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खनौरी बॉर्डर पर 5 लेयर बैरिकेडिंग के साथ सुरक्षा सख्त, जंतर मंतर के लिए निकले किसानहरियाणा
16 अग॰ 2026, 8:46 am (2 घंटे पहले)· 1

खनौरी बॉर्डर पर 5 लेयर बैरिकेडिंग के साथ सुरक्षा सख्त, जंतर मंतर के लिए निकले किसान

हरियाणा पंजाब सीमा पर खनौरी बॉर्डर को सील करते हुए 5 लेयर की बैरिकेडिंग की गई है। संयुक्त किसान मोर्चा गैर-राजनीतिक के नेतृत्व में किसान भारत अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में 228 किलोमीटर लंबी पदयात्रा निकाल रहे हैं।

हरियाणा और पंजाब की सीमा पर स्थित खनौरी बॉर्डर पर जींद प्रशासन ने देर रात सुरक्षा प्रबंध बेहद कड़े कर दिए हैं। किसानों के दिल्ली की ओर बढ़ने के ऐलान के बाद स्थिति पर काबू पाने के लिए सीमा पर 5 लेयर की मजबूत बैरिकेडिंग लगाई गई है। पुलिस और प्रशासनिक दल लगातार पूरे क्षेत्र में गश्त कर रहे हैं ताकि कानून और व्यवस्था बनी रहे।

228 किलोमीटर लंबी किसान बचाओ पदयात्रा का आगाज

संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के आह्वान पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में यह आंदोलन शुरू किया जा रहा है। किसानों का यह प्रदर्शन भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में आयोजित किया गया है। 16 अगस्त से शुरू हो रही यह 228 किलोमीटर लंबी पदयात्रा हरियाणा के दातासिंहवाला गांव से आरंभ होकर 29 अगस्त को राजधानी दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर जाकर समाप्त होगी।

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पहले दिन का पूरा कार्यक्रम और रूट विवरण

पदयात्रा की औपचारिक शुरुआत से पहले दातासिंहवाला गांव में किसानों का एक बड़ा जमावड़ा होगा, जहां अरदास और प्रार्थना सभा का आयोजन रखा गया है। इसके पश्चात दोपहर 3 बजे किसान जंतर-मंतर के लिए अपनी पैदल यात्रा शुरू करेंगे। शाम के समय उझाना गांव के मुख्य अड्डे पर पदयात्रियों का स्वागत किया जाएगा। इसके बाद सभी प्रदर्शनकारी किसान बेलरखा गांव में पहुंचकर अपना रात्रि विश्राम करेंगे।

प्रशासन अलर्ट पर, सीमावर्ती इलाकों में पहरा सख्त

किसानों के इस दिल्ली कूच को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। जींद पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी है। खनौरी बॉर्डर के आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बहुस्तरीय घेराबंदी तैयार की गई है।

सवाल-जवाब

खनौरी बॉर्डर क्यों सील किया गया है?
किसानों द्वारा दिल्ली की ओर पदयात्रा शुरू करने के ऐलान को देखते हुए जींद प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से खनौरी बॉर्डर को 5 लेयर बैरिकेडिंग लगाकर सील कर दिया है।
किसान बचाओ पदयात्रा कब और कहां से शुरू हो रही है?
यह पदयात्रा 16 अगस्त को दातासिंहवाला गांव से दोपहर 3 बजे शुरू हो रही है।
किसानों की पदयात्रा का मुख्य मुद्दा क्या है?
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) द्वारा यह पदयात्रा भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में निकाली जा रही है।
पदयात्रा का समापन कब और कहां होगा?
यह 228 किलोमीटर लंबी पदयात्रा 29 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर समाप्त होगी।
पदयात्रा के पहले दिन रात्रि विश्राम कहां होगा?
पहले दिन शाम को उझाना गांव में स्वागत के बाद किसान बेलरखा गांव में रात्रि विश्राम करेंगे।
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टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·12 मिनट पहले

खनौरी बॉर्डर पर पांच स्तरीय बैरिकेडिंग और भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में शुरू हुई यह 228 किलोमीटर लंबी पदयात्रा केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच एक नए भू-राजनीतिक और आर्थिक टकराव का संकेत देती है। कृषि नीतियों के साथ अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों को इस प्रकार जोड़ना राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में नीतिगत दबाव बनाने की एक सोची-समझी रणनीति है, जिससे आगामी दिनों में राजनीतिक और प्रशासनिक चुनौतियाँ और बढ़ सकती हैं।

Ravikash Gupta@ravikash·12 मिनट पहले

अर्जुन मेहता के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, इस 228 किलोमीटर लंबी पदयात्रा के केंद्र में कृषि नीतियों के साथ भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध एक गहरे आर्थिक दबाव की रणनीति को दर्शाता है। खनौरी बॉर्डर पर पांच स्तरीय बैरिकेडिंग और जींद प्रशासन की सख्ती यह साबित करती है कि यह आंदोलन केवल स्थानीय स्तर का नहीं है, बल्कि इसके व्यापक राष्ट्रीय और वैश्विक व्यापारिक निहितार्थ हैं। जैसे-जैसे यह जत्था दिल्ली की ओर बढ़ेगा, राजधानी के वित्तीय गलियारों और आपूर्ति श्रृंखलाओं पर इसका स्पष्ट असर पड़ सकता है, जिससे कॉर्पोरेट और नीतिगत स्तर पर अनिश्चितता बढ़ने की पूरी संभावना है।

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

खनौरी बॉर्डर पर पांच स्तरीय बैरिकेडिंग यह दिखाती है कि प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए कितना सतर्क है। जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में शुरू हुई यह 228 किलोमीटर लंबी पदयात्रा जैसे-जैसे दिल्ली की ओर बढ़ेगी, राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं और पड़ोसी राज्यों के मार्ग पर यातायात और सुरक्षा प्रबंधन पर इसका बड़ा असर पड़ना तय है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

खनौरी बॉर्डर पर पांच स्तरीय बैरिकेडिंग यह दर्शाती है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की चौकसी कितनी सख्त है। जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में शुरू हुई यह 228 किलोमीटर लंबी 'किसान बचाओ पदयात्रा' जैसे-जैसे दातासिंहवाला से आगे बढ़कर जंतर-मंतर की तरफ अग्रसर होगी, वैसे-वैसे हरियाणा और दिल्ली के बीच यातायात और सार्वजनिक सुरक्षा प्रबंधन पर दबाव काफी बढ़ने की संभावना है।

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