हरियाणा में स्वच्छता कर्मियों का चल रहा आंदोलन अब दो हिस्सों में बंटता नजर आ रहा है। राज्य के भीतर लगभग 357 सफाई कर्मचारी अपनी हड़ताल को पीछे छोड़कर वापस ड्यूटी पर लौट आए हैं। इसी बीच, राज्य प्रशासन ने नगरपालिकाओं में सेवा दे रहे पालिका रोल के कर्मचारियों के हित में एक अहम कदम उठाया है। प्रशासन ने इन कर्मियों को हर महीने दो हजार रुपये जोखिम भत्ता मुहैया कराने का फैसला किया है। यह वित्तीय लाभ अब तक मिलने वाले सालाना प्रदर्शन प्रोत्साहन की जगह सीधे तौर पर लागू कर दिया गया है।
जुड़े हुए आदेश और शर्तें
शहरी स्थानीय निकाय विभाग की तरफ से सात सितंबर 2026 को जारी किए गए निर्देशों के अनुसार, यह जोखिम भत्ता उन सभी कर्मियों को मिलेगा जो इस समय अपनी सेवाएं दे रहे हैं। जो लोग अब भी हड़ताल पर हैं, उन्हें यह वित्तीय लाभ काम पर दोबारा लौटने के बाद ही मिल सकेगा। इस फैसले को लेकर कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि प्रशासन हर मोड़ पर अपने सफाई कर्मियों के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने बाकी हड़ताली कर्मियों से भी आग्रह किया कि वे बिना देर किए काम पर लौट आएं और राज्य की साफ-सफाई व्यवस्था को सुचारू बनाने में सहयोग दें।
नगरपालिकाओं को खुद उठाना होगा खर्च
जारी किए गए निर्देशों में इस बात को पूरी तरह साफ कर दिया गया है कि जोखिम भत्ते पर आने वाला पूरा खर्च संबंधित नगर निकाय को अपने संसाधनों से ही पूरा करना होगा। इस मद के लिए राज्य शासन की तरफ से किसी भी प्रकार की वित्तीय सहायता, कर्ज या अनुदान नहीं दिया जाएगा। इन दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश की तमाम नगर निगमों के आयुक्तों, जिला नगर आयुक्तों के साथ-साथ नगर परिषदों और नगर समितियों के कार्यकारी अधिकारियों एवं सचिवों को स्पष्ट आदेश भेज दिए गए हैं।
चरखी दादरी में विरोध प्रदर्शन जारी
दूसरी तरफ, चरखी दादरी में आंदोलन कर रहे कर्मियों की सेवाएं समाप्त किए जाने के प्रशासनिक फैसलों पर सफाई कर्मचारियों ने तीखा रोष जताया है। इस कार्रवाई को दमनकारी बताते हुए विभिन्न संगठनों ने हड़तालरत कर्मियों का समर्थन किया है और आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। यूनियन के प्रधान सूरज कुमार ने कहा कि कर्मी अपनी वाजिब मांगों को लेकर लंबे अरसे से संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बातचीत में तय हुई बातों पर अधिसूचना जारी करने से बच रही है और आवाज उठाने वालों को नौकरी से निकालकर डराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दो टूक कहा कि कर्मचारी किसी भी दबाव के आगे झुककर अपना आंदोलन खत्म नहीं करेंगे। यूनियन ने प्रशासन से मांग उठाई है कि बर्खास्त किए गए तमाम सफाई कर्मियों की सेवाएं फौरन बहाल की जाएं और उनके खिलाफ शुरू की गई विभागीय कार्रवाई को वापस लिया जाए।





















