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अमेज़फिट स्मार्टवॉच में छिपा वो सीक्रेट मेन्यू, जो पूरी क्षमता खोल देता हैगाइड
2 घंटे पहले· 2

अमेज़फिट स्मार्टवॉच में छिपा वो सीक्रेट मेन्यू, जो पूरी क्षमता खोल देता है

अमेज़फिट की घड़ियों में छिपा एक डेवलपर मोड, चार्जिंग की स्मार्ट आदतें और कुछ थर्ड पार्टी ऐप्स मिलकर बजट स्मार्टवॉच को कहीं ज्यादा दमदार बना सकते हैं। Bip 6 से लेकर Balance 3 तक, अमेज़फिट यूजर्स अक्सर इन कम मशहूर सेटिंग्स और फीचर्स को नजरअंदाज कर देते हैं।

रविकाश गुप्तारविकाश गुप्तावरिष्ठ संवाददाता 6 मिनट पढ़ें AI के लिए
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अमेज़फिट की घड़ियों ने कम कीमत में दमदार फिटनेस डेटा देकर अपनी पहचान बनाई है, और हाइरॉक्स जैसी मुश्किल रेस में भी Cheetah 2 Pro जैसे मॉडल ने अच्छा प्रदर्शन किया है। लेकिन इस पहचान के पीछे एक बड़ा राज छिपा है, ज्यादातर अमेज़फिट यूजर्स अपनी घड़ी की असली क्षमता का बहुत छोटा हिस्सा ही इस्तेमाल कर पाते हैं। चाहे कलाई पर बजट वाला Bip 6 हो, मजबूत बनावट वाला T-Rex 3 हो, एडवांस्ड ट्रेनर Balance 3 हो या अमेज़फिट की कोई और घड़ी, इनमें कई ऐसी छिपी सेटिंग्स, अनदेखे ऐप्स और बिल्ट-इन टूल्स मौजूद हैं, जिनका जिक्र मैनुअल में भी नहीं मिलता।

छिपा हुआ डेवलपर मोड और वॉच फेस की पूरी आजादी

हर अमेज़फिट घड़ी को चलाने वाले ज़ेप्प ऐप के अंदर एक सीक्रेट डेवलपर मोड तीन मेन्यू के भीतर छिपा है। प्रोफाइल में जाकर सेटिंग्स, फिर अबाउट खोलें और वहां ज़ेप्प के लोगो पर सात बार टैप करें, डेवलपर मोड चालू हो जाएगा। एक बार अनलॉक होने के बाद इसमें कई ऐसे टूल मिलते हैं, जिन्हें ज्यादातर यूजर्स कभी देख ही नहीं पाते।

  • कंप्यूटर पर कस्टम वॉच फेस बनाकर उसका QR कोड जनरेट किया जा सकता है और घड़ी से उसे स्कैन करके सीधे इंस्टॉल किया जा सकता है, इससे मौजूदा वॉच फेस लाइब्रेरी की सीमा पूरी तरह टूट जाती है।
  • जिन मॉडल्स की स्क्रीन रेजोल्यूशन एक जैसी है, जैसे Bip 6, Active और Cheetah, उनके बीच वॉच फेस आपस में ट्रांसफर किए जा सकते हैं, जिससे डिजाइन के विकल्प किसी एक मॉडल की आधिकारिक सीमा से कहीं आगे बढ़ जाते हैं।
  • लाइव डिवाइस लॉग दिखने लगते हैं, यानी फोन या कंप्यूटर से ही ऐप की परफॉर्मेंस, क्रैश और ब्लूटूथ कनेक्टिविटी से जुड़ी रियल टाइम जानकारी देखी जा सकती है।
  • स्क्रीनशॉट आइकन की मदद से असली स्क्रीनशॉट लिए जा सकते हैं, जो घड़ी की स्क्रीन पर जो कुछ दिख रहा है उसे ठीक वैसे ही फोन की फोटो गैलरी में सेव कर देता है।
  • डेवलपर ब्रिज मोड चालू करने पर ज़ेप्प ऐप, ज़ेप्प CLI या वॉचफेस मेकर जैसे डेस्कटॉप डेवलपमेंट टूल्स से जुड़ जाता है, जो एडवांस्ड कस्टमाइजेशन प्रोजेक्ट्स के लिए काम आता है।

हर यूजर को इन पांचों टूल्स की जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन जिन्हें बग ढूंढने में कोई दिलचस्पी नहीं भी है, उनके लिए भी QR कोड से वॉच फेस इंस्टॉल करने वाला यह फीचर सात बार टैप करने की मेहनत को सार्थक बना देता है।

चार्जिंग और कलाई उठाने वाली सेटिंग को दिनचर्या के हिसाब से सेट करें

नींद ट्रैक करते समय एक दिक्कत साफ है, घड़ी एक साथ चार्ज भी नहीं हो सकती और नींद भी नहीं मापी जा सकती, इसलिए चार्जिंग के लिए दिन का कोई और समय निकालना पड़ता है। इसका आसान हल है बाथरूम में एक चार्जर रखना। नहाते या सुबह तैयार होते समय महज 10 मिनट की चार्जिंग ज्यादातर अमेज़फिट घड़ियों की बैटरी भरने के लिए काफी है, और यह ठीक उसी समय होता है जब घड़ी वैसे भी कलाई पर नहीं होती।

इसी तरह 'कलाई उठाकर जानकारी देखें' वाली सेटिंग को भी नए सिरे से सेट करना फायदेमंद है। जो लोग करवट बदलते ही अपनी घड़ी की रोशनी से जाग गए हैं, वे इस दिक्कत को अच्छे से समझते हैं। इस सेटिंग को चौबीसों घंटे चालू रखने के बजाय, अगर इसे सिर्फ जागने के असली घंटों के दौरान ही चालू रखा जाए, तो बाकी समय कलाई हिलाने पर डिस्प्ले अपने आप नहीं जलेगा। इससे आधी रात की रोशनी की परेशानी तो खत्म होती ही है, साथ ही बैटरी भी बचती है, क्योंकि डिस्प्ले किसी भी स्मार्टवॉच में बैटरी खींचने वाला सबसे बड़ा हिस्सा होता है।

बेकार में मापे जा रहे डेटा को बंद कर बैटरी बचाएं

अमेज़फिट की घड़ियां डिफॉल्ट रूप से जरूरत से कहीं ज्यादा बार डेटा इकट्ठा करती हैं। अगर किसी खास मकसद के लिए ट्रेनिंग नहीं चल रही, तो कुछ बदलावों से यह डेटा कलेक्शन काफी कम किया जा सकता है। हार्ट रेट मापने की फ्रीक्वेंसी हर एक मिनट से घटाकर हर पांच या 10 मिनट पर की जा सकती है। "ऑटोमैटिक स्ट्रेस मॉनिटरिंग" और "ऑटो ब्लड ऑक्सीजन" ट्रैकिंग को तब तक बंद रखा जा सकता है, जब तक उस डेटा पर सीधे भरोसा न करना हो। वर्कआउट न करते समय लगातार लोकेशन ट्रैकिंग और हार्ट रेट लॉगिंग भी बंद की जा सकती है, बस वर्कआउट शुरू करते ही दोनों को दोबारा चालू करना जरूरी है। इन छोटे बदलावों से डेटा की गुणवत्ता पर कोई खास असर नहीं पड़ता, लेकिन ये घड़ी को बैकग्राउंड में बेवजह बैटरी खर्च करने से रोक देते हैं।

हार्ट रेट की सटीकता अपने आप में अलग मसला है। कलाई पर लगे ऑप्टिकल सेंसर इस्तेमाल में आसान तो हैं, लेकिन पूरी तरह सटीक नहीं होते, खासकर हाई इंटेंसिटी इंटरवल या ज्यादा कलाई हिलने वाली एक्टिविटी के दौरान। जिन्हें सटीक डेटा चाहिए, जैसे जोन ट्रेनिंग करने वालों को, उनके लिए कूस्पो जैसे किसी बाहरी चेस्ट स्ट्रैप के साथ घड़ी को जोड़ना बेहतर विकल्प है। एक बार स्ट्रैप जुड़ जाने पर सेंसर सेटिंग्स में हार्ट रेट पुश चालू करने से अमेज़फिट वर्कआउट के दौरान अपने बिल्ट-इन सेंसर के बजाय सीधे स्ट्रैप से हार्ट रेट डेटा लेने लगती है।

थर्ड पार्टी ऐप्स जो महंगी स्मार्टवॉच जैसा अनुभव देते हैं

ज़ेप्प का खुद का ऐप बेसिक जरूरतें अच्छे से पूरी करता है, लेकिन कुछ थर्ड पार्टी ऐप्स अमेज़फिट को महंगी स्मार्टवॉच के करीब ला देते हैं। नेविगेशन वियर गूगल मैप्स के डायरेक्शन सीधे कलाई पर भेज देता है, जिससे फोन के बिना भी टर्न बाय टर्न नेविगेशन किया जा सकता है। रिमोटिफाई और इससे मिलते-जुलते ऐप्स घड़ी में ही म्यूजिक स्टोर कर देते हैं, ताकि फोन पास न होने पर भी प्लेबैक कंट्रोल किया जा सके। रूवेदर अमेज़फिट के सामान्य से मौसम ऐप की जगह ज्यादा बारीक और सटीक फोरकास्ट देता है, और इसे गिटहब पर मौजूद QR कोड से इंस्टॉल किया जा सकता है। बीपर की मदद से घड़ी से ही व्हाट्सएप, स्लैक, टेलीग्राम जैसे ऐप्स के मैसेज का जवाब दिया जा सकता है। ये सभी ऐप्स मिलकर अमेज़फिट और महंगी स्मार्टवॉच ब्रांड्स के बीच का बड़ा फासला काफी हद तक पाट देते हैं।

ऐसे बिल्ट-इन फीचर्स जिन्हें जरूरत पड़ने से पहले जान लेना चाहिए

अमेज़फिट की घड़ियों में वैसे भी कई काम के फीचर्स होते हैं, लेकिन इनका फायदा तभी मिलता है जब यूजर को पहले से इनकी जानकारी हो। एक आम परेशानी है क्राउन यानी ऊपर दाईं तरफ का बटन, जो कई अमेज़फिट मॉडल में बाकी स्टॉपवॉच के मुकाबले बड़ा या ज्यादा संवेदनशील होता है, जिससे मामूली सी टक्कर लगने पर भी घड़ी वर्कआउट को बीच में पॉज समझ लेती है। इसका हल वर्कआउट सेटिंग्स के अंदर मिलता है, जहां पॉज करने के तरीके को साधारण प्रेस से बदलकर लॉन्ग प्रेस किया जा सकता है। शुरुआत में लॉन्ग प्रेस की आदत डालने में थोड़ा समय लगता है, लेकिन इसके बाद कलाई की सामान्य हरकत से होने वाले गलती से पॉज होने का झंझट खत्म हो जाता है।

फोन गुम होने से बचाने में भी घड़ी मदद कर सकती है। ब्लूटूथ सेटिंग्स में डिस्कनेक्शन अलर्ट सेट करने पर, फोन का ब्लूटूथ कनेक्शन टूटते ही घड़ी तुरंत सूचित कर देती है। यही अलर्ट किसी रेस्टोरेंट की मेज या जिम की बेंच पर फोन भूल जाने और उसे समय रहते याद आने के बीच का फर्क बन सकता है।

बारिश में भीगने के बाद घड़ी के माइक्रोफोन और स्पीकर पोर्ट में पानी रह जाता है, जिससे आवाज दब जाती है या गलत टच रजिस्टर होने लगते हैं। अमेज़फिट ने इसके लिए एक बिल्ट-इन वॉटर इजेक्शन फीचर दिया है। मुख्य स्क्रीन से नीचे की तरफ स्वाइप करके कंट्रोल सेंटर खोलें, वहां ड्रॉपलेट आइकन पर टैप करें और घड़ी को स्पीकर नीचे की तरफ करके पकड़ें। घड़ी खास फ्रीक्वेंसी पर वाइब्रेट करती है, जो पोर्ट्स से नमी को बाहर धकेलने के लिए डिजाइन की गई है। बाकी फीचर्स की तरह यह भी वही चीज है, जिसे असली जरूरत पड़ने से बहुत पहले जान लेना समझदारी है।

इसका आप पर असर

  • अमेज़फिट यूजर्स के लिए: डेवलपर मोड चालू करना, कलाई उठाने वाली सेटिंग को दिन के हिसाब से बदलना और लगातार हार्ट रेट, स्ट्रेस व ब्लड ऑक्सीजन ट्रैकिंग को कम करना बैटरी लाइफ को काफी बढ़ा सकता है, वहीं QR कोड से वॉच फेस इंस्टॉल करने जैसे मुफ्त तरीके और नेविगेशन वियर, रूवेदर, बीपर जैसे ऐप्स घड़ी को बिना पैसा खर्च किए महंगी स्मार्टवॉच जैसी सुविधाएं दे देते हैं।

सवाल-जवाब

अमेज़फिट घड़ी में डेवलपर मोड कैसे अनलॉक करें?
ज़ेप्प ऐप में प्रोफाइल, फिर सेटिंग्स, फिर अबाउट में जाकर ज़ेप्प के लोगो पर सात बार टैप करें।
डेवलपर मोड चालू करने पर क्या-क्या मिलता है?
इससे QR कोड के जरिए कस्टम वॉच फेस इंस्टॉल करना, मिलते-जुलते मॉडल्स के बीच वॉच फेस ट्रांसफर करना, लाइव डिवाइस लॉग देखना, असली स्क्रीनशॉट लेना और डेवलपर ब्रिज मोड के जरिए ज़ेप्प CLI या वॉचफेस मेकर जैसे डेस्कटॉप टूल्स से जुड़ना संभव होता है।
अमेज़फिट की बैटरी कैसे बचाई जा सकती है?
वर्कआउट न करते समय हार्ट रेट मापने की फ्रीक्वेंसी हर पांच या 10 मिनट पर करें, ऑटोमैटिक स्ट्रेस मॉनिटरिंग और ऑटो ब्लड ऑक्सीजन ट्रैकिंग बंद करें, वर्कआउट के अलावा लोकेशन और हार्ट रेट लॉगिंग बंद रखें, और कलाई उठाकर जानकारी देखने वाली सेटिंग को सिर्फ जागने के घंटों तक सीमित रखें।
अमेज़फिट के साथ कौन-कौन से थर्ड पार्टी ऐप्स अच्छे से काम करते हैं?
गूगल मैप्स डायरेक्शन के लिए नेविगेशन वियर, घड़ी में म्यूजिक स्टोर करने के लिए रिमोटिफाई, बेहतर मौसम जानकारी के लिए रूवेदर, और व्हाट्सएप, स्लैक, टेलीग्राम के मैसेज का जवाब देने के लिए बीपर इस्तेमाल किया जा सकता है।
घड़ी बार-बार गलती से वर्कआउट पॉज कर देती है, इसे कैसे रोकें?
वर्कआउट सेटिंग्स में जाकर पॉज करने का तरीका साधारण प्रेस से बदलकर लॉन्ग प्रेस कर दें।
अमेज़फिट घड़ी से पानी कैसे निकाला जाए?
मुख्य स्क्रीन से नीचे स्वाइप कर कंट्रोल सेंटर खोलें, ड्रॉपलेट आइकन पर टैप करें और घड़ी को स्पीकर नीचे की तरफ करके पकड़ें, ताकि वाइब्रेशन से नमी बाहर निकल जाए।
रविकाश गुप्ता
लेखक के बारे मेंरविकाश गुप्तावरिष्ठ संवाददाता लखनऊ
विशेषज्ञताभारत समाचार, वैश्विक बिज़नेस, वित्तीय बाज़ार, क्रिप्टोकरेंसी, ब्लॉकचेन, शेयर बाज़ार विश्लेषण, कॉर्पोरेट न्यूज़, स्टार्टअप, आर्थिक रुझान, डिजिटल एसेट्स, निवेश अंतर्दृष्टि

रविकाश गुप्ता एक वरिष्ठ संवाददाता एवं संपादक हैं जो भारत की ख़बरों, वैश्विक बिज़नेस, वित्तीय बाज़ार और क्रिप्टोकरेंसी को कवर करते हैं। वे आर्थिक रुझानों, क्रिप्टो घटनाक्रमों और दुनियाभर की बड़ी बाज़ार-हलचल वाली घटनाओं पर रिपोर्ट करते हैं।

रविकाश गुप्ता एक वरिष्ठ संवाददाता एवं संपादक हैं जो भारत-केंद्रित रिपोर्टिंग और बिज़नेस, वित्तीय बाज़ार व क्रिप्टोकरेंसी की वैश्विक कवरेज में विशेषज्ञता रखते हैं। वे ब्रेकिंग न्यूज़, आर्थिक घटनाक्रम, कॉर्पोरेट मामले, शेयर बाज़ार, ब्लॉकचेन नवाचार और आधुनिक वित्तीय तंत्र को आकार देने वाले डिजिटल एसेट रुझान कवर करते हैं। स्पष्टता, विश्लेषण और समय पर रिपोर्टिंग पर मज़बूत ज़ोर के साथ रविकाश वैश्विक आर्थिक बदलावों, उभरती तकनीकों, स्टार्टअप इकोसिस्टम और बदलते क्रिप्टो परिदृश्य की अंतर्दृष्टि देते हैं। उनका काम व्यापक आर्थिक रुझानों को वास्तविक बाज़ार असर से जोड़ता है और पाठकों को पारंपरिक वित्त व डिजिटल एसेट्स की तेज़ी से बदलती दुनिया — दोनों समझने में मदद करता है।

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