रक्षाबंधन का पावन पर्व भाई और बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का प्रतीक माना जाता है। इस खास मौके पर बाजार से मिलावटी मिठाई खरीदने के बजाय अगर आप घर पर ही कुछ शुद्ध और स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो नारियल की बर्फी एक बेहतरीन और पारंपरिक विकल्प है। इस मिठाई को बनाने में बहुत अधिक समय या मेहनत की आवश्यकता नहीं होती है और इसमें इस्तेमाल होने वाली सभी सामग्रियां आसानी से हर रसोई में मिल जाती हैं। महज 15 मिनट के भीतर इस लाजवाब मिठाई को घर पर ही आसानी से तैयार किया जा सकता है। नारियल, दूध और चीनी के मेल से बनने वाली यह बर्फी खाने में जितनी स्वादिष्ट होती है, उतनी ही देखने में भी आकर्षक लगती है। इसकी एक और खूबी यह है कि यह लंबे समय तक सुरक्षित बनी रहती है और इसे किसी भी व्रत, पूजा या मांगलिक अवसर पर आसानी से बनाया जा सकता है।
पूजा कुमारी सांखला के अनुसार नारियल की बर्फी का स्वाद बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को बेहद पसंद आता है। त्योहार के इस खास अवसर पर इसे घर पर ही आसानी से बनाया जा सकता है। इस रेसिपी की शुरुआत कद्दूकस किए हुए नारियल से होती है। सबसे पहले एक कड़ाही में कद्दूकस किया हुआ नारियल डालकर उसे हल्का सा भून लें। इसके बाद इसमें पर्याप्त मात्रा में दूध और अपनी पसंद के अनुसार चीनी मिला दें। इस पूरे मिश्रण को धीमी आंच पर लगातार चलाते रहना बेहद जरूरी है ताकि यह कड़ाही के तले में चिपके नहीं। जब कड़ाही में दूध अच्छी तरह सूखने लगे और नारियल का यह मिश्रण गाढ़ा होकर खुद ब खुद कड़ाही के किनारों को छोड़ने लगे, तब इसमें खुशबू और स्वाद बढ़ाने के लिए इलायची पाउडर मिलाया जा सकता है।
बर्फी को जमाने की प्रक्रिया बेहद सरल है। इसके लिए एक थाली या ट्रे के तल पर थोड़ा सा घी लगाकर चिकना कर लें और फिर तैयार गर्म मिश्रण को उसमें समान रूप से फैला दें। मिश्रण को कुछ देर के लिए कमरे के तापमान पर ठंडा होने के लिए छोड़ दें। जब यह मिश्रण अच्छी तरह से जम जाए, तो इसे अपनी मनपसंद आकार और टुकड़ों में काट लें। इसकी सजावट और स्वाद को और बढ़ाने के लिए इसके ऊपर कटे हुए बादाम, पिस्ता या काजू के टुकड़े सजाए जा सकते हैं। चूँकि इस पारंपरिक मिठाई में दूध का उपयोग किया जाता है, इसलिए इसे लंबे समय तक खुले में छोड़ना सेहत के लिए ठीक नहीं होता है। सामान्य मौसम में इसे एक एयरटाइट डिब्बे में बंद करके एक से दो दिन तक आसानी से खाया जा सकता है। यदि मौसम गर्म है, तो इस बर्फी को फ्रिज के अंदर ही रखना उचित रहता है। फ्रिज में सही तरीके से स्टोर की गई नारियल बर्फी आमतौर पर 4 से 5 दिनों तक बिल्कुल ताज़ा और खाने योग्य बनी रहती है। हालांकि, सेवन करने से पहले यह जरूर जांच लें कि इसमें किसी प्रकार का खट्टा स्वाद, कोई अजीब या खराब गंध तो नहीं आ रही है या इसके रंग में कोई बदलाव तो नहीं हुआ है। यदि ऐसा कुछ दिखाई दे, तो इस बर्फी का सेवन भूलकर भी न करें।
भाई को राखी बांधने की रस्म के दौरान पूजा की थाली का अपना एक विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व होता है। घर पर तैयार की गई यह नारियल बर्फी पूजा की थाली में प्रसाद के रूप में भी शामिल की जा सकती है। बहनें जब भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं, तिलक लगाती हैं और आरती उतारती हैं, उसके तुरंत बाद भाई को यही घर की बनी मिठाई खिलाकर त्योहार की खुशियों को आपस में साझा किया जा सकता है। बाजार की चीजों के मुकाबले घर पर बनी इस मिठाई में स्वाद के साथ-साथ परिवार के प्रति अपनापन और स्नेह की मिठास भी पूरी तरह से जुड़ी होती है।



















