम्स में इसकी लेटेंसी काफी ज्यादा महसूस होती है, जिससे जरूरी तात्कालिक प्रतिक्रिया नहीं मिल पाती। इसके अलावा, जब एक साथ कई कीज दबाने की जरूरत पड़ती है, तो यह कई इनपुट्स को एक साथ रजिस्टर करने में संघर्ष करता है, जो जटिल गेमिंग स्थितियों में रुकावट बनता है।
दफ्तर के काम और लंबी टाइपिंग का अनुभव
ऑफिस के नियमित कामकाज या लंबे समय तक टाइपिंग के लिहाज से यह कीबोर्ड औसत से कमतर साबित होता है। इसकी टाइपिंग क्वालिटी और एर्गोनॉमिक्स लंबे उपयोग के दौरान उंगलियों और कलाइयों को थका सकते हैं। निर्माण सामग्री भी काफी सस्ती लगती है और इसमें वायरलेस कनेक्टिविटी का पूरी तरह अभाव है। इस कीबोर्ड का सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू यह है कि टाइप करते समय यह बेहद शांत रहता है, जिससे साझा ऑफिस स्पेस में किसी अन्य सहकर्मी को परेशानी नहीं होती। इसके साथ ही, डेस्कटॉप ऑपरेटिंग सिस्टम्स के साथ इसकी कम्पैटिबिलिटी बेहद मजबूत है।
कोडिंग, मनोरंजन और मोबाइल इस्तेमाल की सीमाएं
प्रोग्रामिंग से जुड़े पेशेवर कार्यों के लिए भी इसे मुफीद नहीं माना जा सकता। डेस्कटॉप ऑपरेटिंग सिस्टम्स पर आसानी से चलने के बावजूद, लंबी कोडिंग सिटिंग्स में इसकी साधारण एर्गोनॉमिक्स थकान पैदा करती है। इसमें प्रोग्रामेबल कीज, मैक्रो सपोर्ट और एक साथ कई डिवाइस कनेक्ट करने की क्षमता मौजूद नहीं है। होम थिएटर पीसी या मनोरंजन सेटअप में भी इसका वायर्ड स्वरूप सोफे या दूर से इस्तेमाल करने में असुविधाजनक रहता है, और ट्रैकपैड न होने से अलग माउस की आवश्यकता बनी रहती है। साथ ही, मोबाइल और टैबलेट ऑपरेटिंग सिस्टम्स के साथ कम्पैटिबिलिटी न होने और सिर्फ वायर्ड कनेक्शन के कारण यह पोर्टेबल उपयोग के लिए अनुपयुक्त है।



















