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पेट दर्द के साथ उल्टी और बुखार दिखे तो न करें लापरवाही, गैस्ट्रो सर्जन ने गिनाए खतरे के संकेतस्वास्थ्य
5 जुल॰ 2026, 11:30 am (45 दिन पहले)· 2

पेट दर्द के साथ उल्टी और बुखार दिखे तो न करें लापरवाही, गैस्ट्रो सर्जन ने गिनाए खतरे के संकेत

फरीदाबाद के अमृता हॉस्पिटल की डॉक्टर जया अग्रवाल के मुताबिक तेज पेट दर्द के साथ उल्टी, बुखार या खून आने जैसे लक्षण दिखें तो इसे गैस-बदहजमी समझकर टालना जान पर भारी पड़ सकता है।

ज्यादातर लोग पेट में उठने वाली हल्की-फुल्की तकलीफ को गैस या बदहजमी मानकर पेनकिलर खा लेते हैं और आराम मिलने का इंतजार करते रहते हैं। फरीदाबाद के अमृता हॉस्पिटल में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल, एचपीबी और लिवर ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. जया अग्रवाल के मुताबिक यह आदत कई बार बहुत भारी पड़ सकती है, क्योंकि अचानक शुरू हुआ तेज पेट दर्द शरीर के भीतर पल रही किसी गंभीर बीमारी का पहला इशारा हो सकता है। अगर दर्द लगातार बढ़ रहा हो, बार-बार लौट रहा हो या उसके साथ उल्टी, तेज बुखार, खून आना या पेट का असामान्य रूप से फूलना जैसी दिक्कतें भी दिखें, तो इसे मामूली समझकर टालना खतरनाक हो सकता है। डॉक्टर की सलाह साफ है, ऐसे संकेत मिलते ही समय गंवाए बिना अस्पताल पहुंचना ही मरीज की जान बचाने का सबसे भरोसेमंद तरीका है।

गैस या बदहजमी सोचकर हर दर्द को नजरअंदाज न करें

डॉ. जया अग्रवाल का कहना है कि हर बार पेट में उठने वाला दर्द गैस या बदहजमी की वजह से नहीं होता। अगर दर्द असहनीय हो या थोड़ी-थोड़ी देर में बार-बार उठ रहा हो तो इसे हल्के में लेने की गलती नहीं करनी चाहिए, क्योंकि यह शरीर के भीतर छिपी किसी गंभीर बीमारी की चेतावनी हो सकती है। वह बताती हैं कि अगर दर्द के साथ उल्टी हो रही हो, उल्टी जैसा महसूस हो रहा हो, दर्द पीठ की ओर बढ़ रहा हो या पेट के निचले हिस्से तक फैल रहा हो तो देर किए बिना तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

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ये लक्षण दिखें तो समझ लें यह मेडिकल इमरजेंसी है

डॉ. जया अग्रवाल के मुताबिक कुछ हालात में पेट दर्द को सीधे मेडिकल इमरजेंसी मानना चाहिए। अगर दर्द अचानक बहुत तेज हो जाए, लगातार बना रहे या बार-बार उठता रहे तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना जरूरी है। इसके अलावा अगर दर्द के साथ तेज बुखार आ जाए, उल्टियां बार-बार हो रही हों, पेट असामान्य रूप से फूल गया हो या मरीज को चलने-फिरने में भी परेशानी होने लगे तो एक पल भी देर नहीं करनी चाहिए। डॉक्टर के अनुसार ऐसे लक्षण शरीर के भीतर किसी गंभीर समस्या के पनपने का साफ इशारा हो सकते हैं।

अचानक वजन घटना और उल्टी में खून आना भी खतरे की घंटी

डॉ. जया अग्रवाल बताती हैं कि अगर पेट दर्द के साथ-साथ बिना किसी कोशिश के वजन लगातार घटने लगे, भूख कम लगने लगे, उल्टी में खून दिखाई दे या मल का रंग काला पड़ जाए तो इसे सामान्य बात मानकर टाला नहीं जा सकता। ऐसे लक्षण इशारा करते हैं कि पेट या आंतों में कोई बड़ी बीमारी धीरे-धीरे विकसित हो रही है। डॉक्टर की सलाह है कि ऐसी स्थिति में घर पर इंतजार करने या घरेलू नुस्खे आजमाने के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए, ताकि समय रहते जरूरी जांच और इलाज शुरू हो सके।

खुद से दर्द की दवा खाकर टालना पड़ सकता है भारी

डॉ. जया अग्रवाल आगाह करती हैं कि बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द की दवा खाकर घर पर आराम का इंतजार करना कई बार खतरनाक साबित हो सकता है। दर्द की दवा थोड़ी देर के लिए तकलीफ कम कर सकती है, लेकिन इससे असली बीमारी छिप जाती है और सही इलाज मिलने में देरी हो जाती है। उनके मुताबिक हर दवा के अपने दुष्प्रभाव होते हैं और आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली दवाएं भी बिना सलाह के बार-बार लेना ठीक नहीं है। अगर पेट दर्द बार-बार परेशान कर रहा है तो खुद दवा लेने के बजाय डॉक्टर को दिखाना ही सही रास्ता है।

पित्त की पथरी से लेकर आंत फटने तक, कई गंभीर बीमारियां जिम्मेदार

डॉ. जया अग्रवाल के मुताबिक अचानक होने वाले तेज पेट दर्द के पीछे कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। पित्त की थैली में पथरी की वजह से उठने वाला तेज दर्द, अग्न्याशय में अचानक आई सूजन, आंत में रुकावट या किसी वजह से आंत का फट जाना जैसी स्थितियां जानलेवा साबित हो सकती हैं। इन बीमारियों में समय पर इलाज न मिलने पर मरीज की हालत बहुत तेजी से बिगड़ सकती है। यही वजह है कि पेट में असहनीय दर्द होने पर इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज करने की गलती नहीं करनी चाहिए।

ऐसे समय हल्का खाना खाएं, घरेलू नुस्खों के भरोसे न रहें

डॉ. जया अग्रवाल सलाह देती हैं कि पेट दर्द के दौरान बहुत ज्यादा तला-भुना, मसालेदार और भारी भोजन खाने से बचना चाहिए। ऐसे वक्त में खिचड़ी जैसा हल्का और आसानी से पचने वाला खाना ही बेहतर रहता है। डॉक्टर का कहना है कि अगर दर्द बार-बार लौट रहा है या लगातार बना हुआ है तो घरेलू उपायों के भरोसे बैठे रहने के बजाय बिना देर किए अस्पताल जाकर डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। सही समय पर मिला सही इलाज ही गंभीर जटिलताओं से बचने का सबसे सुरक्षित तरीका है।

सवाल-जवाब

पेट दर्द को कब गंभीर मानना चाहिए?
अगर दर्द अचानक बहुत तेज हो जाए, बार-बार उठे या उसके साथ उल्टी, तेज बुखार या पेट फूलना जैसी दिक्कतें हों तो इसे गंभीर मानकर तुरंत अस्पताल जाना चाहिए।
यह सलाह किस डॉक्टर ने दी है?
यह जानकारी फरीदाबाद के अमृता हॉस्पिटल में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल, एचपीबी और लिवर ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. जया अग्रवाल ने दी है।
क्या पेट दर्द में खुद से दवा लेना ठीक है?
नहीं, डॉ. जया अग्रवाल के मुताबिक बिना सलाह के दर्द की दवा बार-बार लेने से असली बीमारी छिप सकती है और इलाज में देरी हो सकती है।
अचानक पेट दर्द के पीछे कौन सी बीमारियां हो सकती हैं?
पित्त की थैली में पथरी, अग्न्याशय में सूजन, आंत में रुकावट या आंत का फट जाना जैसी स्थितियां अचानक तेज पेट दर्द की वजह बन सकती हैं।
वजन घटने और उल्टी में खून आने का क्या मतलब हो सकता है?
डॉक्टर के मुताबिक ऐसे लक्षण पेट या आंतों में किसी बड़ी बीमारी के विकसित होने का संकेत हो सकते हैं और इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
पेट दर्द होने पर क्या खाना चाहिए?
डॉक्टर की सलाह है कि तला-भुना और मसालेदार खाना छोड़कर खिचड़ी जैसा हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन लेना चाहिए।
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