हरियाणा और पंजाब की सीमा पर स्थित खनौरी बॉर्डर पर जींद प्रशासन ने देर रात सुरक्षा प्रबंध बेहद कड़े कर दिए हैं। किसानों के दिल्ली की ओर बढ़ने के ऐलान के बाद स्थिति पर काबू पाने के लिए सीमा पर 5 लेयर की मजबूत बैरिकेडिंग लगाई गई है। पुलिस और प्रशासनिक दल लगातार पूरे क्षेत्र में गश्त कर रहे हैं ताकि कानून और व्यवस्था बनी रहे।
228 किलोमीटर लंबी किसान बचाओ पदयात्रा का आगाज
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के आह्वान पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में यह आंदोलन शुरू किया जा रहा है। किसानों का यह प्रदर्शन भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में आयोजित किया गया है। 16 अगस्त से शुरू हो रही यह 228 किलोमीटर लंबी पदयात्रा हरियाणा के दातासिंहवाला गांव से आरंभ होकर 29 अगस्त को राजधानी दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर जाकर समाप्त होगी।
पहले दिन का पूरा कार्यक्रम और रूट विवरण
पदयात्रा की औपचारिक शुरुआत से पहले दातासिंहवाला गांव में किसानों का एक बड़ा जमावड़ा होगा, जहां अरदास और प्रार्थना सभा का आयोजन रखा गया है। इसके पश्चात दोपहर 3 बजे किसान जंतर-मंतर के लिए अपनी पैदल यात्रा शुरू करेंगे। शाम के समय उझाना गांव के मुख्य अड्डे पर पदयात्रियों का स्वागत किया जाएगा। इसके बाद सभी प्रदर्शनकारी किसान बेलरखा गांव में पहुंचकर अपना रात्रि विश्राम करेंगे।
प्रशासन अलर्ट पर, सीमावर्ती इलाकों में पहरा सख्त
किसानों के इस दिल्ली कूच को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। जींद पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी है। खनौरी बॉर्डर के आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बहुस्तरीय घेराबंदी तैयार की गई है।























