हरियाणा सिविल सेवा यानी एचसीएस परीक्षा 2026 के नतीजे सामने आ चुके हैं, जिनमें कुल 102 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सोनीपत के गोहाना क्षेत्र की रहने वाली ईशा पांचाल ने पूरे राज्य में तीसरा स्थान प्राप्त किया है और उनका चयन एसडीएम के पद पर हुआ है। इस शानदार सफलता के बाद से उनके परिवार के साथ-साथ पूरे इलाके में जश्न का माहौल है। रविवार को उनके सम्मान में एक भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया गया जिसमें स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
गोहाना में निकला विजय जुलूस और हुआ भव्य सम्मान
ईशा की इस बड़ी कामयाबी से उत्साहित होकर गोहाना की ओबीसी समाज संस्था की तरफ से शहर में एक शानदार जुलूस निकाला गया। इस दौरान जगह-जगह लोगों ने ईशा का स्वागत किया और अपनी खुशी का इजहार किया। जुलूस के बाद संस्था के भवन में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया जहाँ ईशा पांचाल को चांदी का मुकुट पहनाकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर समाज के तमाम गणमान्य लोग और परिवार के सदस्य मौजूद रहे जिन्होंने बेटी की इस उपलब्धि पर गर्व महसूस किया।
बिना किसी कोचिंग के घर पर रहकर की सेल्फ स्टडी
ईशा पांचाल की शैक्षणिक पृष्ठभूमि की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज से अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री पूरी की है। इसके बाद उन्होंने प्रशासनिक सेवा की तैयारी के लिए किसी बड़े संस्थान की मदद लेने के बजाय घर पर ही रहकर ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई की। लगातार मेहनत और पक्के इरादे के बल पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। अपनी इस सफलता का पूरा श्रेय उन्होंने अपने माता-पिता और दोस्तों को दिया है।
परिवार की पृष्ठभूमि और संघर्ष की कहानी
ईशा का परिवार एक साधारण और मेहनतकश पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखता है। उनके पिता हरियाणा पुलिस में एएसआई के पद पर सेवा दे रहे हैं जबकि उनकी माता एक गृहिणी हैं। इसके अलावा परिवार में उनकी बड़ी बहन एक क्लर्क के रूप में नौकरी कर रही हैं और उनका छोटा भाई अभी अपनी पढ़ाई पूरी कर रहा है। माता-पिता की प्रेरणा और खुद की कड़ी मेहनत के दम पर ईशा ने यह मुकाम हासिल किया है।
युवाओं के लिए ईशा पांचाल का संदेश
अपनी इस सफलता के बाद ईशा ने उन युवाओं के लिए प्रेरणादायक बातें कहीं जो अक्सर असफलताओं से घबरा जाते हैं। उन्होंने कहा कि अक्सर युवा परीक्षा में नाकामी मिलने पर निराश हो जाते हैं, लेकिन लगातार प्रयास करते रहने से ही सफलता के दरवाजे खुलते हैं। ईशा ने अपनी स्कूली शिक्षा सोनीपत से ही पूरी की थी और बारहवीं कक्षा के बाद उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली का रुख किया था। उनकी मां ने भी मीडिया से बात करते हुए कहा कि आज पूरा समाज उनकी बेटी को बधाई देने आ रहा है और वे अपनी बेटी की इस कामयाबी से बेहद गौरवान्वित महसूस कर रही हैं।
























