अमेरिकी राज्य न्यू मैक्सिको की एक अदालत ने मार्क जुकरबर्ग की कंपनी मेटा पर अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय दंड लगाया है। स्थानीय अदालत ने तकनीकी दिग्गज को 25 अरब डॉलर यानी लगभग 2.35 लाख करोड़ रुपये अदा करने का निर्देश दिया है। इस फैसले के पीछे मुख्य वजह यह मानी गई कि प्लेटफॉर्म ने अपने उपभोक्ताओं को उनकी निजी जानकारी की सुरक्षा और नियंत्रण को लेकर भ्रामक जानकारियां दी थीं। यह पूरा विवाद डोनाल्ड ट्रंप के साल 2016 के राष्ट्रपति चुनाव प्रचार अभियान के दौरान सामने आए डेटा के दुरुपयोग से जुड़ा हुआ है।
न्यायाधीश की सख्त टिप्पणी और कानूनी प्रक्रिया
जिला अदालत के जज फ्रांसिस जे. मैथ्यू ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि कंपनी का आचरण जानबूझकर किया गया था और इसके अधिकारियों ने बार-बार उपभोक्ताओं को भ्रमित किया। अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि उपभोक्ताओं को यह विश्वास दिलाया गया था कि उनकी व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह सुरक्षित और उनके नियंत्रण में है, जो कि सही नहीं था। राज्य के अटॉर्नी जनरल राउल टोरेज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह आदेश सिलिकॉन वैली के लिए एक कड़ी चेतावनी है और न्यू मैक्सिको इस तरह के मामलों में कंपनियों को जवाबदेह ठहराएगा।
कैम्ब्रिज एनालिटिका प्रकरण और डेटा का दुरुपयोग
इस पूरे कानूनी विवाद की जड़ें उपभोक्ताओं की निजी जानकारियों के अनधिकृत इस्तेमाल में निहित हैं। जांच में सामने आया कि एक थर्ड पार्टी पर्सनैलिटी क्विज के माध्यम से लगभग 8.7 करोड़ लोगों की फेसबुक प्रोफाइल से जुड़ा डेटा एकत्र किया गया था। बाद में यह संवेदनशील जानकारी राजनीतिक परामर्श फर्म कैम्ब्रिज एनालिटिका तक पहुंच गई। इस डेटा का उपयोग साल 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के दौरान मतदाताओं की पसंद और राजनीतिक झुकाव के आधार पर लक्षित विज्ञापन दिखाने के लिए किया गया था।
अदालत में दोनों पक्षों के तर्क और जुर्माना राशि
मुकदमे की सुनवाई के दौरान न्यू मैक्सिको के अधिकारियों ने तर्क दिया कि कंपनी ने निजता के प्रावधानों को लेकर गलत दावे किए और उपभोक्ताओं को गुमराह किया। सितंबर महीने में जूरी ने मेटा को उपभोक्ता संरक्षण कानूनों के 4.3 करोड़ से अधिक उल्लंघनों के लिए दोषी माना था। इसके विपरीत, कंपनी के कानूनी प्रतिनिधियों ने विरोध करते हुए कहा कि राज्य यह साबित करने में असफल रहा कि बयानों से वास्तविक नुकसान हुआ है। बचाव पक्ष ने अधिकतम 3.4 अरब डॉलर का जुर्माना लगाने का आग्रह किया था, जबकि अभियोजन पक्ष ने 35 अरब से 40 अरब डॉलर की मांग रखी थी।
मेटा की प्रतिक्रिया और आगे की अपील
मेटा की ओर से इस भारी भरकम जुर्माने की घोषणा पर तत्काल कोई औपचारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है, हालांकि कंपनी पहले ही इस फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती देने की बात कह चुकी है। कैलिफोर्निया के मेनलो पार्क स्थित इस मुख्यालय वाली कंपनी की तिमाही आय की घोषणा से ठीक पहले यह फैसला आया है। कानूनी जानकारों का मानना है कि अपील की प्रक्रिया लंबी चल सकती है, जिसके चलते जुर्माने की कुल राशि और उस पर लगने वाले ब्याज में बदलाव हो सकता है।
जुर्माने की राशि का उपयोग और पिछला रिकॉर्ड
न्यू मैक्सिको के स्थानीय संविधान के प्रावधानों के अनुसार, उपभोक्ता संरक्षण कानूनों के उल्लंघन से प्राप्त होने वाली जुर्माने की धनराशि को राज्य की शिक्षा प्रणाली के विकास पर खर्च किया जाता है। हालांकि, मेटा द्वारा अपील दायर किए जाने के कारण इस फंड के उपयोग में विलंब हो सकता है। इससे पहले साल 2019 में अमेरिकी फेडरल ट्रेड कमीशन ने भी इसी तरह के मामलों में फेसबुक पर 5 अरब डॉलर का जुर्माना लगाया था। ताजा मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए डेटा सुरक्षा और पारदर्शिता के महत्व को रेखांकित करता है।



















