आयुर्वेद में अभ्यंग मसाज यानी तेल से पूरे शरीर की मालिश को बेहद लाभकारी बताया गया है, और खासकर छोटे बच्चों व नवजात शिशुओं के लिए यह एक पुरानी परंपरा रही है। भारतीय परिवारों में यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है, और अब गोंडा से सामने आए एक मामले ने इसे एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। गोंडा के आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक कुमार मिश्र का कहना है कि अगर यह मालिश सही तरीके और नियमित रूप से की जाए, तो इसका सीधा असर बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर पड़ता है।
अभ्यंग मसाज से बच्चों को क्या फायदा मिलता है?
डॉ. अभिषेक कुमार मिश्र के मुताबिक अभ्यंग मसाज बच्चों की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करती है। मालिश के दौरान त्वचा पर हल्के हाथों से लगातार पड़ने वाला दबाव खून के बहाव को तेज करता है, और यही बेहतर रक्त संचार आगे चलकर हड्डियों को मजबूती देने का काम करता है। इसी हल्के दबाव से बच्चे को आराम भी मिलता है, इसी वजह से उसकी नींद बेहतर होती है और थकान कम होती है। डॉ. मिश्र बताते हैं कि जो बच्चे नियमित रूप से यह मालिश करवाते हैं, उनका शरीर ज्यादा सक्रिय रहता है, जिससे कुल मिलाकर उनके विकास की रफ्तार भी बढ़ती है।
45 दिन के इलाज में दिखा फर्क, वैद्य ने सुनाया अनुभव
डॉ. अभिषेक कुमार मिश्र ने अपने पास आए एक मामले का जिक्र किया। उनके पास करीब 3 से 4 साल का एक बच्चा लाया गया था, जो जन्म के समय से ही चल नहीं पा रहा था। डॉ. मिश्र ने इस बच्चे को अन्य जरूरी उपचारों के साथ-साथ नियमित रूप से अभ्यंग मसाज भी करवाई। उनके अनुसार करीब 45 दिनों के इलाज के बाद बच्चे की हालत में सुधार दिखने लगा और वह थोड़ा-थोड़ा चलने भी लगा। हालांकि डॉ. मिश्र यह भी साफ करते हैं कि हर बच्चे की स्थिति अलग होती है, इसलिए किसी भी बीमारी में सिर्फ मालिश के भरोसे न रहें, बल्कि विशेषज्ञ की सलाह के मुताबिक ही पूरा इलाज कराया जाए।
परिवार ने बताया, कहां-कहां इलाज कराने के बाद मिली राहत
बच्चे के चाचा उबेद उल्ला खान ने बताया कि उन्होंने बच्चे का इलाज लखनऊ, गोंडा समेत कई जगह करवाया, लेकिन कहीं से भी आराम नहीं मिला। इसके बाद उन्हें डॉ. अभिषेक के बारे में जानकारी मिली। उबेद उल्ला खान के मुताबिक करीब 45 दिन से यहां इलाज चल रहा है और नतीजे उम्मीद से बेहतर मिले हैं। उनका कहना है कि डॉ. अभिषेक के इलाज के बाद बच्चा अब थोड़ा-बहुत चलने लगा है।
मालिश करते वक्त किन बातों का ध्यान रखना जरूरी
डॉ. अभिषेक कुमार तिवारी की सलाह है कि बच्चे की उम्र के हिसाब से ही सही तेल चुना जाए और मालिश हमेशा हल्के हाथों से की जाए। बहुत ज्यादा ठंड या तेज धूप में मालिश करने से बचना चाहिए। अगर बच्चे को पहले से कोई बीमारी या त्वचा से जुड़ी दिक्कत है, तो मालिश शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। मालिश खत्म होने के बाद बच्चे को कुछ देर आराम करने दिया जाना चाहिए। सही तरीके और विशेषज्ञ की निगरानी में की गई अभ्यंग मसाज बच्चों की सेहत के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। लेकिन अगर मामला किसी गंभीर बीमारी या विकास से जुड़ी दिक्कत का है, तो डॉक्टर की सलाह और सही इलाज को ही सबसे पहले प्राथमिकता देनी चाहिए।













