हरियाणा के पानीपत से सोशल मीडिया पर लाइक और व्यूज की भूख का एक ऐसा नमूना सामने आया है, जिसने पूरे शहर को हिला कर रख दिया है। चंद युवकों ने रील बनाने के चक्कर में जो हरकत की, उसने न सिर्फ खुद उनकी, बल्कि नेशनल हाइवे पर गुजर रहे सैकड़ों लोगों की जान को सीधे खतरे में डाल दिया।
क्या हुआ ओवरब्रिज पर
मामला पानीपत की व्यस्त जीटी रोड पर बने एलिवेटेड ओवरब्रिज का है। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि कुछ रीलबाज युवक इस पुल पर चढ़े हुए हैं और हैरान करने वाली बात यह है कि वे अपने साथ कुछ छोटे बच्चों को भी नेशनल हाइवे जैसी जगह पर ले गए थे। रेलिंग के पास खड़े होकर इन युवकों ने नीचे जीटी रोड पर 10-10 रुपए के नोट खुलेआम उड़ाने शुरू कर दिए।
नीचे सड़क पर मच गई लूट की होड़
ऊपर से जैसे ही नोटों की बारिश शुरू हुई, नीचे चल रहे ट्रैफिक का संतुलन बिगड़ गया। बाइक सवार, ऑटो चालक और राहगीर अपनी गाड़ियां बीच सड़क पर ही छोड़कर नोट बटोरने के लिए दौड़ पड़े। तेज रफ्तार वाहनों के बीच लोग जान की परवाह किए बिना 10-10 के नोट उठाते नजर आए। अचानक रुकती भागती गाड़ियों के बीच कई वाहन चालकों को जोर से ब्रेक लगाना पड़ा। राहत की बात बस इतनी रही कि इस आपाधापी में कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, वरना बड़ी संख्या में लोग घायल हो सकते थे।
पास खड़ी रही ट्रैफिक पुलिस
इस पूरे वाकये का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा वीडियो के आखिर में सामने आता है। जहां एक ओर युवक ऊपर से नोट उड़ाकर नियमों की धज्जियां उड़ा रहे थे और नीचे लोग जान जोखिम में डाल रहे थे, वहीं कुछ ही दूरी पर पानीपत ट्रैफिक पुलिस के कर्मचारी भी मौजूद थे। इतने बड़े उल्लंघन के बावजूद पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे और वीडियो में वे पूरी तरह बेबस नजर आ रहे हैं। नतीजा यह हुआ कि रीलबाज आराम से अपना स्टंट पूरा कर वहां से निकल गए।
उठ रहे हैं सवाल
वीडियो वायरल होने के बाद पानीपत के जागरूक नागरिकों में जबरदस्त गुस्सा है। लोग सोशल मीडिया पर सीधे पानीपत पुलिस प्रशासन से पूछ रहे हैं कि राष्ट्रीय राजमार्ग और चलते ट्रैफिक के बीच इस तरह माहौल बिगाड़ने वाले हुड़दंगियों पर कार्रवाई आखिर क्यों नहीं हुई। सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर कोई तेज रफ्तार वाहन नोट लूट रहे बच्चों या राहगीरों को कुचल देता, तो इस हादसे की जिम्मेदारी किसकी होती।













