डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम एक बार फिर सलाखों के पीछे से बाहर आने के लिए तैयार हैं। उन्हें एक बार फिर 21 दिनों की परोल प्रदान की गई है। इस समय वह जिला कारागार सुनारिया में अपनी सजा काट रहे हैं। रिकॉर्ड के अनुसार, यह कुल 17वां अवसर है जब डेरा सच्चा सौदा प्रमुख को जेल से अस्थायी राहत के तौर पर बाहर आने का मौका मिल रहा है। इससे पहले वह विभिन्न कारणों और तय अवधि के तहत 16 बार जेल से बाहर आ चुके हैं।
सिरसा आश्रम की ओर रुख
विगत समय में मिली परोल के दौरान उन्हें उत्तर प्रदेश के बागपत स्थित बरनावा आश्रम भेजा जाता रहा है। हालांकि, पिछले कुछ समय से उनका ठिकाना बदल गया है और वह लगातार तीसरी बार सिरसा आश्रम जा रहे हैं। आज एक बार फिर उनकी रवानगी सिरसा आश्रम के लिए तय की गई है। प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्हें तय नियमों का पालन करते हुए सुनारिया जेल से रवाना किया जाएगा।
सजा का पूरा गणित और कानूनी पहलू
गुरमीत राम रहीम को साध्वी यौन शोषण के गंभीर मामले में अदालत द्वारा सजा सुनाई जा चुकी है। उन्हें एक मामले में 10 साल और दूसरे मामले में भी 10 साल की सजा यानी कुल 20 साल के कारावास का सामना करना पड़ रहा है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ये दोनों सजाएं एक साथ नहीं चलेंगी। सीबीआई अदालत के स्पष्ट निर्देशानुसार, पहले मामले के 10 साल पूरे होने के बाद ही दूसरे 10 साल की सजा की अवधि शुरू होगी, जिसके तहत वह वर्तमान में कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं।




















