सीतामढ़ी और आसपास के जिलों में इन दिनों एक पारंपरिक औषधि को लेकर चर्चा तेज है, जिसे वैद्य राजेश सिंह पिछले काफी समय से तैयार करते आ रहे हैं. उनका दावा है कि इस दवा की जान 'जंगली प्याज' नाम की एक दुर्लभ जड़ी-बूटी है, जो आम रसोई वाली प्याज से बिल्कुल अलग है.
नेपाल के दुर्गम पहाड़ों से आती है यह जड़ी-बूटी
राजेश सिंह के मुताबिक, यह पौधा नेपाल के ऊंचे और पथरीले पहाड़ी इलाकों में उगता है, जहां तक पहुंचना आसान नहीं है. इसे ढूंढ़ने और जमीन से निकालने में काफी मेहनत और समय लगता है. मिलने के बाद इसे किसी फैक्ट्री या मशीन से नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही पारंपरिक विधि से औषधि के रूप में तैयार किया जाता है.
गठिया और जोड़ों के दर्द में राहत का दावा
वैद्य का कहना है कि यह जड़ी-बूटी खासतौर पर उन मरीजों के लिए फायदेमंद बताई जाती है, जिन्हें शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने से गठिया की शिकायत हो गई हो. इसके अलावा पुराने जोड़ों के दर्द, वात रोग और साइटिका जैसी तकलीफों में भी इसे असरदार बताया जा रहा है. राजेश सिंह के अनुसार, इस औषधि का सेवन करने वाले कई मरीजों ने दर्द से राहत मिलने की बात कही है. हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि इन दावों की पुष्टि किसी स्वतंत्र वैज्ञानिक अध्ययन से अब तक नहीं हुई है.
त्वचा और कान के संक्रमण में भी उपयोगी होने का दावा
सिर्फ जोड़ों और गठिया तक ही यह दावा सीमित नहीं है. राजेश सिंह का कहना है कि यही जड़ी-बूटी पुरानी खुजली और फोड़े-फुंसियों जैसी त्वचा से जुड़ी समस्याओं में भी काम आती है. साथ ही जिन लोगों के कान से संक्रमण के कारण पानी या मवाद बहने की शिकायत रहती है, उनमें भी इस पारंपरिक औषधि के इस्तेमाल की बात कही जा रही है.
सीतामढ़ी में अगले एक-दो महीने मिलेगी सेवा
फिलहाल वैद्य राजेश सिंह सीतामढ़ी और आसपास के इलाकों में मौजूद हैं और अगले एक से दो महीने तक यहीं रहकर लोगों को अपनी पारंपरिक चिकित्सा सेवा देंगे. इस दौरान जो मरीज गठिया, जोड़ों के दर्द या त्वचा संबंधी समस्याओं से परेशान हैं, वे उनसे संपर्क कर सकते हैं.
डॉक्टर की सलाह के बिना इस्तेमाल न करें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय है कि कोई भी जड़ी-बूटी या पारंपरिक इलाज अपनाने से पहले किसी योग्य डॉक्टर या आयुष विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए. यह सावधानी खासतौर पर उन मामलों में और भी जरूरी हो जाती है, जहां बीमारी पुरानी हो या हालत गंभीर हो, क्योंकि बिना जांच के किसी भी औषधि पर निर्भर रहना खतरनाक साबित हो सकता है.













