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सूरजकुंड दिवाली मेले में छाई 20 किलो की लकड़ी की घड़ी, कीमत है 25 हजारहरियाणा
26 अक्तू॰ 2026, 2:23 pm (1 घंटे पहले)· 1

सूरजकुंड दिवाली मेले में छाई 20 किलो की लकड़ी की घड़ी, कीमत है 25 हजार

फरीदाबाद के सूरजकुंड दिवाली मेले में आम की लकड़ी से बनी 20 किलो वजनी और 25 हजार रुपये कीमत वाली विशाल दीवार घड़ी लोगों के बीच मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

फरीदाबाद के सूरजकुंड दिवाली मेले में इन दिनों एक ऐसी अनोखी चीज लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है, जिसे देखकर हर कोई हैरान है। आमतौर पर घरों में लगने वाली दीवार घड़ियां छोटे आकार की और हल्की होती हैं, लेकिन इस मेले में एक ऐसी घड़ी प्रदर्शित की गई है जिसका वजन 20 किलोग्राम से भी अधिक है। इस विशालकाय घड़ी की कीमत 25 हजार रुपये तय की गई है और इसकी बनावट तथा नक्काशी देखने वालों को रुकने के लिए मजबूर कर रही है।

आम की लकड़ी से तैयार हुई है यह कलाकृति

इस घड़ी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे पूरी तरह से आम की लकड़ी का उपयोग करके तैयार किया गया है। इसके ऊपर की गई नक्काशी और बारीक डिजाइन पूरी तरह से हाथों की मेहनत का नतीजा है। कारीगर ने इसे बेहद खूबसूरती से तराशा है, जिससे लकड़ी की प्राकृतिक सुंदरता और बढ़ जाती है। मेले में आने वाले दर्शक इस घड़ी के पास रुककर इसके भारी वजन, कीमत और इसे बनाने की पूरी प्रक्रिया के बारे में पूछताछ कर रहे हैं।

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कारीगर नीलकमल की अनोखी पेशकश

इस घड़ी को बनाने वाले कारीगर नीलकमल दिल्ली से इस मेले में पहुंचे हैं। उनका मुख्य काम लकड़ी से विभिन्न प्रकार की कलात्मक घड़ियां तैयार करना है। इस बार के मेले में वे विशेष तौर पर 48 इंच के बड़े आकार की यह घड़ी लेकर आए हैं। नीलकमल का कहना है कि उन्होंने अपने करियर में पहले भी कई साइज की घड़ियां बनाई हैं, लेकिन यह उनकी अब तक की सबसे बड़ी घड़ियों में से एक है। उनके पास 12 इंच, 16 इंच, 18 इंच, 20 इंच और 24 इंच जैसी तमाम वैरायटी मौजूद हैं।

छोटी घड़ियों से लेकर सजावटी सामानों की रेंज

कारीगर के पास केवल यही एक महंगी और बड़ी वस्तु नहीं है, बल्कि ग्राहकों के बजट को ध्यान में रखते हुए अन्य विकल्प भी उपलब्ध हैं। छोटी घड़ियों की शुरुआती कीमत 1200 रुपये से है, जो उनके आकार और डिजाइन के आधार पर बदलती रहती है। इसके अलावा उनके स्टॉल पर 50 रुपये की शुरुआती कीमत वाले कई अन्य सजावटी आइटम भी मिल रहे हैं, जिनकी कीमतें उनकी क्वालिटी और डिजाइन पर निर्भर करती हैं।

मेले में खरीदार का इंतजार

फिलहाल यह 20 किलो वजनी और 25 हजार रुपये मूल्य वाली घड़ी बिकी नहीं है, लेकिन इसे बनाने वाले कारीगर को पूरी उम्मीद है कि सूरजकुंड दिवाली मेले के दौरान ही इसे कोई ना कोई खरीदार जरूर मिल जाएगा। मेला परिसर में यह घड़ी अपने विशाल स्वरूप और बेहतरीन हस्तशिल्प के कारण चर्चा का विषय बनी हुई है और अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह किसके घर की दीवार पर सजेगी।

सवाल-जवाब

सूरजकुंड दिवाली मेले में यह घड़ी कहां प्रदर्शित की गई है?
यह विशाल दीवार घड़ी फरीदाबाद के सूरजकुंड दिवाली मेले में प्रदर्शित की गई है।
इस घड़ी का वजन और कीमत कितनी है?
इस घड़ी का वजन 20 किलोग्राम से ज्यादा है और इसकी कीमत 25 हजार रुपये रखी गई है।
इसे किस सामग्री से तैयार किया गया है?
इस बड़ी दीवार घड़ी को आम की लकड़ी से तैयार किया गया है जिस पर बारीक हाथ की नक्काशी की गई है।
इस घड़ी को किसने बनाया है?
इस घड़ी को दिल्ली से आए कारीगर नीलकमल ने तैयार किया है जो लकड़ी की विभिन्न घड़ियां बनाते हैं।
इस मेले में अन्य घड़ियों की शुरुआती कीमत क्या है?
इस स्टॉल पर छोटी घड़ियों की शुरुआती कीमत 1200 रुपये है और अन्य सजावटी आइटम 50 रुपये से शुरू होते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·33 मिनट पहले

सूरजकुंड मेले में पिछले साल मैंने भी ऐसी ही एक भारी लकड़ी की घड़ी देखी थी, कारीगर की मेहनत वाकई कमाल की है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·32 मिनट पहले

रविकेश जी, सही कहा आपने, ऐसी हस्तशिल्प कला को देखकर हमारे पारंपरिक कारीगरों की मेहनत और हुनर का अंदाज़ा होता है।

Rohan Verma@rohan-verma·56 मिनट पहले

अरे वाह, आम की लकड़ी से बनी 20 किलो की घड़ी! सोच रहा हूँ इसे घर ले जाऊँ तो दीवार टिक पाएगी या नहीं। कारीगर नीलकमल की मेहनत की दाद देनी पड़ेगी, इतनी बारीक नक्काशी सचमुच गज़ब है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·55 मिनट पहले

रोहन भाई, दीवार का तो पता नहीं, पर ऐसी भारी घड़ी मैंने पिछले साल सूरजकुंड में ही देखी थी, कारीगर सचमुच कमाल का काम करते हैं।

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