नोएडा जिला अस्पताल में कैंसर जांच की नई सुविधा
आजकल महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। लेकिन बहुत सी महिलाएं रेडिएशन के डर और जांच की जटिल प्रक्रियाओं की वजह से समय पर टेस्ट कराने से कतराती हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए नोएडा के जिला अस्पताल ने एक नई पहल की है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अशोक कुमार झा के मुताबिक, महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में अक्सर लोक लाज, झिझक और जानकारी के अभाव में महिलाएं इस बीमारी को छिपाए रखती हैं, जिससे यह गंभीर रूप ले लेती है। पहले यह जांच हर जगह आसानी से उपलब्ध नहीं थी और इसमें रेडिएशन का जोखिम भी अधिक होता था।
थर्मल कैमरे से होगी आसान जांच
अस्पताल प्रशासन ने अब ब्रेस्ट कैंसर की पहचान के लिए थर्मल स्क्रीनिंग की आधुनिक तकनीक अपनाई है। इस नई विधि में थर्मल कैमरे की मदद से बेहद आसान तरीके से ब्रेस्ट कैंसर का पता लगा लिया जाता है। सीएमएस डॉ. अशोक कुमार झा ने बताया कि यह एक बेहद सरल प्रक्रिया है जिसमें किसी तरह के रेडिएशन का खतरा नहीं होता। अगर इस स्क्रीनिंग टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है, तो मरीज की स्थिति की पुष्टि के लिए आगे सोनोग्राफी और FNAC जांच भी कराई जाती है। इसके बाद पुष्टि होने पर मरीज का इलाज तुरंत शुरू कर दिया जाता है।
उपचार की सुविधाएं और भविष्य की योजनाएं
जिला अस्पताल में इस बीमारी के लिए ऑपरेशन यानी सर्जरी की सुविधा पूरी तरह उपलब्ध है। ऑपरेशन के दौरान निकाले गए हिस्से को जांच के लिए लैब में भेजा जाता है, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट आने में 8 से 10 दिन का समय लगता है। इस अवधि के दौरान मरीज का घाव ठीक हो जाता है। अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में उनके पास कीमो थेरेपी और रेडियो थेरेपी की सीधे तौर पर सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसलिए ऐसी जरूरत वाले मरीजों को उच्च कैंसर चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया जाता है और उनके लिए आवश्यक दवाएं लिखी जाती हैं। हालांकि, सीएमएस ने उम्मीद जताई है कि जैसे-जैसे अस्पताल में इस बीमारी के मरीजों की संख्या बढ़ेगी, वैसे-वैसे यहां रेडियो थेरेपी और कीमो थेरेपी की सुविधाएं भी जल्द शुरू कर दी जाएंगी।
कमरा नंबर 21 में होगी मुफ्त जांच, इन नियमों का रखें ध्यान
इस सुविधा के शुरू होने से अब अस्पताल आने वाली कोई भी महिला, जिसमें ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण दिख रहे हों या कोई परेशानी महसूस हो रही हो, वह अपनी जांच करवा सकती है। इसके लिए मरीजों को कोई भी शुल्क नहीं देना होगा, यानी यह जांच पूरी तरह मुफ्त है। अस्पताल के कमरा नंबर 21 में यह थर्मल स्क्रीनिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
वहां कार्यरत लैब टेक्नीशियन पूजा ने बताया कि जांच कराने से पहले महिलाओं को कुछ जरूरी बातों का विशेष ध्यान रखना होगा, तभी उनकी जांच की जाएगी। नियम इस प्रकार हैं:
- जांच कराने से ठीक पहले कम से कम एक घंटे का उपवास (फास्ट) होना अनिवार्य है।
- जांच कराने वाली महिला गर्भवती नहीं होनी चाहिए।
- मरीज को जांच के समय किसी भी तरह का बुखार नहीं होना चाहिए।
- महिला अपने बच्चे को स्तनपान (फीडिंग) न करा रही हो।
- धूम्रपान या शराब का सेवन करने वाली महिलाओं के लिए जांच से पहले 24 घंटे का अंतर होना जरूरी है।
- यदि कोई महिला पहले से ही कीमो थेरेपी या रेडियो थेरेपी ले रही है, तो उसकी थेरेपी और इस जांच के बीच कम से कम एक महीने का अंतर होना चाहिए।
यदि कोई महिला इन सभी शर्तों को पूरा करती है, तो वह अस्पताल पहुंचकर तुरंत अपनी मुफ्त जांच करवा सकती है।













