बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर खान अपनी फिटनेस और खूबसूरती के साथ-साथ अपनी खास लाइफस्टाइल के लिए भी पहचानी जाती हैं। हाल ही में उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान अपनी दिनचर्या से जुड़ा एक अनोखा राज साझा किया था। उन्होंने बताया कि वह हर रात बिस्तर पर जाने से पहले अपने पैरों के तलवों पर घी से मालिश करती हैं। उनका मानना है कि ऐसा करने से उन्हें रात में बहुत ही बेहतरीन और गहरी नींद मिलती है। इस खुलासे के बाद से ही सोशल मीडिया पर यह सवाल उठने लगा कि क्या वाकई तलवों पर घी लगाने से अनिद्रा की समस्या से राहत मिलती है या यह केवल एक और नया ट्रेंड बनकर रह गया है। इस वायरल बात की सच्चाई को परखने के लिए न्यूट्रिशनिस्ट डॉक्टर भाविका ने एक वीडियो के जरिए इसके वैज्ञानिक और आयुर्वेदिक पक्षों को बेहद सरल तरीके से समझाया है।
यह तरीका बिना किसी नुकसान के दिनभर की थकान को दूर करने और चैन की नींद पाने का एक बेहद आसान और घरेलू उपाय माना जाता है।
अक्सर लोगों के मन में यह भ्रम रहता है कि जिस तरह घी खाने से शरीर को पोषण मिलता है, वैसा ही फायदा त्वचा पर लगाने से भी मिल जाता है। लेकिन न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स डॉ. भाविका के अनुसार यह बात पूरी तरह से एक मिथक है। हमारी त्वचा की ऐसी कोई कार्यप्रणाली नहीं होती जो बाहर से लगाए गए घी या मक्खन के पोषक तत्वों को सीधे अंदर सोख सके। त्वचा केवल बाहरी सुरक्षा और लेयर के रूप में काम करती है। ऐसे में सवाल यह बनता है कि यदि पोषण अंदर नहीं जाता, तो फिर घी लगाने से असल में क्या असर होता है?
इस सवाल का जवाब देते हुए विशेषज्ञों का कहना है कि घी अपने आप में एक बहुत ही प्रभावी और प्राकृतिक मॉइस्चराइजर है। यदि किसी की एड़ियां फटी हुई हैं या पैरों की त्वचा बहुत ज्यादा रूखी महसूस होती है, तो रात के समय घी लगाकर सोने से पैरों का रूखापन खत्म होता है और वे काफी कोमल व मुलायम बन जाते हैं।
यह बात बिल्कुल सही है कि ऐसा करने से नींद बहुत अच्छी आती है। हालांकि यहाँ समझने वाली मुख्य बात यह है कि इसका असली फायदा सिर्फ ‘घी’ की वजह से नहीं मिलता, बल्कि इसके पीछे ‘मालिश’ और प्राचीन आयुर्वेद के नियमों की बड़ी भूमिका होती है। हमारे पारंपरिक आयुर्वेद में पैरों की इस तरह की मालिश को ‘पादाभ्यंग’ नाम दिया गया है। यह सदियों से चली आ रही एक बेहद असरदार और पुरानी परंपरा है। जब कोई व्यक्ति अपने पैरों के तलवों की मालिश करता है, तो शरीर के भीतर दो प्रमुख वैज्ञानिक प्रक्रियाएं एक साथ काम करना शुरू कर देती हैं।
पहली प्रक्रिया शरीर के तापमान से जुड़ी है। जब पैरों के तलवों की हल्की मालिश की जाती है, तो वहाँ की रक्त वाहिकाएं फैल जाती हैं। इसकी वजह से शरीर का मुख्य तापमान धीरे-धीरे नीचे आने लगता है। शरीर के तापमान में यह हल्की गिरावट हमारे मस्तिष्क को एक स्पष्ट संकेत भेजती है कि अब शरीर को आराम करने और शांत होने की जरूरत है।
दूसरी मुख्य वजह यह है कि हल्के हाथों से की गई मालिश हमारे शरीर में तनाव पैदा करने वाले हार्मोन यानी कॉर्टिसोल के स्तर को कम करती है। जब मन का तनाव घटता है और मस्तिष्क शांत होता है, तो व्यक्ति को अपने आप ही गहरी और सुकून भरी नींद का अनुभव होने लगता है।
क्या इस प्रक्रिया में घी का कोई जादुई असर है? बिल्कुल नहीं। इस पूरी प्रक्रिया में घी एक बेहतरीन लुब्रिकेंट के रूप में अपनी भूमिका निभाता है। यदि कोई सूखी त्वचा पर सीधे हाथ से मालिश करेगा, तो इससे घर्षण पैदा होगा और त्वचा खिंचेगी। इसके विपरीत थोड़ा सा देसी घी या गुनगुना तेल इस्तेमाल करने से हाथों की गति बेहद चिकनी और आसान हो जाती है, साथ ही पैरों को जरूरी नमी भी मिल जाती है। यानी स्पष्ट शब्दों में समझें तो असल जादू किसी जादुई घी में नहीं है, बल्कि उस हल्की मालिश, हाथों के स्पर्श की गर्माहट और सोने से पहले की इस नियमित आदत में छिपा है।
यदि आपको भी रात के समय समय पर नींद न आने की समस्या है, मन में लगातार विचार चलते रहते हैं या फिर पूरे दिन की भागदौड़ के बाद भारीपन महसूस होता है, तो आपको भी इस सरल सी आदत को अपनी दिनचर्या में शामिल करके देखना चाहिए। रोज रात को सोने से महज पाँच मिनट पहले थोड़ा सा घी या फिर अपनी पसंद का तेल लेकर तलवों पर प्यार से मालिश करें। यह बिना किसी दुष्प्रभाव के आपकी थकान मिटाने का सबसे किफायती उपाय है।

















