शुक्रवार को सिख बंदियों की रिहाई की मांग पर कौमी इंसाफ मोर्चा द्वारा बुलाए गए पंजाब बंद का बड़ा असर पड़ोस के राज्य हरियाणा में भी देखा गया। अंबाला डिपो की लगभग सभी गाड़ियां बस स्टैंड पर खड़ी रहीं और पंजाब जाने वाले मार्गों पर अंतरराज्यीय बस सेवाओं की रफ्तार पूरी तरह थम गई। सुबह से ही अंबाला छावनी बस डिपो पर यात्रियों का जमावड़ा लगा रहा, जिन्हें अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें और प्रमुख रूट प्रभावित
अंबाला छावनी बस अड्डे पर पटियाला, लुधियाना, अमृतसर, जालंधर और राजस्थान के श्रीगंगानगर जाने वाले यात्री घंटों इंतजार करते देखे गए। सुबह से बूथों पर खड़े लोगों को पंजाब की सीमा में दाखिल होने वाली गाड़ियां नहीं मिल सकीं। पटियाला जाने की उम्मीद में बस स्टैंड पहुंची एक महिला यात्री ने बताया कि वह सुबह से खड़ी हैं, लेकिन गंतव्य तक जाने के लिए कोई साधन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। पंजाब के अलग-अलग शहरों में काम या निजी कारणों से जाने वाले यात्रियों को कोई वैकल्पिक व्यवस्था न मिलने से भारी निराशा हाथ लगी।
बस स्टैंड प्रशासन का बयान और सुरक्षा इंतजाम
अंबाला छावनी बस स्टैंड के इंचार्ज बहादुर सिंह ने स्थिति पर स्पष्टीकरण देते हुए बताया कि बंद के आह्वान के कारण पंजाब के लिए महज 1 से 2 फीसदी बसें ही रवाना की जा सकी हैं। आम दिनों में अंबाला डिपो से पटियाला के लिए दिन और रात लगातार बस सेवा उपलब्ध रहती है, जबकि अमृतसर और कटरा रूट के समर्पित बूथों से निरंतर गाड़ियां चलती हैं। हालांकि सुरक्षा कारणों से आज इन मार्गों पर परिचालन लगभग ठप रहा। उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब से आने वाली हरियाणा की गाड़ियों को गुरुवार रात में ही सुरक्षित वापस बुला लिया गया था ताकि बंद के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना या तोड़फोड़ से बचा जा सके।
लाउडस्पीकर से घोषणाएं और वैकल्पिक साधन
बस स्टैंड परिसर में यात्रियों की सुविधा और जानकारी के लिए लगातार लाउडस्पीकर के जरिए सार्वजनिक घोषणाएं की जा रही हैं। डिपो अधिकारियों के अनुसार, आज के दौर में यात्री काफी जागरूक हैं और कई लोगों ने पूर्व सूचना के आधार पर भारतीय रेलवे की ट्रेनों या अपने निजी साधनों का चयन किया। इसी वजह से बस स्टैंड पर अप्रत्याशित भीड़ जमा नहीं हुई। इसके बावजूद, जिन यात्रियों को अचानक यात्रा करनी पड़ी या जिन्हें बंद की जानकारी नहीं थी, वे बस डिपो के चक्कर काटते नजर आए।





















