हरियाणा के झज्जर जिले के बहादुरगढ़ में पुलिस और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो शूटरों के बीच हुई मुठभेड़ में दोनों बदमाश मारे गए, जबकि पुलिस का एक कांस्टेबल गंभीर रूप से घायल हो गया। बालौर बाईपास इलाके में देर तक गोलियों की तड़तड़ाहट गूंजती रही, जब दिल्ली स्पेशल सेल और हरियाणा एसटीएफ की संयुक्त टीम का सामना गैंग के दो वांछित शूटरों से हुआ।
कैसे हुई मुठभेड़
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि दोनों बदमाश हथियारों से लैस होकर बहादुरगढ़ में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। इसी सूचना पर बहादुरगढ़ एसटीएफ और दिल्ली पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस स्पेशल सेल ने संयुक्त रूप से बालौर बाईपास पर घेराबंदी की। पुलिस को अपनी तरफ आता देख दोनों बदमाशों ने बिना किसी चेतावनी के फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की और दोनों तरफ से करीब 12 से 13 राउंड गोलियां चलीं। कुछ ही मिनटों की इस मुठभेड़ में दोनों बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
कौन थे प्रवेश और हिमांशु
मारे गए दोनों बदमाशों की पहचान हिसार जिले के गांव तिब्बा दानाशेर निवासी जय प्रकाश के बेटे प्रवेश और हिसार जिले के ही गांव जाखोद खेड़ा निवासी सुशील कुमार के बेटे हिमांशु के रूप में हुई है। दोनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था और पुलिस रिकॉर्ड में दोनों लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े बदमाश के तौर पर दर्ज थे। लंबे समय से दोनों पुलिस की वांछित सूची में शामिल थे और थाना सिटी हांसी में दर्ज एफआईआर नंबर 379, दिनांक 11.06.2026 में भी वांछित चल रहे थे।
जिम संचालक की हत्या से जुड़ा तार
एसटीएफ के एसपी विक्रांत भूषण ने बताया कि प्रवेश और हिमांशु ही पिछले महीने हांसी में जिम संचालक कपिल की दिनदहाड़े हुई हत्या के मुख्य आरोपी थे। इसी हत्याकांड के बाद से पुलिस दोनों की तलाश में जुटी हुई थी। अधिकारी के मुताबिक, दोनों बदमाश काफी समय से पुलिस की नजरों से बचते हुए फरार चल रहे थे और अब बहादुरगढ़ में किसी नई वारदात की तैयारी में थे।
घायल जवान और बच निकले चार पुलिसकर्मी
मुठभेड़ के दौरान एक पुलिस कांस्टेबल बदमाशों की गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत बड़े अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहीं चार अन्य पुलिसकर्मियों की जान बाल-बाल बच गई, क्योंकि बदमाशों की गोलियां उनकी बुलेटप्रूफ जैकेट से टकराकर रह गईं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक अगर जवाबी कार्रवाई में देरी होती तो नुकसान और बड़ा हो सकता था।
मौके पर पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी, दोपहर में प्रेस कॉन्फ्रेंस
मुठभेड़ की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच शुरू कर दी गई। पुलिस ने बताया कि दोपहर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए मुठभेड़ से जुड़े सभी तथ्य सार्वजनिक किए जाएंगे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों बदमाश हांसी हत्याकांड के बाद से लगातार ठिकाना बदल रहे थे और गैंग के इशारे पर बहादुरगढ़ में सक्रिय होने पहुंचे थे।













