हरियाणा के गुरुग्राम में हाल ही में हुए एक सनसनीखेज एनकाउंटर ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया है। सुशांत लोक फेज-2 में स्थित एक व्यवसायी के निवास पर हमला करने आए दीपक नांदल गैंग के चार शूटरों को पुलिस ने एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। इस गोलीबारी की घटना में तीन पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने अपराधियों को घेरते हुए जवाबी कार्रवाई की, जिससे यह पूरा इलाका रात के समय युद्धक्षेत्र में तब्दील हो गया।
गाड़ी की असली कहानी और ओनर का खुलासा
इस पूरी घटना में जिस काली स्कॉर्पियो का इस्तेमाल शूटरों ने किया था, वह जांच का केंद्र बन गई है। इस गाड़ी के पहले मालिक ने इस संदर्भ में अहम जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस वाहन को वर्ष 2022 में खरीदा था, लेकिन करीब तीन साल पहले इसे गुरुग्राम के एक स्थानीय कार डीलर बाबूलाल को बेच दिया था। उनके अनुसार, डीलर ने बाद में इस गाड़ी को रोहतक निवासी पवन भारद्वाज को बेच दिया, जो गाड़ियां किराये पर उपलब्ध कराने का व्यवसाय करता है। शूटर्स ने उसी पवन भारद्वाज से यह वाहन रेंट पर प्राप्त किया था।
ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी रिकॉर्ड और पिछली घटनाएं
गाड़ी के पहले मालिक के नाम का मोबाइल नंबर अभी भी परिवहन विभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड में जुड़ा हुआ है, जिस कारण गाड़ी से संबंधित कानूनी समस्याओं या घटनाओं के मामले में उनके पास ही कॉल आते हैं। उन्होंने बताया कि इस काली स्कॉर्पियो ने करीब 10 से 12 दिन पहले रोहतक में एक सड़क दुर्घटना को भी अंजाम दिया था। इसके अलावा, चंडीगढ़ से भी इस वाहन से जुड़े एक मामले में उन्हें शिकायती फोन आ चुका है। हालांकि, दुर्घटना के समय गाड़ी को कौन चला रहा था, इस बात की जानकारी उनके पास उपलब्ध नहीं है।
व्यवसायी को मिल रही थीं धमकियां
जांच में यह सामने आया है कि जिस व्यवसायी के घर पर ये बदमाश हमला कर रहे थे, उसे लंबे समय से विदेश में बैठे एक इनामी गैंगस्टर द्वारा फिरौती के लिए लगातार संदेश भेजे जा रहे थे। जब क्राइम ब्रांच की टीम सुशांत लोक पहुंची, तो अपराधी आधुनिक हथियारों से उस व्यवसायी के घर पर गोलियां चला रहे थे। पुलिस ने उन्हें आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया, लेकिन अपराधियों ने पुलिस दल पर ही फायरिंग शुरू कर दी और वहां से भागने का प्रयास किया।
मुठभेड़ का परिणाम
पुलिस की जवाबी फायरिंग में सभी पांचों शूटरों को गोली लगी। उन्हें तुरंत एक निजी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चार अपराधियों को मृत घोषित कर दिया, जबकि पांचवें शूटर का इलाज अभी भी जारी है। मौके से पुलिस ने दो पिस्टल भी बरामद की हैं। घटना के उपरांत, गुरुग्राम पुलिस के डीसीपी क्राइम और डीसीपी ईस्ट घटनास्थल पर पहुंचे और एफएसएल की टीम ने साक्ष्य एकत्र किए। फिलहाल पुलिस मारे गए सभी अपराधियों की पहचान सुनिश्चित करने में जुटी है।











