हरियाणा के हांसी स्थित गवर्नमेंट कॉलेज ग्राउंड में आयोजित राज्य-स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक टकराव हो गया। हिसार जिले के सूर्य नगर निवासी डेयरी संचालक जीवन की हत्या के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर किसान संगठनों के कार्यकर्ता और स्थानीय लोग प्रदर्शन कर रहे थे। जब प्रदर्शनकारियों ने उस स्थान की तरफ जबरन बढ़ने का प्रयास किया जहां मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी राष्ट्रीय ध्वज फहरा रहे थे, तब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इसके बाद हुए पथराव और लाठीचार्ज में हांसी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनोद कुमार, एक डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (डीएसपी) और एक इंस्पेक्टर समेत कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए।
स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम स्थल के बाहर सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश
प्रशासन को पहले से ही किसान यूनियनों और प्रदर्शनकारी समूहों द्वारा स्वतंत्रता दिवस समारोह का घेराव करने के आह्वान की जानकारी थी। इस चेतावनी को ध्यान में रखते हुए हांसी शहर में विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था और कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। इसके बावजूद, स्वतंत्रता दिवस की सुबह ट्रैक्टरों और अन्य निजी वाहनों में सवार होकर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी गवर्नमेंट कॉलेज ग्राउंड की ओर कूच करने लगे।
समारोह स्थल से कुछ दूरी पर बनाए गए सुरक्षा अवरोधकों के पास जब पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों की गाड़ियों और ट्रैक्टरों को रोका, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। शहर में कम से कम दो से तीन अलग-अलग स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई। जब प्रदर्शनकारी पुलिस की चेतावनियों को नजरअंदाज करते हुए बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने लगे, तो स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बलों को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा।
हिंसक पथराव में एसपी के हाथ में लगी चोट, कई पुलिसकर्मी खून से लथपथ
लाठीचार्ज के जवाब में उग्र प्रदर्शनकारियों ने पुलिस टीमों पर अचानक पथराव शुरू कर दिया। पथराव इतना तेज था कि मैदान में तैनात सुरक्षाकर्मियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस हमले में हांसी के एसपी विनोद कुमार के हाथ पर एक भारी पत्थर लगा, जिससे वह गंभीर रूप से चोटिल हो गए। घटना के समय की तस्वीरों में एसपी विनोद कुमार अपने हाथ से बहते खून को रोकने के लिए रुमाल बांधते हुए नजर आए।
एसपी के अलावा वहां मौजूद एक डीएसपी रैंक के अधिकारी, एक पुलिस इंस्पेक्टर और कई अन्य जवानों को भी पत्थरों की चपेट में आने से चोटें आईं। पथराव के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उपद्रव कर रहे कई प्रदर्शनकारियों को मौके से हिरासत में ले लिया। घटना के बाद एसपी विनोद कुमार ने स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए पुष्टि की कि उपद्रव फैलाने और हिंसा में शामिल कई लोगों को पुलिस कस्टडी में ले लिया गया है और इलाके में स्थिति को नियंत्रण में लाया जा रहा है।
4 अगस्त की सुबह हुई डेयरी ऑपरेटर जीवन की निर्मम हत्या
इस पूरे विवाद की जड़ 4 अगस्त को हुई एक हत्या की वारदात है। उस दिन तड़के हिसार जिले के सूर्य नगर इलाके में रहने वाले डेयरी ऑपरेटर जीवन अपनी मोटरसाइकिल के पीछे ट्रॉली बांधकर पशुओं का गोबर फेंकने के लिए निकले थे। रास्ते में पड़ोस के ही 10 से 12 युवकों के एक समूह ने जीवन को बीच सड़क पर घेर लिया। हमलावरों के हाथों में लाठियां और डंडे थे, जिनसे उन्होंने जीवन पर बेरहमी से हमला कर दिया।
हमलावरों ने जीवन की तब तक पिटाई की जब तक कि वह लहूलुहान होकर बेहोश नहीं हो गए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल जीवन को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल ले गए। हालांकि, डॉक्टर उनकी जान नहीं बचा सके और इलाज के दौरान जीवन ने दम तोड़ दिया।
मुख्य आरोपी रमेश शर्मा अभी भी फरार, 50 हजार का इनाम घोषित
जीवन की हत्या के मामले में कार्रवाई करते हुए हिसार पुलिस ने अब तक 7 संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, इस मामले का मुख्य आरोपी रमेश शर्मा वारदात के बाद से ही लगातार फरार चल रहा है। हिसार पुलिस ने फरार आरोपी की गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना देने वाले के लिए 50,000 रुपये का नकद इनाम घोषित किया हुआ है और पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
प्रदर्शनकारियों और पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस मुख्य साजिशकर्ता और मुख्य आरोपी रमेश शर्मा को पकड़ने में ढिलाई बरत रही है। इसी आक्रोश के चलते किसान संगठनों और स्थानीय निवासियों ने राज्य-स्तरीय स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सामने अपनी आवाज उठाने का फैसला किया था, जिसके कारण हांसी में यह बड़ा टकराव देखने को मिला।



















