हरियाणा के ज्यादातर हिस्सों में मानसून पहुंच चुका है और बाकी बचे इलाकों में भी इसके आगे बढ़ने के हालात बन गए हैं. पश्चिमी हिस्से के एक छोटे से टुकड़े को छोड़कर दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे राज्य को अपनी चपेट में ले चुका है, जिससे पिछले तीन दिनों में यहां सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज हुई है. उधर हिमाचल प्रदेश में मानसून ने तय समय से पहले ही पूरे राज्य को कवर कर लिया है और मंडी व सिरमौर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.
हरियाणा में मौसम का मिजाज कैसा रहेगा
भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार और बठिंडा से होकर गुजर रही है. इसी वजह से हरियाणा और चंडीगढ़ में 8 जुलाई तक बड़े पैमाने पर बारिश के साथ आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है. इसके बाद 9 जुलाई को इलाके में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है, जिसके लिए आईएमडी ने येलो अलर्ट जारी कर दिया है.
प्रशासन ने लोगों को किन बातों का ध्यान रखने को कहा
मौसम विभाग और प्रशासन ने साफ किया है कि निचले इलाकों में जल-जमाव हो सकता है, जबकि पानी, बिजली, संचार और इनसे जुड़ी सेवाओं में रुकावट आने की भी आशंका है. लोगों से ट्रैफिक से जुड़ी सलाहों का पालन करने और संवेदनशील इलाकों के साथ-साथ उन जगहों से दूर रहने को कहा गया है, जहां अक्सर पानी भर जाता है. भारी बारिश के दौरान छोटी नदियों और नालों में तैराकी के लिए न जाने की सख्त हिदायत दी गई है, साथ ही नदी के बहाव और जल निकायों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है.
हिमाचल में मानसून की तय समय से पहले जोरदार दस्तक
आईएमडी के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे हिमाचल प्रदेश में फैल चुका है और अगले 4-5 दिनों में राज्य के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है. खास बात यह है कि मानसून ने 1 जुलाई को ही पूरे हिमाचल को कवर कर लिया था, जबकि आमतौर पर यह 25 जून तक राज्य में पहुंच जाता है, यानी इस बार यह तय समय से देरी से पहुंचा लेकिन तेजी से पूरे राज्य में फैल गया. 5 जुलाई को हिमाचल के निचले पहाड़ी और मैदानी इलाकों के साथ-साथ इनसे सटे मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में भी व्यापक बारिश होने का अनुमान है, कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश भी हो सकती है. वहीं राज्य के ऊंचे और उनसे सटे मध्यम ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया गया है. मौसम विभाग ने मंडी और सिरमौर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू और शिमला में कुछ जगहों पर भारी बारिश की आशंका के चलते येलो अलर्ट जारी हुआ है.
सिरमौर में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर
सिरमौर जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए भी भारी बारिश की चेतावनी दी है. उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने लोगों से नदी-नालों के पास न जाने और बिना जरूरत यात्रा से बचने की अपील की है. लगातार बारिश के चलते जिले में नदी-नालों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं. खासतौर पर गिरि जटोंन डैम से पानी छोड़े जाने से पहले लोगों को सावधान रहने को कहा गया है, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो. साथ ही बरसात के मौसम में चूड़धार की तरफ जाने से बचने की सलाह दी गई है, क्योंकि वहां भारी बारिश के दौरान अक्सर श्रद्धालु रास्ता भटक जाते हैं.
सोलन में किसानों के चेहरे खिले, लेकिन नुकसान की चिंता भी
सोलन जिले में मानसून की दस्तक के साथ ही किसानों और बागवानों के चेहरों पर रौनक लौट आई है. वार्ड नंबर-5 के रहने वाले अमरदीप पाजा ने बताया कि पिछले दो दिनों से हो रही बारिश खेती-बाड़ी के लिहाज से फायदेमंद साबित होगी. हालांकि उन्होंने भारी बारिश से होने वाले नुकसान पर भी चिंता जताई. उनका कहना है कि पिछले वर्षों में शामती और चक्की मोड़ जैसे इलाकों में भूस्खलन और मलबा गिरने से सड़कें बाधित हो गई थीं और कई मकानों को भी नुकसान पहुंचा था. अमरदीप पाजा के मुताबिक ऐसे हालात दोबारा न बनें, इसके लिए प्रशासन और लोगों दोनों को सतर्क रहने की जरूरत है.













