गुजरात के वडोदरा स्थित एसएसजी अस्पताल में पुलिस कस्टडी से एक दुष्कर्म आरोपी के भागने की घटना ने प्रशासनिक चौकसी पर गंभीर सवाल पैदा कर दिए हैं। इलाज के लिए अस्पताल लाए गए इस आरोपी ने ड्यूटी पर तैनात आरक्षक को अचानक धक्का दिया और मौके से फरार हो गया। यह पूरी वारदात अस्पताल परिसर में स्थापित सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। पुलिस की कई विशेष टीमें अब भगोड़े आरोपी की गिरफ्तारी के लिए व्यापक तलाशी अभियान चला रही हैं।
चर्म रोग विभाग में इलाज के दौरान चकमा देकर भागा आरोपी
प्राप्त ब्योरे के अनुसार, दुष्कर्म के गंभीर मामले में गिरफ्तार आरोपी को चिकित्सीय जांच और इलाज के लिए एसएसजी अस्पताल के त्वचा रोग विभाग में लाया गया था। इस दौरान उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कॉन्स्टेबल हितेंद्र सिंह पर थी। विभाग में मौजूद रहने के दौरान आरोपी ने सुरक्षाकर्मी को चकमा देने की योजना बनाई और अचानक हितेंद्र सिंह को जोरदार धक्का देकर अस्पताल के गलियारे की ओर तेजी से भाग निकला। अचानक हुए इस हमले से संभलते हुए आरक्षक ने तुरंत उसका पीछा किया, लेकिन आरोपी तब तक परिसर से बाहर निकलने में कामयाब हो चुका था।
अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज में यह पूरा घटनाक्रम स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। वीडियो फुटेज में आरोपी तेजी से सुरक्षा घेरे को तोड़कर दौड़ता हुआ नजर आता है। वहां मौजूद कुछ प्रत्यक्षदर्शियों और आम लोगों ने उसे रोकने और पकड़ने की कोशिश भी की, लेकिन आरोपी उनकी पकड़ में नहीं आया। उसके ठीक पीछे भागते हुए पुलिसकर्मी की तस्वीरें भी फुटेज में कैद हुई हैं, जो पूरी ताकत लगाने के बावजूद उसे वक्त रहते दबोच नहीं सके। इस घटना के सामने आने के बाद एसएसजी अस्पताल जैसे बड़े चिकित्सा संस्थान में कैदियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने शहर के सभी प्रमुख मार्गों पर नाकेबंदी कर आरोपी की तलाश तेज कर दी है।
वडोदरा जिले में पुलिस कस्टडी से भागने का पुराना रिकॉर्ड
सुरक्षा घेरा तोड़कर आरोपियों के भागने का यह मामला वडोदरा के लिए नया नहीं है। इससे पहले भी इस तरह की लापरवाही सामने आ चुकी है। वर्ष 2011 में 10 साल की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में पकड़ा गया 35 वर्षीय भावेश जगदीशभाई पटेल पुलिस हिरासत से चकमा देकर फरार हो गया था। भावेश को लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित कांभोला गांव से गिरफ्तार किया गया था। वह पुलिसकर्मियों से शौचालय जाने की अनुमति लेकर गया और मौका पाते ही उन्हें बेवकूफ बनाकर भाग निकलने में सफल रहा था।
इसके अतिरिक्त, हाल ही में जून 2026 में शिनोर तालुका से भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था। वहां चार साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या के संगीन आरोप में गिरफ्तार किए गए एक युवक ने पुलिस कस्टडी से भागने का प्रयास किया था। हालांकि, उस समय तैनात पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी की भागने की कोशिश को नाकाम कर दिया था और उसे मौके पर ही दोबारा दबोच लिया था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं पुलिस की अभिरक्षा रणनीति पर पुनर्विचार की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं।
शहर के सुसैन क्षेत्र से मकरपुरा पुलिस स्टेशन तक कार हादसा
वडोदरा शहर में सुरक्षा चूक के इस मामले के साथ ही एक अन्य सड़क दुर्घटना की घटना भी दर्ज की गई। शहर के सुसैन क्षेत्र में एक अनियंत्रित कार ने पहले एक जोरदार टक्कर मारी और फिर तेजी से भागते हुए सीधे मकरपुरा पुलिस स्टेशन के ठीक सामने लगाई गई लोहे की सुरक्षा जाली से जा टकराई। इस हादसे में कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
राहत की बात यह रही कि घटना के वक्त सड़क पर मौजूद कोई भी राहगीर कार की चपेट में नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। दुर्घटना में कार चला रहा व्यक्ति घायल हुआ है, जिसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। मकरपुरा पुलिस स्टेशन की टीम ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर कार चालक की स्थिति और हादसे के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।



















