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पटना में कहां मिलेगा सबसे सस्ता और मुफ्त इलाज? जानिए शहर के प्रमुख अस्पतालों की पूरी जानकारीस्वास्थ्य
23 जुल॰ 2026, 2:35 pm (2 दिन पहले)· 0

पटना में कहां मिलेगा सबसे सस्ता और मुफ्त इलाज? जानिए शहर के प्रमुख अस्पतालों की पूरी जानकारी

बढ़ती महंगाई के बीच बिहार की राजधानी में कई ऐसे क्लीनिक और धर्मार्थ संस्थान हैं, जो गरीबों और जरूरतमंदों का मुफ्त या नाम मात्र के शुल्क पर बेहतरीन इलाज कर रहे हैं।

जब भी किसी गंभीर बीमारी का नाम आता है, तो सबसे पहले इलाज के भारी-भरकम खर्च का डर सताने लगता है। महंगाई के इस दौर में प्राइवेट अस्पतालों का बिल चुकाना आम आदमी के लिए बिल्कुल भी आसान नहीं है। लेकिन बिहार की राजधानी पटना में स्वास्थ्य सेवाओं की एक ऐसी उम्मीद भी मौजूद है, जो गरीब और जरूरतमंद तबके के लिए संजीवनी का काम कर रही है। शहर में कई ऐसे क्लीनिक, धर्मार्थ ट्रस्ट और बड़े संस्थान मौजूद हैं, जो नाम मात्र के शुल्क पर या पूरी तरह से मुफ्त में बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करा रहे हैं। इन खास जगहों पर मरीजों को डॉक्टर की महंगी फीस से लेकर जांच और दवाइयों तक के लिए अपनी जेब खाली नहीं करनी पड़ती।

एम्स गोलंबर के करीब पूरी तरह मुफ्त चिकित्सा का विकल्प

पटना में एम्स गोलंबर इलाके के करीब डॉ रमण किशोर एक अनूठी पहल चला रहे हैं। उनके क्लीनिक में प्रवेश करते ही मरीजों की आर्थिक चिंताएं खत्म हो जाती हैं, क्योंकि यहां परामर्श, दवाएं और जरूरी जांच के लिए किसी भी तरह का शुल्क नहीं लिया जाता। लोगों के बीच 'गांव का डॉक्टर' के नाम से मशहूर डॉ रमण किशोर पिछले सात वर्षों से लगातार समाज सेवा में जुटे हैं। इस पूरी अवधि में उन्होंने एक भी मरीज से एक रुपया तक नहीं लिया है और अब तक तिरपन हजार से ज्यादा लोगों को स्वास्थ्य लाभ पहुंचा चुके हैं। मरीजों के लिए यहां ब्लड प्रेशर, मधुमेह (शुगर), हीमोग्लोबिन, ईसीजी और कान-नाक-गले (ईएनटी) से जुड़ी अहम जांचें एकदम निशुल्क उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त, इस जगह पर केवल सामान्य चिकित्सा ही नहीं बल्कि कई विभागों के विशेषज्ञ भी अपनी सेवाएं देते हैं। सोमवार से शुक्रवार की शाम छह बजे से रात आठ बजे तक यहां न्यूरोलॉजी, हड्डी रोग, त्वचा रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग के साथ-साथ नेत्र और ईएनटी विशेषज्ञ अलग-अलग समय सारणी के अनुसार मरीजों को देखते हैं।

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आशियाना-दीघा रोड पर मात्र दस रुपये में विशेषज्ञ परामर्श

चिकित्सा के क्षेत्र में एक और बड़ा नाम डॉ एजाज अली का है, जिनका क्लीनिक पटना के आशियाना-दीघा रोड पर स्थित है। साल 1984 से लेकर आज तक उन्होंने अपनी परामर्श फीस में कोई बदलाव नहीं किया है और आज भी वे महज दस रुपये लेकर मरीजों को देखते हैं। इतनी कम फीस के बावजूद उनके इलाज की गुणवत्ता शहर के महंगे चिकित्सकों से कहीं अधिक बेहतर मानी जाती है। यही वजह है कि सुबह होते ही उनके क्लीनिक के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लग जाती हैं। उनके पास सिर्फ पटना ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार और यहां तक कि दूसरे राज्यों से भी लोग अपनी स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान तलाशने आते हैं। डॉ एजाज अली रोजाना औसतन दो सौ से ढाई सौ मरीजों की जांच करते हैं। वह मरीजों के साथ एक पारिवारिक सदस्य की तरह पेश आते हैं और उनकी बात इत्मीनान से सुनते हैं। ओपीडी के अलावा वह दर्जनों सर्जरी भी करते हैं, और उनके ऑपरेशन का खर्च सरकारी और निजी दोनों तरह के अस्पतालों के मुकाबले काफी कम होता है।

अशोक राजपथ इलाके में खान सर का क्लीनिक

सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं की सूची में पटना कॉलेज के ठीक सामने एनी बेसेंट रोड पर स्थित खान सर का अस्पताल भी शामिल है। यह जगह भी कम खर्च में बेहतरीन इलाज चाहने वालों के लिए एक प्रमुख केंद्र बन चुकी है। दूर-दराज के इलाकों से लोग यहां पहुंचते हैं, क्योंकि यहां भी कई अलग-अलग बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद रहते हैं। दूसरी जगहों की तुलना में इस अस्पताल में जांच का खर्च बहुत कम रखा गया है। मरीजों की सुविधा और भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए अस्पताल प्रशासन ने एक खास नियम लागू किया है। अस्पताल का मुख्य द्वार रोजाना सुबह छह बजे खुल जाता है और ठीक नौ बजे तक मरीजों को टोकन बांटे जाते हैं। इस टोकन प्रणाली के बाद सुबह दस बजे से विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा मरीजों को देखने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। यहां आने वाले मरीजों को सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि उन्हें उसी दिन रजिस्ट्रेशन करवाने और उसी दिन डॉक्टर से मिलकर इलाज शुरू करने की सुविधा आसानी से मिल जाती है।

कंकड़बाग में पच्चीस रुपये से शुरू होने वाली जांच सुविधा

एक तरफ जहां बड़े निजी अस्पतालों में कदम रखते ही हजारों रुपये खर्च हो जाते हैं, वहीं पटना के कंकड़बाग इलाके में मौजूद इनक्योर हॉस्पिटल एक अलग ही मिसाल पेश कर रहा है। यह एक प्राइवेट अस्पताल है, लेकिन यहां इलाज की दरें काफी किफायती रखी गई हैं। अस्पताल का प्रबंधन मरीजों को मात्र पचास रुपये में ओपीडी की सुविधा दे रहा है। इसके साथ ही, खून की जांच हो या फिर एक्स-रे, सभी तरह के टेस्ट काफी कम पैसों में हो जाते हैं। जांच का शुल्क सिर्फ पच्चीस रुपये की न्यूनतम राशि से शुरू होता है। कम खर्च का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि यहां गुणवत्ता से कोई समझौता किया जाता है। इनक्योर हॉस्पिटल में एक बेहद अनुभवी डॉक्टरों की टीम तैनात है जो मरीजों की देखभाल करती है। अस्पताल का इंफ्रास्ट्रक्चर और अंदर मिलने वाली तमाम आधुनिक सुविधाएं किसी भी महंगे और बड़े प्राइवेट अस्पताल को टक्कर देती हैं।

महावीर मंदिर न्यास द्वारा संचालित स्वास्थ्य केंद्र

पटना में स्वास्थ्य के क्षेत्र में महावीर मंदिर न्यास का योगदान भी बहुत बड़ा है। इस ट्रस्ट के अंतर्गत महावीर कैंसर संस्थान, महावीर आरोग्य संस्थान, महावीर नेत्रालय, महावीर वात्सल्य और खास तौर पर बुजुर्गों के लिए महावीर सीनियर सिटीजन हॉस्पिटल का संचालन किया जा रहा है। इन सभी चिकित्सा संस्थानों में मरीजों को काफी कम दाम पर उत्कृष्ट स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं। यहां विभिन्न बीमारियों का इलाज और उनकी जटिल जांचें बेहद रियायती दरों पर की जाती हैं। ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य समाज के उस कमजोर और जरूरतमंद तबके तक उच्च गुणवत्ता वाली मेडिकल व्यवस्था पहुंचाना है, जो आमतौर पर अच्छे इलाज का खर्च नहीं उठा सकता। आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए ये सभी संस्थान किसी बड़े वरदान और बहुत बड़ी राहत की तरह काम करते हैं।

सरकारी अस्पतालों का अहम योगदान

निजी और धर्मार्थ संस्थानों के अलावा, शहर के प्रमुख सरकारी अस्पताल भी जरूरतमंद मरीजों को बड़ी राहत दे रहे हैं। पटना एम्स, पीएमसीएच, आईजीआईएमएस और हृदय रोगों के लिए विशेष आईजीआईसी जैसे अस्पताल हर रोज हजारों लोगों को नई जिंदगी दे रहे हैं। इन सभी जगहों पर ओपीडी से लेकर गंभीर बीमारियों के इलाज और ऑपरेशन तक की सुविधाएं काफी सस्ती दरों पर उपलब्ध हैं। यहां मरीजों को अधिकतर स्वास्थ्य सेवाएं सरकार की तरफ से भारी सब्सिडी पर मुहैया कराई जाती हैं। इसके चलते उन परिवारों को काफी मदद मिलती है जिनकी माली हालत ठीक नहीं है, और वे बिना किसी आर्थिक बोझ के उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवा प्राप्त कर सकते हैं।

सवाल-जवाब

पटना में डॉ रमण किशोर का क्लीनिक कहां स्थित है?
उनका क्लीनिक एम्स गोलंबर इलाके के पास स्थित है, जहां वे पूरी तरह से मुफ्त चिकित्सा और जांच की सुविधा देते हैं।
डॉ एजाज अली मरीजों को देखने की कितनी फीस लेते हैं?
वे साल 1984 से मरीजों से परामर्श के लिए मात्र 10 रुपये की न्यूनतम फीस ले रहे हैं।
इनक्योर हॉस्पिटल में ओपीडी का शुल्क कितना है?
कंकड़बाग स्थित इनक्योर हॉस्पिटल में ओपीडी सुविधा के लिए मात्र 50 रुपये लिए जाते हैं, और जांच 25 रुपये से शुरू होती है।
खान सर के अस्पताल में टोकन कितने बजे मिलता है?
यहां मरीजों को सुबह 6 बजे से लेकर 9 बजे के बीच टोकन बांटे जाते हैं, जिसके बाद 10 बजे से डॉक्टर जांच शुरू करते हैं।
महावीर मंदिर न्यास कौन से प्रमुख अस्पताल चलाता है?
यह ट्रस्ट पटना में कैंसर संस्थान, आरोग्य संस्थान, नेत्रालय, वात्सल्य और सीनियर सिटीजन अस्पताल का सफलतापूर्वक संचालन करता है।
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